Wednesday, August 17, 2016

उमा भारती ने अफगानिस्तान में वैपकोस के कार्य की सराहना की


केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती ने अपने मंत्रालय के सावर्जनिक प्रतिष्ठान वैपकोस लिमिटेड के कार्यों की सराहना की है। कंपनी द्वारा अफगानिस्तान में सलमा बांध के सफल निर्माण की चर्चा करते हुए सुश्री भारती ने कहा कि इस तरह के कार्य से कंपनी को न केवल नाम और प्रसिद्धि मिलती है बल्कि देश के लिए भी अंतर्राष्‍ट्रीय सद्भाव बढ़ता है। आज नई दिल्ली में कंपनी के लाभांश और बोनस भुगतान के सिलसिले में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि कंपनी आने वाले वर्षों में देश को और प्रतिष्ठा दिलाएगी। 

इससे पहले कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री आर.के. गुप्ता ने सुश्री भारती को 2015-16 के लिए 25.25 करोड़ रुपये का लाभांश चेक भेंट किया। यह 1969 के बाद से सबसे अधिक लाभांश राशि है। मंत्री महोदया को 100.00 लाख रुपये के बोनस शेयर सर्टिफिकेट भी भेंट किए गए। इस तरह कंपनी की प्रदत्त पूंजी बढ़कर 35.00 करोड़ रुपये हो गई। वर्ष 2015-16 के दौरान कंपनी ने अब तक का सबसे अधिक 129.19 करोड़ रुपये का लाभ प्राप्त किया और कंपनी को 1747.46 करोड़ रुपये का नया कारोबार हासिल हुआ। वैपकोस की निवल संपत्ति 362.61 करोड़ रुपये की हो गई है। 

वैपकोस ने मिश्रित 100 का स्कोर हासिल किया है, जो भारी उद्योग और सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय की एमओयू मूल्यांकन प्रणाली के अनुसार प्राप्‍त किये जाने वाला सर्वाधिक अंक है। वैपकोस कुल कारोबार, लाभ, नये व्‍यवसाय, परियोजना क्रियान्‍वयन, उपभोक्‍ता संतुष्टि, मानव संसाधन प्रबंधन जैसे मानकों के अंतर्गत श्रेष्‍ठ रेटिंग के योग्‍य हो गई है। 

कंपनी को अंगोला, अफगानिस्‍तान, बांग्‍लादेश, बेनिन, भूटान, बुर्कीनाफासो, बुरूंडी, कम्‍बोडिया, मध्‍य अफ्रीकी गणराज्‍य, चाड, लोकतांत्रिक गणराज्‍य कांगों, इथोपिया, फीजी, घाना, गिनि कोनाक्री, किनिया, लाओ जन लोकतांत्रिक गणराज्‍य,लेसोथो,लाईबेरिया,मलावी, मालदीप, माली, मंगोलिया,मोजांबिक, म्‍यांमार, नेपाल, नाईजर, नाईजीरिया, फिलिपिन्‍स,रवांडा, सेनेगल,सिएरा, लियोन, दक्षिण सूडान, श्रीलंका, स्‍वाजीलैंड, तंजानिया, त्रिनिदाद और तबागो, टोगो, उगांडा, यमन, जिम्बाब्‍वे जैसे देशों में नया कारोबार मिला है। इससे वैपकोस की अनेक देशों में मौजूदगी बढ़ी है और भारत तथा अन्‍य देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में मदद मिली।

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