Tuesday, August 30, 2016

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में आज 9 विधेयक पारित



चंडीगढ़, 30 अगस्त,2016(abtaknews.com ) हरियाणा विधानसभा के चल रहे मानसून सत्र के दौरान आज 9 विधेयक पारित किए गए। हरियाणा सेवा का अधिकार (संशोधन) विधेयक 2016    इन विधेयकों में हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 को आगे संशोधित करने के लिए हरियाणा सेवा का अधिकार (संशोधन) विधेयक 2016 पारित किया गया है। इस अधिनियम का उद्देश्य आवेदकों के उत्पीडऩ को कम करने के लिए और विशेष समय-सीमा में दूसरी और तीसरी अपील पर निर्णय लेने के लिए समय अवधि का निर्धारण करना है। इसके लिए हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम (संशोधन) विधेयक, 2016 को हरियाणा विधानसभा की मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया गया। इस अधिनियम के अनुसार, यदि पदाभिहित अधिकारी प्रार्थना पत्र प्राप्त नहीं करता और उसकी प्राप्ति नहीं देता तो प्रार्थी अपना प्रार्थना पत्र प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी के कार्यालय में जमा करवा सकता है। 
 द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकरण, अपील के प्राप्त होने की तिथि से जहां तक सम्भव हो सके अपील पर निर्णय 60 दिन की अपेक्षा 30 दिन में करेंगे, आयोग अपील पर निर्णय 30 दिन के अन्दर करेगा। 

हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (द्घितीय संशोधन)विधेयक, 2016,    
 हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2006 को आगे संशोधित करने के लिए हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन)विधेयक, 2016 विधानसभा में पारित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को उच्चतर शिक्षा में बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों की संरचना और विस्तार की आवश्यकता है। उच्चतर शिक्षा में विद्यार्थियों की अप्रत्याक्षित वृद्धि को समायोजित करने और 30 प्रतिशत सकल नामांकन अनुपात प्राप्त करने के लिए हमें सभी स्तरों पर वर्ष 2020 तक संस्थाओं की संख्या में मोटे तौर पर दोहरी वृद्धि करने की आवश्यकता है। उच्चतर शिक्षा के इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार का हस्ताक्षेप पर्याप्त नहीं होगा। इसके निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रमुख रूप से शामिल करने की आवश्यकता है। 
 विश्वविद्यालय की स्थिर प्रगति और शैक्षणिक विकास के लिए यह प्रस्तावित है कि निजी विश्वविद्यालय में कुलपति की अवधियों की संख्या पर कोई उच्च सीमा/प्रतिबंध नहीं होना चाहिए। कुलपति 70 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक तीन वर्ष की अवधि के बाद भी पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र होंगे, यदि कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय के दीर्घकालिक शैक्षणिक व अनुसंधान के मानकों को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अतिरिक्त, हरियाणा निजी विश्वविद्यालय अधिनियम 2006 में निहित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए स्टारैक्स  विश्वविद्यालय गुडग़ांव की स्थापना के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है।     

न्यायालय फीस (हरियाणा संशोधन) विधेयक, 2016
 न्यायालय फीस अधिनियम,1870 हरियाणा राज्यार्थ को आगे संशोधित करने के लिए न्यायालय फीस (हरियाणा संशोधन) विधेयक, 2016 विधानसभा में पारित किया गया। इसका उद्देश्य  हरियाणा में न्याय वितरण प्रणाली को कागज रहित और परेशाानी मुक्त बनाने के लिए कोर्ट फीस के लिए ई-स्टाम्प की प्रणाली शुरू करना है। यह प्रणाली पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़, केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के साथ ही सभी जिला न्यायालयों व पंजाब-हरियाणा राज्य के उप सम्भागीय न्यायालय में आरम्भ किया जाएगा। नागरिकों की सुविधा और उनका अमूल्य समय बचाने के लिए, कोर्ट फीस की टिकटों एवं न्यायिक स्टॉम्प की कमी की कठिनाई के निराकरण के लिए 24 घंटे अदालत की फीस को उपलब्ध करवाने के लिए आनलाइन भुगतान तंत्र विकसित करना है। 

श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विधेयक, 2016
     श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र विधेयक, 2016, विधानसभा में पारित किया गया। हरियाणा में प्राचीन चिकित्सा के प्रभाव और उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न कॉलेजों, सस्थानों की सम्बद्धता, प्रबंधन और नियंत्रण के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर सहित विभिन्न कोर्सों के पाठ्यक्रम और सर्टिफिकेट कोर्सों और परीक्षाओं का संचालन कराने, डिग्री एवं डिप्लोमा प्रदान करने, अनुसंधान को बढ़ावा देने और आयुष प्रणाली के विकास के लिए यहां एक विश्वविद्यालय की स्थापना की तत्काल आवश्यकता है। श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र की स्थापना मानव जाति के लिए, विशेष रूप से हरियाणा के लोगों के लिए लाभप्रद होगा। 


हरियाणा विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2016
मार्च, 2017 के 31वें दिन  समाप्त होने वाले वित्त वर्ष के दौरान सेवाओं के लिए  हरियाणा राज्य की संचित निधि में से किन्ही और राशियों के भुगतान व विनियोग का प्राधिकार देने के लिए हरियाणा विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2016 आज विधानसभा में पारित किया गया। यह बिल वर्ष 2016-17 के लिए राज्य सरकार को राज्य की संचित निधि में से 2842,24,32,759 रुपये निकालने के लिए प्राधिकृत करता है।  इस विधेयक को वित्त वर्ष, 2016-17 के खर्च के लिए विधानसभा द्वारा किए गए अनुपूरक अनुदानों को पूरा करने के लिए हरियाणा राज्य की संचित निधि में से अपेक्षित राशियों के विनियोग हेतु उपबंध करने के लिए पेश किया गया।

