Tuesday, August 16, 2016

देश 1947 में नहीं मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आजाद हुआ है;-- उमा भारती




फरीदाबाद-अगस्त 16,2016(abtaknews.com )फरीदाबाद पहुंची जल संसाधन विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने कहा कि देश 15 अगस्त 1947 को आजाद नहीं हुआ था देश तो मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आजाद हुआ है और दो साल में उनकी सरकार गांगा यमुना की सफाई का कार्य पूर्ण कर देगी। भारती आज फरीदाबाद में अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी के जन्मदिवस पर उनके नाम से 2-3 चौक का नाम रखने पहुंची। जहाँ उनका कार्यकर्ताओं द्वारा ज़ोरदार स्वागत किया गया।
फरीदाबाद एनआईटी स्थित 2-3 चौक का नाम बदलकर अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई चौक रख दिया गया है। फरीदाबाद पहुंची जल संसाधन विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने अमर शहीद वीरांगना महारानी अवंती बाई लोधी के जन्मदिवस पर 2-3 चौक का नाम बदलकर अवंती बाई के नाम पर रखने की मांग की थी जो आज पूरी हो गई, उमा भारती का फरीदबाद पुहंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया। उमा भारती ने चौक पर लगे अवंती बाई के नाम के चौक का रिबिन काटकर उद्घाटन किया। चौक का नाम परिवर्तित करने के बाद उमा भारती द्वारा एक सभा को भी संबोधित किया गया जिसमें उन्होंने अवंती बाई के चरित्र चित्रण का वर्णन किया, और कहा कि अवंती बाई एक ऐसी वीरंगना थी जिसने अंग्रेजों दांत खट्टे कर पूरे एक साल तक अपने अधीन शासन किया था।
जल संसाधन विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 15 अगस्त सन 1947 को हमारे देश की सिर्फ जमीन आजाद हुई थी हम नहीं, हम तो उस वक्त आजद हुए हैं जब देश का प्रधानमंत्री एक गरीब का बेटा नरेन्द्र मोदी बना है। वहीं मोदी द्वारा गौ रक्षकों पर की गई टिप्पणी के सबाल पर जबाब देते हुए कहा कि उनके प्रधानमंत्री ने जो कहा है वो ठीक ही कहा होगा। उमा भारती ने कहा कि उन्होंने प्रण लिया है कि अक्टूबर 2016 से वो गांगा यमुना की सफाई का कार्य शुरू करेंगे और दो साल में 2018 तक दोनों नदियों की सफाई का कार्य सम्पूर्ण करवा दिया जायेगा। पत्रकारों द्वारा पूछे गये राजस्थान की गउशाला में मारी गई गायों के सबाल पर उमा ने कहा कि इसका जबाब मुख्यमंत्री बसुन्धरा से लिजिये। मगर स्वतंत्रता दिवस पर आतंकी हमले शहीद हुए कमांडर की शहादत पर गर्व करते हुए कहा कि उनकी सरकार शहीद के परिवार के साथ है।


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4 comments:

