Tuesday, August 30, 2016

एमआरआईयू में नैशनल मीडिया कॊनक्लेव का आयोजन, मीडिया से जुड़े मुद्दों पर मंथन



फरीदाबाद-अगस्त 30,2016(abtaknews.com ) मानव रचना इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी (एमआरआईयू) में मंगलवार को मीडिया जगत के जाने-माने नामों ने मीडिया से जुड़े मुद्दे पर गहन मंथन किया। एमआरआईयू के फैकल्टी आफ मीडिया स्टडीज एंड ह्यूमैनिटीज के द्वारा मीडिया कॊनक्लेव का आयोजन किया गया। मीडिया व सोसायटीः चुनौतियों व अवसर आदि विषय पर मीडिया जगत के लोगों ने मंथन किया। 

कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यसभा के पूर्व सदस्य व पायनियर के एडिटर डॊ. चंदन मित्रा पहुंचे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसार भारती के चेयरमैन डॊ. ए.सूर्य प्रकाश पहुंचे। इस मौके पर मानव रचना शैक्षणिक संस्थान (एमआरईआई) के वाइस प्रेसिडेंट डॊ. अमित भल्ला, एमआरईआई के ट्रस्टी डॊ. एम.एम. कथूरिया, एमआरआईयू के वाइस चांसलर डॊ. एन.सी. वाधवा, एमआरयू के वाइस चांसलर व एमआरईआई के एमडी डॊ. संजय श्रीवास्तव मौजूद रहे। 
कार्यक्रम में सभी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॊ. चंदन मित्रा ने कहा कि मीडिया के समक्ष राष्ट्रीय लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए समाज तक सही जानकारी पहुंचाने की चुनौती है। आज के दौर में तकनीकी विकास के साथ मीडिया में काफी बदलाव आया है, लेकिन आज भी परंपरागत म़ीडिया लोगों तक सच्ची जानकारी पहुंचा रही है। तकनीक के इस दौर में तकनीक को पूरी समझ के साथ प्रयोग करना बहुत जरूरी है, न कि केवल जानकारी को सनसनीखेज तरीके से दिखाना। मीडिया जानकारी को ज्ञान में बदलने में अहम भूमिका निभाता है। प्रिंट मीडिया आज भी सबसे ज्यादा विश्वसनीय मीडिया है और आगे भी इसका अस्तित्व कायम रहने वाला है।
वहीं इस मौके पर डॊ. ए. सूर्य प्रकाश ने कहा कि  हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां पर बिना किसी बंदिश के जानकारी का आदान प्रदान होता है और इस दौर में खबरों के विस्तार के लिए भी खुला वातावरण हैं। हाल के समय में आर्थिक रूप से समाज इतना मजबूत हुआ है कि लोगों की अखबार खरीदने की क्षमता है, १६० मीलियन घरों में टीवी हैं और आज के युवाओं के हाथ में खबर प्राप्त करने का माध्यम स्मार्टफोन है। इस दौर में खुद पर नियंत्रण करना बहुत जरूरी है। हम सभी जानते हैं कि आज के दौर में फोन खबर प्राप्त करने का एक मजबूत माध्यम बन गया है। ऐसे में इसको अपनी मजबूती बनाते हुए इसका सही प्रयोग करना जरूरी है।
पहले सैशन में पैनल डिस्कशन का आयोजन हुआ। पैनल में मीडिया के बदलते परिवेश व इससे भारतीय समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की। पैनल में हिंदू की स्ट्रैटिजिक एंड डिप्लोमैटिक एफेयर एडिटर श्री सुहासीनि हैदर, द गार्डियन के संवाददाता रहे श्री अजोय बोस, फर्स्ट पोस्ट.कोम का एडिटर बुद्धावरपु वैंकटेशवर राव मौजूद रहे। इस पैनल डिस्कशन से यह निष्कर्ष निकला कि जर्नलिस्ट को बिना डर के तथ्यों के साथ रह कर सही जानकारी सामने रखनी चाहिए। 
वहीं दूसरे सैशन में सोच के धुंधले होने व मजबूत होने पर पैनल डिस्कशन हुआ। इसकी अध्यक्षता इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मास कम्युनिकेशन के डीजी श्री के.जी.सुरेश ने की। वहीं पैनल में कॊमन कोस के डायरेक्टर व एचटी, बीबीसी व इंडिया टुडे जैसे पब्लिकेशन से जुड़े रहे डॊ. विपुल मुद्गल, संडे गार्डियन के मैनेजनिंग एडिटर श्री पंकज वोहरा व टाइम्स आफ इंडिया के सीनियर एडिटर श्री प्रदीप बाग्ची शामिल रहे। इसके साथ तीसरे सैशन में मीडिया पर नियंत्रण लगाना चाहिए सवाल पर चर्चा हुई। इस सैशन की अध्य़क्षता बीईए के सेक्रेटरी श्री एन.के.सिंह ने की। वहीं पैनल में जीएसआईआर के डायरेक्टर डॊ. मनोज पताइरिया, मिलेनियम पोस्ट के एडिटर श्री दूरबार गांगुली व आजतक के स्पेशल प्रोजेक्ट एडिटर श्री सैय्यद अनसारी शामिल रहे। 
एमआरआईयू एफएमईएच की डीन प्रोफेसर (डॊ.) नीमोधर ने अंत में सभी धन्यवाद करते हुए कहा कि यह कॊनक्लेव जिस उद्देश्य के लिए आयोजित किया गया था वह प्राप्त हुआ है। 

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