Sunday, August 21, 2016

फरीदाबाद में माइंड थैरेपी की जानकारी देते न्यूरो सर्जन डॉ. पी के झा


फरीदाबाद(abtaknews.com ) एनआईटी स्थित नगर निगम सभागार में माइंप थैरेपी के जरिए आंख बांध कर चीजों को पहचानने से लेकर खतरनाक बीमारियों को ठीक करने की कला स्कूल के बच्चों, प्रिंसिपल और डॉक्टर को सिखाई गई। पेशे से न्यूरो सर्जन व हैल्थी हैप्पी लाइफ के डॉ. पी के झा ने लाइव माइंड थैरेपी के जरिए यह साबित किया कि महाभारत में संजय द्वारा युद्ध का वृतांत धृतराष्ट्र को सुनाने की घटना कोई कोरी कल्पना नहीं है। यह आज भी संभव है। माइंड पर कंट्रोल कर उसे विकसित किया जा सकता है। इसका आयोजन सेक्टर-17 स्थित ब्रेनीमैक्स ने किया था। आयोजन में अनीश वर्मा और तरुण भाटिया ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।
उन्होंने बच्चे के आंख पर पट्‌टी बांध कर चीजों को पहचानने की कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सभी बीमारियों का जड़ माइंड है। पहले माइंड से निगेटिव होना शुरू करते हैं। मरीजों को देखते समय इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि अगर माइंड को कंट्रोल किया जाए तो कई गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है। इस पर रिसर्च शुरू किया। इसके सुखद परिणाम सामने आने लगे। अब इसे स्कूली बच्चों, प्रिंसिपलों व डॉक्टरर्स को जागरूक किया जा रहा है। माइंड के माध्यम से भय व विश्वास पनपता है। भय से तनाव, कब्ज, ब्लड प्रेशर हाई, पेन व माइग्रेन, हार्ट अटैक, डायबिटीज, स्ट्रॉक आदि जैसी बीमारियां होती है। शुरूआत में जब डॉक्टरी जांच होती है तो सबकुछ नॉर्मल से दिखता है। लेकिन आठ से दस गुजरने के बाद बीमारियां शुरू हो जाती है। इसे पहले ही रोका जा सकता है। डॉ झा के अनुसार माइंड थैरेपी के जरिए योग आदि के प्रभाव को भी जाना जा सकता है। इस मौके पर अनादि सेवा प्रकल्प के प्रणव शुक्ला, सर्वेश पांडेय, विक्की कुमार, सरोज, पप्पू त्रिपाठी आदि उपस्थित थे।

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