Friday, August 12, 2016

सामूहिक बलात्कार पीडिता की न्याय की गुहार, चार महीने बीते , करेगी आत्मदाह



फरीदाबाद-12 अगस्त,2016 (अबतक न्यूज़ ) कानूनी तिकडमबाजी में फंसी सामूहिक बलात्कार पीडिता की न्याय के लिए गुहार, पुलिस मामल दर्ज नही कर रही है। चार महीने से परेशान पीडितों ने आत्मदाह की धमकी दी है। पीडिता की मदद करने वाले एडवोकेट पत्रकार को आरोपियों और पुलिस ने मिलकर झूठे मामले में फंसाने का कुप्रयास  किया है। 
भोपानी थाने के अंतर्गत भोपानी मोड़ स्थित कालोनी के प्लॉट नंबर 98 में रहने वाली सुनीता पत्नी रामचंद को गत 31 अक्टूबर, 2015 में खेड़ी निवासी रामपाल व प्रवीन जमीन दिखाने के बहाने मथुरा ले गए जहां दोनों ने एक होटल में सुनीता के साथ सामूहिक बलात्कार किया। पीडिता जान से मारने की धमकी और समाज एवं अपने बच्चों की खातिर चुप रही लेकिन जब आरोपी उल्टा उसकी दुष्कर्म की घटना की सीडी बनाकर उसे दिखा दिखाकर ब्लैकमेल करने लगे तो महिला ने परेशान होकर 10 मई से लेकर 22 मई, 2016 तक पुलिस आयुक्त फरीदाबाद को लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई का निवेदन किया तो  पीडिता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के न ाम पर महिला पुलिस थाना की एएसआई माया रानी ने 25 हजार रूपये की मांग की पीडिता ने उसे 5 हजार रूपये देकर और पैसे ना दे पाने की असमर्थता जताई,  रूपये पूरे नही मिलने से गुस्साई एएसआई माया रानी आरोपियों से मिल गई ओर उसके परिवार वालों पर राजीनामे के लिए दबाव बनाने लगी।
इस सारे मामले में पीडिता की मदद कर रहे एडवोकेट पत्रकार मोहन तिवारी को उक्त आरोपियों और महिला एएसआई ने मिलकर एक झूठे केस में फंसाने का प्रयास जिसमें मोहन तिवारी को जमानत मिल गई। बलात्कार पीडिता ने 8 अगस्त, 2016 को पुलिस आयुक्त डॉक्टर हनीफ कुरैशी को फिर से शिकायत दी जिसमें उसने न्याय की गुहार करते हुए आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का निवेदन किया है। बलात्कार पीडिता ने कहा कि आरोपी उक्त अश£ील सीडी को उसके बच्चों को दिखाते हैं और आते जाते रास्ते में रोककर भला बुरा कहते हैं जिससे दुखी होकर पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर उच्च अधिकारियों से शिकायत की है। आरोपियों ने पीडिता का जीना हराम कर रखा है। यदि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाही नही कि तो वह पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने ही आत्मदाह कर लेगी।
क्या कहती हैं महिला पुलिस थाना प्रभारी सुशीला-- यह मामला मथुरा में घटित होने के चलते हमने पीडिता की शिकायत को उत्तरप्रदेश के मथुरा जिले की पुलिस को भेज दिया है। जिसपर पीडित महिला मथुरा की बजाय फरीदाबाद में कार्रवाई चाहती है। लेकिन इस मामले में जब तक मथुरा पुलिस उक्त कार्रवाई को फरीदाबाद पुलिस को नही भेजती तक तक यह संभव नही।


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