Saturday, August 27, 2016

देशव्यापी हडताल में देश के 20 करोड कर्मचारी रहेंगे हडताल पर, तैयारियां शुरू



फरीदाबाद(abtaknews.com ) 2 सितबंर को होने वाली देशव्यापी हडताल को लेकर कर्मचारियों ने कमर कसना शुरू कर दिया है, जिसके लिये आज फरीदाबाद में जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया है और 2 सितंबर को होने वाली देशव्यापी हडताल के लिये भूमिका तैयार की। बताया जा रहा है कि इस हडताल में पूरे देश के करीब 20 करोड कर्मचारी हडताल पर रहेंगे तो वहीं हरियाणा से लगभग 5 लाख कर्मचारी हडताल में हिस्सा लेकर जनसुविधाओं को ठप कर सरकार को अपना शक्ति प्रदर्शन दिखायेंगे।
देशव्यापी हडतालों की नाकामयाबी के बाद सर्व कर्मचारियों ने 17 वीं देशव्यापी हडताल की तैयारियां शुरू कर दी है, 2 सितबंर को होने जा रही है देशव्यापी हडताल को लेकर पूरे देश के अलग अलग शहरोंं भूमिका तैयार की जा रही है, तो वहीं फरीदाबाद के सर्व कर्मचारियों ने आज जिला स्तरीय बैठक कर 2 सिंतबंर के लिये प्लान तैयार किया। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा प्रदेश के नेता सुभाष लांबा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए पत्रकारों को जानकारी दी है कि भाजपा सरकार कांग्रेस के नक्से कदम पर चल रही है, कर्मचारियों द्वारा लगातार किये जा रहे प्रदर्शनों के बाद भी कर्मचारियों के हितों के लिये कोई भी फेंसला नहीं लिया जा रहा है, जिससे गुस्साये कर्मचारियों ने देशव्यापी हडताल का ऐलान किया है जिसको लेकर पूरे देश में भूमिका बनाई जा रही है। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पूरे देश के करीब 20 करोड कर्मचारी हडताल पर रहेंगे तो वहीं हरियाणा से करीब 5 लाख कर्मचारी हडताल में शामिल होकर सरकार को अपना शक्ति और एकता का प्रदर्शन दिखायेंगे। 2 सितबंर को हरियाणा पूरी तरह से बंद रहेगा क्योंकि रोडवेज कर्मचारी, सरकारी स्कूल अध्यापक, बिजली कर्मचारी व अन्य सरकारी विभागों कर्मचारी हडताल पर रहेंगे। सुभाष लांबा ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर देशव्यापी हडताल के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन का विगुल बजायेंगे।
हरियाणा ज्वाइंट एक्षन कमेटी पावर के वरिष्ठ सदस्य व सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव  सुभाष लांबा कहा कि केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों व केन्द्र एंव राज्य सरकार के कर्मचारी संघों की फेडरेशनों के आहवान पर होने वाली दो सिंतबर की राष्ट्र्रव्यापी हड़ताल में २५००० से अधिक बिजली कर्मचारी शामिल होगें। उन्होनें यह घोषणा आज चिमनी बाई धर्मशाला सर्कल सचिव अशोक कुमार की अध्यक्षता में ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशनज वर्कर यूनियन के  जिला स्तरिय कार्यकर्ता स मेंलन को संबोधित करते हुए की। 
प्रांतिय उप प्रधान सतपाल नर्वत द्वारा संचालित इस स मेलन में एनआईटी ,ओल्ड, गे्रटर फरीदाबाद व बल्लभगढ़ यूनिटों में कार्यरत सैकडों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और सर्व स मति से पारित किए गए प्रस्ताव में दो सितंबर की हड़ताल में  बढ़-चढ़ कर भाग लेने का निर्णय लिया। स मेलन में इस हड़ताल की बिजली निगमों में सफतला सुनिश्चित करने के लिए  २९ अगस्त से एक सिंतबर तक बिजली कर्मचारियों से सीधा सपर्क करने के लिए शिकायत केन्द्रों ,बिजली घरो,सबडिविजनों,डिविजनों व सर्कलों में  जनसपर्क अभियान चलाया जाएगा। स मेलन में दो जुलाई को केबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंंवार  की अध्यक्षता में सरकार व ज्वाइंट एक्षन कमेटी के बीच हुई वार्ता में सहमत मागों को अभीतक पूरी तरह से लागू न करने पर कड़ी नाराजगी जताई है।
स मेलन में सरकार के आदेशो के बावजूद चीफ इजीनियर दिल्ली ने डाटा ऐट्री ऑपरेटरों व सहायक लाइनमेनों को बढ़ा हुआ वेतन देने पर रोक लगा दी है। जिनकों किसी भी सूरत में बर्दाश नहीं किया जाएगा। सर्व कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपप्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि दो सिंबतर की हड़ताल में पांच लाख से ज्यादा कर्मचारी हड़ताल  में शामिल होगें।  संघ से महासचिव सुभाष लांंबा व ऑल हरियाणा पावर कॉरपेारेशन वर्कर यूनियन के उप महासचिव रमेश चंद ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया के केन्द्र व राज्य सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार की नव उदारकरण ,निजीकरण , ठेका प्रथा  की नितियों को बड़ी आक्रमक्ता व तेजी के साथ लागू कर रही है। इन नितियों के लागू होने से आम जनता ,कर्मचारियों व मजदूरों में पैदा हो रहे आक्र ोश व
असतोंष को कम करने के लिए जाति व धर्म के आधार पर घ्र्रुवीक्ररण किया जा रहा है। अभिव्यिक्त कीआजादी पर  हमले   तेज किए जा रहे है।
हरियाणा सरकार ने सेवा नियमों में संशोधन करके कर्मचारियों व अधिकारियों परसरकार की नितियों आलोचना करने पर पांबदी लगा दी है। इससे पहले २३ नंबवर २०१५ को धरनों ,प्रदर्शनों, सामूहिक अवकाश आदि पर रोक लगाने के उद्ेश्र से आदेश जारी किए जा चूके है। सरकार ने बिजली कर्मचारियों पर बिना बातचीत किए  एस्मा जैसे काले कानून को लगाा कर अपना जनतंतर विरोधी चहरा उजागर किया था। उन्होने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार आगामी लोकसभा सत्र में बिजली संशोधन बिल २०१४ को पारित कराकर
बिजली जैसे अति महत्वपूर्ण क्षेत्र को  निजी क्षेत्र के हवाले करने जा रही है। सर्कल सचिव लज्जा राम व केन्द्रीय कमेटी के सदस्य शब्बीर अहमद ने  कहा कि बिजली निगमों में दस हजार से ज्यादा डिसी रेट अनुबंध है व पार्ट टाइम आधार पर कर्मचारी काम कर रहे है। सरकार न तो पक्का कर रही है और न ही पूर वेतन दे रही है। स मेलन में  कर्मचारी नेता ,लज्जा राम,रमेश चंद तेवतिया,प्रमाल सिंह,करतार सिंह, फुल मन ,राम भरोसे,मनोज जांखड ,सुरेन्द्र शर्मा,जगन ङ्क्षसह ,चंद्रपाल सैनी,परमाल ङ्क्षसह,दिग बर,रामहंस,सतबीर सिंह,करम सिंह नगर,संजय राठौर,सतपाल राणा,भूप सिंह, प्रकाश,त्रिमेश्वर,मन्नू खान  आदि ने उपस्थित थे ।



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