Wednesday, August 31, 2016

आईआरआईए का कठोर पीसी और पीएनडीटी एक्ट के विरोध में देशव्यापी आन्दोलन तथा कामबंद!



नई दिल्ली (abtaknews.com )पीसी और पीएनडीटी अधिनियम के कठोर प्रावधानों के बावजूद, पूरे भारत में सभी रेडियोलॉजिस्ट पीसी और पीएनडीटी एक्ट को पूरी तरह से पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं ताकि देश में लड़का लड़की का लिंगानुपात बेहतर हो सके! हालांकि, नियमित अंतराल पर, कई ईमानदार रेडियोलॉजिस्ट जिनका गर्भ में लिंग निर्धारण से कोई सम्बन्ध नहीं है, को मामूली लिपिकीय त्रुटियों के लिए पीसी और पीएनडीटी अधिनियम के तहत पीड़ित किया जाता है। इसी निरंतर उत्पीड़न की वजह से, आई आर आई ऐ (IRIA) ने उचित न्याय मिलने तक सभी रेडियोलॉजिकल सेवाएं जिसके गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड भी शामिल है, को उचित न्याय मिलने तक, अनिश्चितकालीन निलंबित करके आंदोलन करने का फैसला किया है।

पीसी और पीएनडीटी अधिनियम के असमान कार्यान्वयन के कारण अल्ट्रासाउंड उपकरण सील कर दी जाती हैं जिसके कारण रेडियोलाजिस्ट अपने आजीविका से वंचित को जाते हैं तथा उनको मामूली लिपिकीय त्रुटियों की वजह से अदालत में आपराधिक कार्यवाही का सामना करना पड़ता है! रेडियोलॉजिस्ट का पीसी और पीएनडीटी एक्ट के अंत्रगत अनुचित तथा असंगत अभियोजन के डर के कारण अल्ट्रासाउंड की  प्रैक्टिस करना असंभव होता जा रहा है!भारत में स्वास्थ्य सेवा, मुख्य रूप से छोटे और मध्यम आकार के निजी मेडिकल सेंटर्स पर निर्भर है, तथा सरकारी स्वास्थ्य सुविधाएं अपर्याप्त हैं। उस के बावजूद, यदि सरकारी अधिकारी ईमानदार रेडियोलॉजिस्ट को परेशान करने का कार्य जारी रखते हैं, तो रेडियोलॉजिस्ट के पास अल्ट्रासाउंड प्रैक्टिस बंद करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं है। एक ईमानदार रेडियोलाजिस्ट बिना किसी गलती के लिए जेल की सजा का सामना क्यों करे?

चूंकि निर्दोष रेडियोलॉजिस्ट को लगातार समुचित अधिकारियों के द्वारा छोटी छोटी लिपिकीय त्रुटियों जिनको कन्या भ्रूण परीक्षण के समतुल्य माना जाता है,  की वजह से लगातार परेशान किया जा रहा है, इसीलिए IRIA ने निर्णय लिया है की कि अगर यह उत्पीड़न शीघ्र बंद नहीं हुआ तो, तो IRIA के सभी सदस्य एक सितंबर 2016 से अखिल भारतीय अनिश्चितकालीन आंदोलन पर चले जायेंगे!

आंदोलन का कार्यक्रम:

1. एक सितंबर, 2016 को समूचे भारतवर्ष में सभी तरह की रेडियोलोजी सेवाएं बंद होंगी!

2. इसके बाद दो सितंबर से सभी अल्ट्रासोनोग्राफी सेवाओं का अनिश्चितकालीन बंद पूरे देश भर में होगा जब तक की रेडियोलाजिस्ट की सभी मांगे पूरी नहीं हो जाती तथा उचित न्याय नहीं मिल जाता आन्दोलन जारी रहेगा!

IRIA की मांगें:

IRIA ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार से आग्रह किया है कि निम्नलिखित मांगें जो को रेडियोलाजिस्ट को परेशान कर रही हैं, जल्दी से पूरा किया जाये:

1. फार्म एफ में लिपिक त्रुटियों / पीसी और पीएनडीटी एक्ट पर नोटिस बोर्ड ना होने/ PNDT किताब न रखने/ एप्रन न पहनने इत्यादि को लिंग निर्धारण तथा आपराधिक आरोप के समकक्ष ना माना जाये!

2. सजा को अपराध की गंभीरता के अनुसार वर्गीकृत किया जाना चाहिए।

3. देश भर में पीसी और पीएनडीटी अधिनियम का समान कार्यान्वयन का मानकीकरण होना चाहिए।

4. अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील नहीं किया जाना चाहिए और रेडियोलॉजिस्ट की चिकित्सा पंजीकरण को मामूली लिपिकीय त्रुटियों पर निलंबित तथा रद्द नहीं किया जाना चाहिए।

5. राजपत्र अधिसूचना दिनांक 5 जून, 2012 जो की रेडियोलाजिस्ट का एक जिले में दो से अधिक सेंटर्स में प्रैक्टिस करने के प्रतिबन्ध के बारे में/रेडियोलाजिस्ट के परिवर्तन तथा अल्ट्रासाउंड मशीन का एक महीने के अग्रिम में समुचित अधिकारीयों को सूचना देने के बारे में है, को गैर अधिसूचित किया जाना चाहिए या उपयुक्त संशोधन किया जाना चाहिए।

6. जब तक मामला कानून की अदालत में साबित ना हो जाये, तब तक पीसी और पीएनडीटी पंजीकरण के नवीकरण से इनकार नहीं किया जाना चाहिए!

7. मामूली लिपिकीय त्रुटियों के कारण हुए मुक़दमे वापिस लेने चाहिए!

जब तक हमारी सभी मांगों का पालन नहीं होगा तब तक देश भर में अल्ट्रासाउंड सेवाओं का निलंबन जारी रहेगा, और अगर जरूरत होगी तो देश के सभी रेडियोलाजिस्ट अपनी सभी रेडियोलॉजिकल सेवाएं अनिनिश्चित्कालीन निलंबित रखेंगे।

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