Sunday, August 21, 2016

सीएम विण्डो पर प्राप्त शिकायतों का निपटान तत्परता से करें;- मुख्यमंत्री




चंडीगढ़, 21 अगस्त,2016(abtaknews.com)हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि जिला उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन तथा जनसाधारण की मस्याओं के समाधान के लिये अधिक समन्वय के साथ एक टीम के रूप में उत्साह के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीएम विण्डो पर प्राप्त शिकायतों का निपटान तत्परता से करें तथा किसी भी कार्य को लम्बित न रखें। मुख्यमंत्री आज यहां हरियाणा निवास में प्रदेश के उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों की बुलाई गई एक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अभी हाल ही में चुने गए पंचों, सरपंचों की शैक्षणिक योग्यता या अन्य अनिवार्य शर्तों के बारे लगभग 72 शिकायतें प्राप्त हुई हैं और इन शिकायतों का निपटान तत्काल करें ताकि गलत व्यक्ति फण्ड का इस्तेमाल न कर पाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे स्व:प्रेरित आदर्श ग्राम योजना के बारे लोगों को प्रेरित करें और उनके अपने पैतृक गांव अपनाने के प्रति प्रोत्साहित करें। जरूरी नहीं कि इस योजना के तहत आधारभूत संरचना के कार्य हों, बल्कि अन्य नैतिकता के एवं सामाजिक कार्य भी करवाए जा सकते हैं। युवाओं के व्यवहार में बदलाव के कार्य भी करवाए जा सकते हैं, चाहे वह खेल से सम्बन्धित हों या कला एवं संस्कृति से। बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि स्व:प्रेरित आदर्श ग्राम योजना के लिये स्टेट पोर्टल तैयार किया जा रहा है और स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान ग्राम गौरव पट पर ऐसे व्यक्तियों के नाम भी अंकित किये जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष को ‘सर्व हरियाणा, गर्व हरियाणा व पर्व हरियाणा’ के रूप में मनाया जाएगा। प्रदेश की 2.5 करोड़ जनता को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि हरियाणा अपने गठन का स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है तथा यह कार्यक्रम एक जन आंदोलन के रूप में लोगों तक पहुंचना चाहिए। पहली नवम्बर 2016 से आरम्भ होने वाले स्वर्ण जयंती कार्यक्रम की शुरूआत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आने की भी सम्भावना है तथा वे प्रदेश के लोगों को अपना सम्बोधन देंगे। 31 अक्तूबर 2017 तक चलने वाले स्वर्ण जयंती वर्ष के कार्यक्रम का अन्तिम चरण खेल महाकुम्भ के साथ सम्पन्न होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सीमा 31 अगस्त तक बढ़ाने के लिये कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री वी एस कुण्डू को निर्देश दिये कि वे केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मन्त्रालय के अधिकारियों के साथ सम्पर्क कर शीघ्र ही इसकी अनुमति लें। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिये कि बीमा योजना के अन्तर्गत 48 घण्टे के अन्दर-अन्दर फसल खराब होने पर बीमा कम्पनियों को सूचित करना होता है, तभी भरपाई सम्भव हो सकेगी। इसलिये, इस योजना के प्रति किसानों को जागरूक करने की आवश्यकता है। 
इस बात की जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्र्तगत 6.45 लाख किसानों ने बीमा करवाया है तथा 40 प्रतिशत बुआई क्षेत्र को कवर किया गया है। आगामी रबी फसल में गेहूं, सरसों, जौ व चना जैसी चार अन्य फसलों को भी शामिल किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जिन स्थानों पर स्थायी रूप से जलभराव की समस्या है, उन स्थानों पर प्राकृतिक झील स्थापित करने की सम्भावनाएं तलाशी जाएं। इससे जलभराव की समस्या का समाधान होगा और इस पानी का उपयोग डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सिंचाई व अन्य आवश्यकताओं के लिये किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि डी प्लान के अन्तर्गत आबंटित फण्ड का पूरा उपयोग किया जाए और इसके लिये सम्बन्धित प्रतिनिधियों की नियमित बैठकें बुलाई जानी चाहिए। