Tuesday, August 30, 2016

पृथला के पत्थर पर टकराती राजनीती का घमासान



फरीदाबाद - 30 अगस्त 2016(abtaknews.com ) पृथला ब्लॉक कार्यालय से दीपेंद्र हुड्डा के नाम वाला उद्घाटन पत्थर दोबारा से लगा दिया गया है। मंगलवार को जिला प्रशासन की तरफ से ब्लॉक कार्यालय में पत्थर दोबारा से लगाने का काम पूरा किया गया। इस पत्थर के हटाए जाने से कांग्रेसियों में भारी नाराजगी थी। पृथला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक रघुबीर तेवितया के पुत्र एवं यूवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष तरूण तेवतिया के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने इस मुद्दे को उठाया था और जिला प्रशासन से दीपेंद्र हुड्डा के नाम का पत्थर दोबारा से लगाने के लिए कहा था। ब्लॉक कार्यालय में दीपेंद्र के नाम का पत्थर दोबारा से लगने के बाद अब बीजेपी को मूहं की खानी पड़ी है।
उल्लेखनिय है कि पृथला को ब्लॉक का दर्जा मिलने के बाद सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने 2 सितंबर 2012 को पृथला ब्लॉक का उद्घाटन किया था। उस समय उनके नाम का पत्थर ब्लॉक कार्यालय पर लगाया गया था। ब्लॉक कार्यालय की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य 31 अक्टूबर 2013 को शुरू किया गया था। उस समय पूर्व विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने नई बिल्डिंग की आधारशिला रखी थी। पिछले दिनों ब्लॉक कार्यालय की नई बिल्डिंग तैयार होने पर स्थानीय विधायक ने कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से ब्लॉक कार्यालय की बिल्डिंग का उद्घाटन करा दिया था। ऐेसे में दीपेंद्र हुड्डा के नाम का उद्घाटन पत्थर बिल्डिंग से हटा दिया गया था और कृषिमंत्री के नाम का पत्थर बिल्डिंग में लगा दिया था। इससे नाराज कांग्रेसियों ने तरूण तेवतिया के नेतृत्व में प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था कि अगर दीपेंद्र हुड्डा के नाम वाला उद्घाटन पत्थर बिल्डिंग में दोबारा से नहीं लगाया गया तो ब्लॉक कार्यालय पर ताला लगा दिया जाएगा। अल्टीमेटम को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन की तरफ से मंगलवार को ब्लॉक कार्यालय में दीपेंद्र हुड्डा के नाम वाला पत्थर लगा दिया गया है।
तरूण तेवतिया ने कहा कि पृथला को ब्लॉक का दर्ज देने का काम पूर्व की कांग्रेस सरकार द्वारा किया गया था। पृथला क्षेत्र के पूर्व विधायक रघुबीर तेवतिया के प्रयासों से यहां पर ब्लॉक बनाया गया है और सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने उस समय ब्लॉक कार्यालय का उद्घाटन किया था। ऐसे में बीजेपी सरकार ब्लॉक की नई बिल्डिंग का उद्घाटन कर पृथला को ब्लॉक बनाने का श्रेय खुद लेना चाहती है। यही कारण था कि दीपेंद्र हुड्डा के  नाम का पत्थर बिल्डिंग से हटा दिया गया था। अब दीपेंद्र हुड्डा के नाम का पत्थर दोबारा से लग गया है। इससे लोगों को यह जानकारी मिलती रहेगी कि असल में ब्लॉक कार्यालय किसकी देन है।


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