Thursday, August 4, 2016

गुडग़ांव के अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने ली अधिकारियो की मीटिंग




गुडग़ांव, 4 अगस्त,2016(abtaknews.com)गुडग़ांव के अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने आज महरौली रोड़ स्थित हेतरी कॉम्प्लेक्स में म्हारा गांव, जगमग गांव योजना, स्मार्ट ग्रिड प्रौजेक्ट तथा नेट मीटरिंग लगाए जाने को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिए। 
म्म्हारा गांव, जगमग गांव योजना की समीक्षा --बैठक में सर्वप्रथम म्हारा गांव,जगमग गांव की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त को बताया गया कि गुडग़ांव में म्हारा गांव, जगमग गांव के प्रथम चरण के तहत फीडर लगाने का कार्य लगभग पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मानेसर डिवीजन में 18 फीडर लगाए जाएंगे जिनमें 16 मानेसर डिवीजन तथा 2 सब-अर्बन डिवीजन के शामिल है। गुडग़ांव जिला में प्रथम चरण के तहत 4 फीडर ढाणा, बाडग़ुर्जर, मानेसर व चिल्लर में लगाए जाने है जिनमें से 3 फीडर लगाए जा चुके है और चिल्लर में फीडर लगाने का काम 15 अगस्त तक पूरा हो जाएगा। प्रथम चरण के पूरा होने से 11 गांवो को लाभ होगा। 
योजना के परिणाम ---इन फीडरों के लगने से ग्रामीणों को अब 12 घंटे की बजाय 18 घंटे बिजली मिलेगी। ये चारो फीडर 11 केवी क्षमता के हैं। इसके अलावा, बिजली की चोरी करने वाले लोगों पर भी नकेल कसने में आसानी होगी। बैठक में बताया गया कि जिन चार फीडरों को प्रथम चरण के तहत लगाया गया है वहां पर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन(टी एन डी) लोसिज़ अपेक्षाकृत कम है। उदाहरण के तौर पर मानेसर में पिछले साल टी एन डी लोसिज लगभग 43 प्रतिशत थे जो कि अब घटकर 30 प्रतिशत हो गए है। और साल के अंत तक 20 प्रतिशत से भी कम होने का अनुमान है। 
योजना के दूसरे चरण में 14 फीडर लगाए जाने का लक्ष्य--बैठक में बताया गया कि म्हारा गांव जगमग गांव के योजना के दूसरे चरण के तहत 14 फीडर लगाए जाएंगे जिनसे गुडग़ांव जिला के 54 गांवों को लाभ मिलेगा। इन फीडरों को लगाने का काम जिला में शुरू हो चुका है और एक मानेसर आईबीपी फीडर लगाया जा चुका है। इस फीडर के लगने से टी एन डी लाइन लोस घटकर 38 प्रतिशत से 28 प्रतिशत तक हो गया है। इस योजना का दूसरा चरण सितंबर अंत तक पूरा किए जाने की संभावना है। दूसरा चरण पूरा होने उपरांत लोगों को 18 घंटे तक बिजली आपूर्ति की जाएगी। 
क्या है योजना--यह योजना जुलाई-2015 में शुरू की गई थी।म्हारा गांव, जगमग गांव योजना के तहत मुख्यत: चार तथ्यों को शामिल किया जाता है। म्हारा गांव, जगमग गांव योजना के तहत गांवो में लो टेंशन एरियल बंच केबल बिछाई जाती है। इसके अलावा, बिजली के मीटर को घरों के अंदर से बाहर शिफ्ट करना, डिफेक्टिव मीटर को बदलना तथा बिजली के नए कनेक्शन देना शामिल है। इसके अलावा, जिन गांवो में टी एन डी लाइन लोसिज 20 प्रतिशत से कम है तथा ग्रामीणों द्वारा 90 प्रतिशत तक बिजली के बिलों का भुगतान किया जा रहा है, इस योजना में शामिल होंगे। 