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि वर्ष 2016-17 के बजट में डी प्लान के अन्तर्गत 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सडक़ दुर्घटनाएं कम से कम हों, इसके लिये जिला सडक़ सुरक्षा परिषद की बैठक समय-समय पर आयोजित की जानी चाहिए तथा सडक़ सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उपायुक्तों एवं पुलिस अधीक्षकों को संयुक्त रूप से जनप्रतिनिधियों व पंचायतों के साथ नियमित बैठकें करनी चाहिए और लोगों में सामाजिक समरसता का संदेश देना चाहिए। बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि हरियाणा पुलिस ऑपरेशन ‘संजय’ के तहत 31 दिसम्बर 2016 तक प्रमुख स्थानों पर 1.50 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर कार्य कर रही है। इस बात की भी जानकारी दी गई कि प्रतिदिन 30 सडक़ दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें से 12 दुर्घटनाएं घातक होती हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों या अन्य जिला प्रमुख सडक़ों पर चिह्नित दुर्घटना सम्भावित क्षेत्रों के चार-पांच किलोमीटर भाग को दुर्घटना मुक्त क्षेत्र बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसमें जनता का सहयोग भी लिया जाना चाहिए। 
पुलिस महानिदेशक डॉ० केपी सिंह ने मुख्यमंत्री को इस बात से अवगत करवाया कि आपके दिशा-निर्देशानुसार मामलों के पंजीकरण तथा अनुसंधान विंग को अलग-अलग किया जा रहा है। पुलिस कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है तथा अगले सप्ताह से पंजीकरण विंग पुलिस थानों के मेन गेट पर अलग से एक डैस्क स्थापित कर कार्य करना आरम्भ कर देगा।उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप शैक्षणिक संस्थानों में वर्तमान सत्र से छात्र संघ चुनाव करवाने का निर्णय लिया है और इसे स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से करवाने में जिला प्रशासन के अधिकारियों की अहम भूमिका होती है। इसके लिये हमें विशेष रूप से पुलिस प्रशासन को अभी से तैयारी करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्म पंजीकरण, विवाह पंजीकरण तथा मृत्यु पंजीकरण को अनिवार्य किया जाना चाहिए। इससे जनगणना के कार्य में सुविधा होती है। नवजात शिशु के जन्म के साथ ही आधार पंजीकरण में हरियाणा देश में अग्रणी है। उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिये कि नागरिक अस्पतालों व निजी अस्पतालों के डॉक्टरों के साथ नियमित बैठकें करें और 21 दिनों के अन्दर-अन्दर नवजात शिशु का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करवाएं।
बैठक में इस बात से अवगत करवाया कि पहली नवम्बर 2016 तक प्रदेश के आठ जिलों को केरोसीन फ्री जिला बनाया जा रहा है तथा पूरे प्रदेश को 31 मार्च 2017 तक केरोसीन फ्री राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिये उचित मूल्य की दुकानों पर पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इस बात की भी जानकारी दी गई कि 31 मार्च 2017 तक 1563 ग्राम सचिवालय स्थापित किये जा रहे हैं तथा प्रथम चरण में 627 ग्राम सचिवालयों को पूर्ण रूप से संचालित किया जाएगा। इसके अलावा 200 गांवों को पहली नवम्बर 2016 तक वाईफाई स्मार्ट गांव घोषित किया जाएगा।
बैठक में इस बात की जानकारी दी गई कि महारा गांव-जगमग गांव योजना के तीसरे चरण में सितम्बर 2016 के दौरान 250 अन्य फीडरों को कवर किया जाएगा। योजना के प्रथम व द्वितीय चरण काफी सफल रहे हैं तथा 200 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति 15 से 18 घण्टे बढ़ाई गई है। इस बात की भी जानकारी दी गई कि बिजली वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के कार्य पर आगामी तीन वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।बैठक में मुख्य सचिव श्री डी एस ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, के अलावा सभी मण्डलायुक्त, पुलिस आयुक्त रेंज, अन्य विभागाध्यक्ष व सभी जिलों के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

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