  1. इसके मुँह में खुजली है इसे बाबा राम देव की खुजली मिंटन वाली मरहम की ज़रुरत है

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  2. मान्यवर जन मन के मसीहा प्रधान मंत्री जी आप ने 8 नवम्बर रात्रि 8 बजे गोप अष्टमी को माँ भारती को आंतरिक बाह्य ढांचे को विनाश के कगार पर ले जाने वाली काली माया और काली माया को पोषित करने वालों की विमुद्रीकरण नोट बन्दी की तलवार एक रात में नींद उड़ा दी वही गरीबों दलितों दीनों के चेहरे पर खुशी ला दी। उन को लगने लगा जिस काली दुनिया के पोषकों से उनके हक अधिकार दबे कुचले हुए थे अब काली दुनिया के नष्ट होने पर पुनः मिलने लगेगा। मग़र धन वितरण की दुरस्त व्यवस्था ना होने के चलते बड़ी बड़ी कतारों में लगने पर भी जरूरत के मुताबिक पैसा हासिल नही हो पा रहा। जिस के चलते खान पान बीमारी आदि जरूरत की चीजें भी नही मिल पा रही। 1 एटीएम में एक ही चालक व्यक्ति 10,15 कार्ड लाकर अन्य का हक मार लेता है बाकी साधारण हाथ मलते व्यवस्था को कोसते चले जाते। 2 बैंक में धन की वितरण व्यस्था जो रकम बैंक को प्राप्त होती कुछ कर्म चारी हेरा फेरी कर अपनों को लाभ देते कोई इसकी जवाब देही नही। फिर लोग लाइन में खड़े सरकार को कोसते।क्यों उनकी जरूरत पूरी नही होती।3 नाको और नगर सीमा के अंदर व्यापक नियंत्रण नही बन पाया मिली भगत से असमाजिक तत्व अपना स्वार्थ हल कर लेते हैं।4 बैंक की लंबी लाइन का एक बड़ा कारण यह भी है जो निरन्तर अपने धन को जमा करवा रहे वो ढाडी के मजदूर जो 2 घण्टे किसी और बैंक एटीएम की कतार में कभी किसी और बैंक एटीएम बैंक की कतार जिस से ऐसा लगता भीड़ वही की वही आम जन फिर व्यस्था को कोसने लगता। 5 धन जहां से आता और जहाँ एटीएम बैंक आदि में पहुंचता उस सब पर मोनिटरिंग होनी चाहिए।मान्यवर आज मैंने स्वयं एटीएम में जाकर देखा की दबंग जो 10,15 कार्ड लेकर धन निकाल रहा जिस से लाइन जस की तस पुलिस की मौजूदगी भी बेकार तब मैंने पहले बाहर निकाल कर एक लेडी और दूसरी जेन्ट्स की कतार लगा कर दो कार्डस तक प्रयोग कर मात्र दो घण्टे में ही सैकड़ो को आसानी से धन निकलवा कर खुश कर दिया तब आपके चाहने वालो ने कहा यही व्यवस्था हर बैंक और एटीएम में हो जाये तो हम 50 दिन क्या 100 दिन भी सहन कर लेंगे मगर मोदी जी की धन वितरण की व्यवस्था सही हो। आप यकीन मानो 4 पुलिस वालों के पैसा मैने निकल वाये।इसके लिए देश व्यापी संघठन की जरूरत।मान्यवर इस समय नेताओ और पार्टी के पदाधिकारी सभा,रैलियों, समारोह,उदघाटनो का आकर्षण ना बन कर इस व्यवस्था में जमीनी स्तर पर सहयोग दे।भाजपा के 9 करोड़ में से मात्र 10�E0��दस्य , नेतागण, सरकार के चेयर मैन, मण्डल,नगर, जिला,राज्य,राष्ट्रिय स्तर के कार्य कारिणी अधिकारी सदस्य, आरएसएस, विहिप, बजरंग दल , गाव के पंच, सरपंच, पुलिस, होम गार्ड, nss, ncc, ngo सरकार से सहायता प्राप्त, शिक्षा विभाग, निगम कर्म चारियों के सहयोग से हर बैंक एटीएम देश के कोने कोने में हैं वहां polic के साथ हर इकाई से एक एक कार्यकर्ता नियुक्त हो जो लोकल हो तभी व्यवस्था दुरुस्त हो पायेगी।इसके लिए अनुशासनात्मक,दण्डात्मक, सख्ती से निर्देश दिए जाये अकेले एक दो polic से कुछ नही।25 दिन है इस महा यज्ञ के सफल होने में पर अब जनता के साथ आपकी पार्टी उनका भी साहस धैर्य जवाब देने लगा है।आपका सेवकडॉ बाँके बिहारी9718039173. http://nm-4.com/vw0y