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गुडग़ांव, 4 अगस्त। सोलर बेस्ड नेट मीटर लगवाने के लिए अभी तक बिजली विभाग को 54 आवेदन प्राप्त हुए है, जिसमें से 12 लो टैंशन अर्थात एलटी नेट मीटर लगा दिए गए है। ये सभी आवेदन गुडग़ंाव शहरी क्षेत्र से प्राप्त हुए है। राज्य सरकार ने सोलर पॉवर प्लांट के संबंध में एक अधिसूचना जारी की है जिसका मकसद है कि हमें अपनी ऊर्जा जरूरत का कम से कम 5 प्रतिशत हिस्सा अक्षय ऊर्जा से प्राप्त करें। 30 किलोवाट या उसे अधिक कनैक्टेड बिजली लोड वाले संस्थानों के लिए अपनी कम से कम 5 प्रतिशत ऊर्जा सोलर पांवर प्लांट से प्राप्त करनी अनिवार्य की गई है।
हमारी रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जरूरतों में ज्यादातर उपकरण ऊर्जा पर आधारित है। सौर ऊर्जा की सबसे अच्छी बात यह है कि यह पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त है। सोलर पैनल लगवाने का लाभ उपभोक्ता को अधिक होगा क्योंकि इससे उनके बिजली के बिलों में भी कटौती होगी और लोगों को बिजली के कट से भी राहत मिलेगी। 
इस प्रणाली पर काम करता है नेट मीटर--नेट मीटरिंग टू-वे प्रोसेस है। इसके माध्यम से व्यक्ति ग्रिड को भी बिजली देगा। नेट मीटरिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब व्यक्ति अपने घर में नही होगा तो सोलर पैनल से उत्पन्न होने वाली बिजली ग्रिड को मिलेगी। छत के ऊपर सोलर पैनल लगाया जाता है, सोलर पैनल से पैदा होने वाली बिजली डायरे1ट करंट (डीसी)होती है इसके बाद एक इंवरटर लगाया जाता है यह इंवरटर डीसी करंट को अल्टरनेटिव करंट(एसी) में बदल कर बिजली को लोड अर्थात यंत्रों के उपयोग हेतू छोड़ दिया जाता है, लोड के उपयोग के बाद बचने वाली बिजली नेट मीटर में छोड दी जाती है इस नेट मीटर के माध्यम से बची हुई बिजली ग्रिड को दी जाती  है।
नेट मीटर से होने वाला लाभ--नेट मीटर से ग्रिड में जाने वाली बिजली को बिजली विभाग 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपभोक्ता से लेता है। नेट मीटर से ग्रिड को बेजी गई बिजली की यूनिट जोडक़र उपभोक्ता के बिजली बिल की वास्तविक यूनिट में से घटाकर ही उसे बिजली का बिल भुगतान करने के लिए उपभोक्ता के पास बेजा जाएगा।  उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति दिन में घर पर नही रहता और सोलर पैनल 5 वाट की बिजली बनाता है और जब व्यक्ति रात को अपने घर में आकर 6 वाट की बिजली का इस्तेमाल करता है तो उसे केवल 1 वाट की बिजली के बिल का भुगतान करना होगा। इस प्रकार, सोलर पैनल बिजली के बिलों मे भी कटौती करता है। 
अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्द्ेश्य से नेट मीटरिंग सोलर प्लांट लगाने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड तथा हरेडा मिलकर काम करेंगे। एलएनटी कंपनी, जीनस तथा सिक्योर द्वारा नेट मीटरिंग उपलब्ध करवाए जाएंगे। जिला में बैटरी ओप्रेटिड सोलर प्लंाट लगाए जाते थे जो लगभग 5 साल तक काम करते थे किंतु नेट मीटरिंग बेस्ड सोलर प्लांट 25 साल तक काम करेगा। अक्षय ऊर्जा विभाग द्वारा सोलर पावर प्लांट लगवाने के लिए घरेलू, सामाजिक संस्थानों व शिक्षण संस्थानो में 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। सोलर फेसिलिटेशन सैंटर में प्रात: 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक कार्यदिवस के दौरान दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड तथा हरेडा के अधिकारीगण मौजूद रहेंगे ताकि लोगों को सोलर प्लांट लगवाने संबंधी सभी क्लीयरेंस एक छत्त के नीचे मिल सके। अधिक जानकारी के लिए सोलर फेसिलिटेशन सैंटर के दूरभाष नंबर 0०124-2571616 पर भी संपर्क किया जा सकता है।    
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गुडग़ांव, 4 अगस्त। गुडग़ांव के अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला के चारों विधानसभा क्षेत्रों की राष्ट्रीय मतादाता सूची को पूर्ण रूप से शुद्ध करने और सभी मतदाताओं के रंगीन पहचान-पत्र बनवाने के लिए बूथ लेवल अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। अगले 15 दिनों के अंदर इस काम को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।उन्होंने आज लघु सचिवालय के सभागार में जिला के सभी बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजरों के साथ बैठक की और उन्हें निर्देश दिए की वे इस कार्य को गंभीरता से ले। गुडग़ांव जिला में पडऩे वाले चारों विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची को त्रुटि रहित बनाने के लिए बूथ लेवल अधिकारी मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। बूथ लेवल अधिकारी परिवार के मुखिया के नाम, पहचान पत्र व मतदाता सूची में दर्ज परिवार के सभी सदस्यों के नामों का मतदाता सूची से मिलान करेंगे, इस दौरान मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि या अन्य जानकारी भी ठीक करा सकते है। इसी के साथ बीएलओं को बताया गया कि प्रफोर्मा नंबर-8 में एक परिवार के सभी सदस्यों के आपसी नाते को भी इस सूची में अंकित करना है।
इसके अतिरि1त परिवार में जिस योग्य व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है तो उसका  नाम सूची में दर्ज करवाएं, यदि मतदाता के परिवार का कोई बच्चा बाहर अर्थात दूसरें राज्य में शिक्षा ग्रहण कर रहा है तो उसका नाम व शिक्षण संस्थान का नाम भी बूथ लेवल अधिकारी को दर्ज करवाना होगा।भारत निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्णय लिया है कि अब सभी मतदाताओं को रंगीन मतदाता पहचान पत्र जारी किए जाने है जिसके लिए मतदाता के 2 रंगीन पासपोर्ट साईज फोटो की आवश्यकता होगी। रंगीन पहचान पत्र बनाने के लिए मतदाता से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।इस अवसर पर उनके साथ चुनाव तहसीलदार नरेश सैनी सहित जिला के सभी बीएलओं और सुपरवाइजर उपस्थित थे।

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