Tuesday, August 9, 2016

भव्य होगा ऐतिहासिक पंखा मेला, तैयारी शुरू ; - नितिन सिंगला



फरीदाबाद 09 अगस्त,2016(abtaknews.com )शहर का प्राचीन एवं ऐतिहासिक पंखा मेला का आयोजन अद्भुत तरीके से होने जा रहा है। जिसमें 21 झांकियां, 21 बैंड और भव्य रथ जिस पर मातारानी का विशालकाय पंखा विराजमान होगा। रक्षा बंधन के दिन 18 अगस्त को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा करेगें उद्घाटन। मेला प्रबंधन कमेटी तैयारियों में जुट गई है।
प्राचीन पथवारी मंदिर रक्षा बंधन पंखा मेला कमेटी के तत्वाधान में प्रतिवर्ष रक्षाबंधन के दिन आयोजित होने वाले तीन दिवसीय मेले की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो चुकी हैं। कमेटी चेयरमैन शिवशंकर भारद्वाज एवं प्रधान नितिन सिंगला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार 18 अगस्त को पंखा मेले का आयोजन होगा जिसमें पूर्व मुंख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यअतिथी, मेला आयोजन समिति के चेयरमैन वरिष्ठ कांग्रेसी नेता लखन कुमार ङ्क्षसगला ओर समारोह की अध्यक्षता विधायक ललित नागर, मंच संचालन प्रसिद्ध कवि दिनेश रघुवंशी एवं नितिन सिंगला करेगें।
पंखा मेले की मान्यता--- मेला प्रंबधन कमेटी प्रधान नितिन सिंगला ने बताया कि शहर को प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए बरसों पहले 36 बिरादरी ने प्राचीन पथवारी माता मंदिर पर पंखा चढ़ाया था ताकि शहर में दैवीय प्रकोप ना हो, सुख-शांति, वैभव एवं आपसी भाईचारा कायम रहे। इसी मनोकामना के साथ विगत 70 सालों से भी ज्यादा समय से प्रतिवर्ष रक्षा बंधन के दिन पंखा मेले का आयोजन शहरवासी मिलजुलकर करते हैं। मेले का आयोजन प्राचीन पथवारी मंदिर रक्षा बंधन पंखा मेला कमेटी की देखरेख में होता है। मेला कमेटी के चेयरमैन शिवशंकर भारद्वाज, प्रधान नितिन सिंगला, महासचिव जवाहर ठाकुर और कोषाध्यक्ष बालकिशन गोयल के मार्ग निर्देशन में समस्त कमेटी के पदाधिकारी दिनरात तैयारियों में जुटे हुए हैं।
तीन दिन चलता है पंखा मेला-- प्राचीन पंखा मेला रक्षा बंधन के दिन शुरू होकर तीन चरणों में होता है। प्रधान नितिन सिंगला ने बताया कि सर्वप्रथम ओल्ड फरीदाबाद शहर के मुख्य बाजार स्थित प्राचीन माता पथवारी मंदिर में पूजा अर्चना के उपरांत विशालकाय पंखे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है जो शहर में स्थित चार पीर, मंदिर-मसजिद एवं गुरूद्वारों के सामने से धार्मिक धुन बजाते बैंड की टीमों के साथ परिक्रमा करते हुए वापिस देर रात्रि मंदिर में पहुंचती है। उसके उपरांत ईनाम वितरण समारोह पुरानी अनाज मंडी में होता है जिसमें सर्वश्रेष्ठ झांकी, सुंदर प्रस्तुति देने वाले बैंड वालों को सम्मानित किया जाता है। इसके उपरांत स्वांग का आयोजन जिसमें भारतीय लोक संस्कृति की झलक से दर्शक रूबरू होतेे हैं। इसके बाद विशाल दंगल का आयोजन होता है जिसमें दिल्ली एनसीआर के अलावा, अन्य प्रांतों के ख्यातिप्राप्त पहलवान अपने जौहर दिखाते हैं।
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