हरियाणा विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय विधेयक, 2016
हरियाणा में कौशलता, उद्यमिता, विकास विनिर्माण, कपड़ा, डिजाइन, संभार-तंत्र तथा परिवहन, स्वचलन, रख-रखाव इत्यादि के उभरते क्षेत्रों में कौशल आधारित शिक्षा तथा अनुसंधान को सुगम व उन्नत करने के अतिरिक्त, उपरोक्त क्षेत्रों से सम्बन्धित विभिन्न क्षेत्रों में कौशल स्तर को बढ़ावा देने और उससे सम्बन्धित या उनसे आनुषंगिक मामलों के लिए कौशल विश्वविद्यालय स्थापित व निगमित करने के लिए इस विधेयक को पारित किया गया है। 
उद्योग के लिए कुशल मानव शक्ति की आवश्यकता को प्राप्त करने के लिए तथा उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने हरियाणा कौशल विकास मिशन स्थापित किया है। तकनीकी शिक्षा विभाग को राज्य में कौशल विकास के लिए नोडल विभाग के रूप में मनोनीत किया है। राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम सकल भर्ती अनुपात तथा कौशल लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें सभी स्तर पर संस्थानों की संख्या को और बढ़ाने की आवश्यकता है। 

हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) विधेयक, 2016
 हरियाणा विधि अधिकारी (विनियोजन) विधेयक, 2016 को पारदर्शी उचित तथा निष्पक्ष नीति में महाधिवक्ता के कार्यालय में विधि अधिकारियों के विनियोजन की पद्धति के लिए तथा उससे सम्बधित तथा उनसे आनुसंगिक मामलों के लिए उपबन्ध करने के लिए इस विधेयक को पारित किया गया है।   राज्य सरकार की ओर से मामलों का संचालन करने के लिए सहायता करने हेतु विभिन्न प्रवर्गों के विधि अधिकारी महाधिवक्ता को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायलय, भारत के उच्चतम न्यायालय और अधिकरण सहित अन्य न्यायालयों में लगाए जाते हैं। वर्तमान में ऐसे विधि अधिकारियों के चयन और नियोजन के लिए कोई भी संवैधानिक उपबन्ध, नियम, नीति और मानदण्ड नहीं हैं। इसलिए वादी के रूप में राज्य तथा उसकी प्रतिरक्षा के लिए विधि अधिकारियों की जरूरत निर्धारण करने की प्रणाली हेतु तथा प्रत्येक प्रवर्ग में पारदर्शिता, न्यायसंगत तथा उद्देश्य रीति में उनके नियोजन व चयन के लिए उपबन्ध करने की आवश्यकता है, इससे वकील तथा मुवक्किल के बीच सम्बंध के दृष्टिगत विश्वास तथा भरोसा बन सकेगा। 

हरियाणा विधानसभा (सदस्य सुविधा) संशोधन विधेयक, 2016
    हरियाणा विधानसभा     (सदस्य-सुविधा) अधिनियम, 1979 को आगे संशोधित करने के लिए हरियाणा विधानसभा (सदस्य सुविधा) संशोधन विधेयक, 2016 को विधानसभा में पारित किया गया। 
    वर्तमान में हरियाणा विधानसभा के सदस्यों को गृह की बड़ी मरम्मत, परिवर्धन अथवा परिवर्तन करने के लिए एक लाख 75 हजार रुपये की राशि हरियाणा विधानसभा (सदस्य- सुविधा) अधिनियम, 1979 के प्रावधान अनुसार अग्रिम तौर पर दी जा सकती है। 
    जीवनोपयगी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के दृष्टिगत सरकार ने निर्णय लिया है कि गृह की बड़ी मरम्मत के लिए एक लाख 75 हजार रुपये की राशि को बढ़ाकर 10.00 लाख गृह की बड़ी मरम्मत, परिवर्धन अथवा परिवर्तन के लिए कर दिया जाए बशर्ते कि गृह निर्माण अग्रिम की मूल राशि 50.00 लाख रुपये से अधिक न हो। 

हरियाणा राज्य विधानमण्डल (निर्हरता निवारण) संशोधन विधेयक, 2016 
हरियाणा राज्य विधानमण्डल (निर्हरता निवारण) अधिनियम, 1974 को आगे संशोधित करने के लिए हरियाणा राज्य विधानमण्डल (निर्हरता निवारण) संशोधन विधेयक, 2016 को विधानसभा में पारित किया गया। 
    वर्तमान में हरियाणा राज्य विधानमण्डल (निर्हरता निवारण) अधिनियम, 1974 की धारा 3 में कुछ कार्यालयों में लाभ के पद पर रहते हुए हरियाणा राज्य की विधानमण्डल का सदस्य निर्वाचित होने पर उसके धारक को अयोग्य घोषित नहीं होने देता। सरकारी मुख्य सचेतक और विपक्ष के नेता के कार्यालयों को उक्त अधिनियम में शामिल नहीं किया गया है व सुविधाएं जो विधान सभा के अन्य सदस्यों को प्राप्त हैं, उन्हें प्रदान की गई हैं। 
    सरकारी मुख्य सचेतक और विपक्ष के नेता के कार्यालयों को उक्त अधिनियम में शामिल करने के लिए धारा 3 की उपधारा 2 के खंड (घ) और (ड़) में सम्मिलित करने का प्रस्ताव है। 

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