Tuesday, August 30, 2016

अरावली हिल के अवैध फार्म हाऊस की कुछ दिवारें तोडक़र नगर निगम ने की खानापूर्ति

         
     
         
       
फरीदाबाद -अगस्त 30,2016(abtaknews.com ) सूरजकुण्ड अरावली हिल में अवैध फार्म हाऊस निर्माण पर एनजीटी द्वारा फरीदाबाद नगर निगम को लगाई गई कड़ी फटकार  के बाद नगर निगम अधिकारियों ने मात्र दो जेसीबी की मदद से अनंगपुर हाइड्रोलिक डेम(बांध) के दोनों तरफ बने अवैध फार्म हाउस की कुछ दिवारों को तोडक़र अपनी खानापूर्ति की। मजेदार बात यह है कि यह पूरी कारवाई मात्र डेढ़ घंटा चली जिसमें दर्जनों अवैध फार्म हाऊस को तोडऩे का दावा नगर निगम द्वारा किया गया। इसके अलावा कुछ अवैध फार्म हाऊस के मुख्य द्वार को ना तोडक़र सिर्फ उसके पीछे की दिवारों को तोड़ा गया जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इस पूरे मामले में ना सिर्फ नगर निगम अपितु पूरा का पूरा प्रशासन इसमें मिला हुआ है। ज्ञात रहे कि सूरजकुण्ड अरावली हिल में अवैध फार्म हाऊस निर्माण पर एनजीटी में पर्यावरण केयर सोसाइटी द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए एनजीटी के मुख्य न्यायाधीश माननीय श्री स्वतंत्र कुमार की बेंच ने फरीदाबाद नगर निगम को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि दो हफ्तो के भीतर जवाब दाखिल करें अन्यथा जुर्माना भरने के लिए तैयार रहें। यह उसी फटकार का नतीजा था कि नगर निगम ने अवैध फार्म हाऊस पर जेसीबी चलाने का मन बनाया लेकिन निगम अधिकारियों ने मुख्य आरोपी नीलकंठ(नीलेश) प्रापर्टी एण्ड डेवेलेपर के मालिक देवेन्द्र पुत्र सरूपा गांव लकड़पुर,फरीदाबाद के अवैध फार्म हाऊस की मात्र दो दिवारों का कुछ भाग गिराया और चलते बने। हैरानी वाली बात तो यह है कि नगर निगम अधिकारी अवैध फार्म हाऊस को छोडक़र ऐसे फार्म हाऊस पर जेसीबी चलाने लगे जोकि एग्रीकल्चरल लैंड में थे। जिसका उन फार्म हाऊस के मालिकों ने कड़ा विरोध किया। पर्यावरण केयर सोसाईटी की अध्यक्ष सीमा शर्मा ने कहा कि भू माफिया बिल्डरों और प्रशासन की मिलीभगत के कारण ही इतनी बड़ी तादाद में जंगल की कटाई तथा अवैध कब्जा कर फार्म हाऊस तथा व्यवसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल कर रहे है। उन्होनें कहा कि भमाफियाओं ने सूरजकुण्ड अरावली हिल में राजा अनंगपाल द्वारा 8वीं सदी में बनाए गए अनंगपुर हाइड्रोलिक ड्रेम(बांध) के दोनों तरफ  फार्म हाऊस बनाकर करोड़ो के वारे न्यारे किए। सीमा शर्मा ने कहा कि राजा अनंगपाल द्वारा बनाया गया यह बांध ऐतिहासिक विरासत है और पुरात्तव विभाग के लिए भी राष्ट्रीय धरोहर है। भूमाफिया बिल्डरों ने यहां बनी किले की दिवारें तोडक़र वहां भी फार्म हाऊस काट दिए। बांध के दोनों और पानी के बहाव को भी रोककर रख दिया है जिस कारण अंनगपुर और सूरजकुण्ड के आसपास के क्षेत्र में पानी का जलस्तर नामात्र रह गया है और सूरजकुण्ड झील भरने का सपना भी सिर्फ सपना बनकर रह गया है।  


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