Monday, August 29, 2016

देश में ग्रहण के रूप में है राज्यसभा इसे खत्म कर देना चाहिये - राजकुमार सैनी



फरीदाबाद-29 अगस्त(अबतक न्यूज़ ) अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले बीजेपी के सांसद राजकुमार सैनी ने एक बार फिर से बडा बयान दिया है। श्री सैनी ने कहा कि राज्यसभा देश में ग्रहण के रूप में लगी हुई है जोकि प्रजातंत्र के उपर कुठाराघात है, इसे समाप्त कर देना चाहिये, सैनी आज फरीदाबाद के लघुसचिवालय पर अंादोलनरत गढखेडा गांव के उन दलितों को न्याय का आश्वसन देने पहुंचे जिनके साथ गांव के ही कुछ दंबगों ने मारपीट की थी। जहां उन्होंने राज्यसभा को समाप्त करने की बात कही तो वहीं आरक्षण को लेकर बोलते हुए कहा कि अगर लाठीं डंडों से रास्ता रोककर आरक्षण मिलता है तो सभी जातियों को सौ प्रतिशत आरक्षण दे देना चाहिये।

सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय पर विगत 4 महीने से आंदोलनरत गढखेडा के दलितों का धरना समाप्त करने के लिए भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने पीडितों को आश्वासन देते हुए अपने हाथों से जूस पिलवाकर उनका धरन खत्म कराया। उसके उपरांत लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा है कि हमारे देश की तरक्की में राज्यसभा बाधा बनी हुई है, राज्यसभा देश में एक ग्रहण के रूप में लगी हुई है जोकि प्रजातंत्र के उपर कुठाराघात है। गढखेडा गांव के दलितों के साथ गांव के ही कुछ दबंगों ने मारपीट की थी जिसमें पुलिस ने अपना काम करते हुए कुछ दबंगों को गिरफ्तार भी कर लिया था मगर दलित पुलिस की कार्यवाही से नाखुश थे जिसके चलते उन्हें लघुसचिवालय पर न्याय के लिये धरना देना पडा, जिसे आज राजकुमार सैनी ने आश्वासन देकर समाप्त करवा दिया है। 
इस बारे में धरने पर बैठे गढखेडा के सरपंच वेदसिंह ने कहा है कि उन्हें सैनी के आश्वसन पर पूरा भरोसा है वो अब उन्हें न्याय दिलावाकर ही रहेंगे, इसलिये वो आज से अपना धरना समाप्त कर रहे हैं।
वहीं सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि उन्होंने दलितों को न्याय का आश्वासन देकर धरना समाप्त करवा दिया गया है और ही उन्हें न्याय मिल जायेगा। इतना ही नहीं धरना स्थल पर पहुंचे सैनी ने कहा है कि अगर लाठी डंडों से रास्ता रोककर आरक्षण मिलता है तो सभी जातियों के लिये सौ प्रतिशत आरक्षण दे देना चाहिये ताकि कोई दलित ने रहे और नही कोई दबंग। इतना ही नहीं सैनी ने राज्यसभा को देश के उपर ग्रहण बताते हुए बयान दिया है कि देश की तरक्की  रोकने में सबसे बडा हाथ राज्यसभा का होता है इसे समाप्त कर देना चाहियें, क्योंकि राज्यसभा में प्रतिनिध जनता द्वारा नहीं बिठाये जाते हैं इसलिये जनता को इनकी जरूरत नहीं हैं। इसके लिये उन्होंने 25 जिलों जनसमर्थन से राज्यसभा का विरोध किया है। 
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