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  3. मान्यवर जन मन के मसीहा प्रधान मंत्री जी आप ने 8 नवम्बर रात्रि 8 बजे गोप अष्टमी को माँ भारती को आंतरिक बाह्य ढांचे को विनाश के कगार पर ले जाने वाली काली माया और काली माया को पोषित करने वालों की विमुद्रीकरण नोट बन्दी की तलवार एक रात में नींद उड़ा दी वही गरीबों दलितों दीनों के चेहरे पर खुशी ला दी। उन को लगने लगा जिस काली दुनिया के पोषकों से उनके हक अधिकार दबे कुचले हुए थे अब काली दुनिया के नष्ट होने पर पुनः मिलने लगेगा। मग़र धन वितरण की दुरस्त व्यवस्था ना होने के चलते बड़ी बड़ी कतारों में लगने पर भी जरूरत के मुताबिक पैसा हासिल नही हो पा रहा। जिस के चलते खान पान बीमारी आदि जरूरत की चीजें भी नही मिल पा रही। 1 एटीएम में एक ही चालक व्यक्ति 10,15 कार्ड लाकर अन्य का हक मार लेता है बाकी साधारण हाथ मलते व्यवस्था को कोसते चले जाते। 2 बैंक में धन की वितरण व्यस्था जो रकम बैंक को प्राप्त होती कुछ कर्म चारी हेरा फेरी कर अपनों को लाभ देते कोई इसकी जवाब देही नही। फिर लोग लाइन में खड़े सरकार को कोसते।क्यों उनकी जरूरत पूरी नही होती।3 नाको और नगर सीमा के अंदर व्यापक नियंत्रण नही बन पाया मिली भगत से असमाजिक तत्व अपना स्वार्थ हल कर लेते हैं।4 बैंक की लंबी लाइन का एक बड़ा कारण यह भी है जो निरन्तर अपने धन को जमा करवा रहे वो ढाडी के मजदूर जो 2 घण्टे किसी और बैंक एटीएम की कतार में कभी किसी और बैंक एटीएम बैंक की कतार जिस से ऐसा लगता भीड़ वही की वही आम जन फिर व्यस्था को कोसने लगता। 5 धन जहां से आता और जहाँ एटीएम बैंक आदि में पहुंचता उस सब पर मोनिटरिंग होनी चाहिए।मान्यवर आज मैंने स्वयं एटीएम में जाकर देखा की दबंग जो 10,15 कार्ड लेकर धन निकाल रहा जिस से लाइन जस की तस पुलिस की मौजूदगी भी बेकार तब मैंने पहले बाहर निकाल कर एक लेडी और दूसरी जेन्ट्स की कतार लगा कर दो कार्डस तक प्रयोग कर मात्र दो घण्टे में ही सैकड़ो को आसानी से धन निकलवा कर खुश कर दिया तब आपके चाहने वालो ने कहा यही व्यवस्था हर बैंक और एटीएम में हो जाये तो हम 50 दिन क्या 100 दिन भी सहन कर लेंगे मगर मोदी जी की धन वितरण की व्यवस्था सही हो। आप यकीन मानो 4 पुलिस वालों के पैसा मैने निकल वाये।इसके लिए देश व्यापी संघठन की जरूरत।मान्यवर इस समय नेताओ और पार्टी के पदाधिकारी सभा,रैलियों, समारोह,उदघाटनो का आकर्षण ना बन कर इस व्यवस्था में जमीनी स्तर पर सहयोग दे।भाजपा के 9 करोड़ में से मात्र 10�E0��दस्य , नेतागण, सरकार के चेयर मैन, मण्डल,नगर, जिला,राज्य,राष्ट्रिय स्तर के कार्य कारिणी अधिकारी सदस्य, आरएसएस, विहिप, बजरंग दल , गाव के पंच, सरपंच, पुलिस, होम गार्ड, nss, ncc, ngo सरकार से सहायता प्राप्त, शिक्षा विभाग, निगम कर्म चारियों के सहयोग से हर बैंक एटीएम देश के कोने कोने में हैं वहां polic के साथ हर इकाई से एक एक कार्यकर्ता नियुक्त हो जो लोकल हो तभी व्यवस्था दुरुस्त हो पायेगी।इसके लिए अनुशासनात्मक,दण्डात्मक, सख्ती से निर्देश दिए जाये अकेले एक दो polic से कुछ नही।25 दिन है इस महा यज्ञ के सफल होने में पर अब जनता के साथ आपकी पार्टी उनका भी साहस धैर्य जवाब देने लगा है।आपका सेवकडॉ बाँके बिहारी9718039173. http://nm-4.com/vw0y

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  4. महोदया

    १९४७ में भारत की स्वतन्त्रता के नाम पर कांग्रेसी और उनके पिठ्ठू स्वतंत्र हो गए थे और उन्होंने स्वतंत्र होकर देश के लाखों करोड़ स्विस बैंकों में पहुंचा दिए। सत्ता प्राप्त करने के १०० दिन के अंदर उन लाखों करोड़ की वापसी का सपना दिखा कर श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी सत्ता में आये। मुझे याद आता है श्री मान वी पी सिंह भी १०० दिनों में बोफोर्स के घोटाले के प्रमाण प्रस्तुत करने के नाम पर ही सत्ता में आये थे। वह भी झूठे सिद्ध हुए और मोदी भी झूठे ही सिद्ध हुए हैं।
    आप कहती हैं कि मोदी के सत्ता संभालने के बाद अब भारत स्वतंत्र हुआ है तो कहीं ऐसा तो नहीं कि आप सभी बी जे पी ने नायकों को लूटने और खसोटने की वैसी ही स्वतंत्रता मिल गयी है जैसी ४७ में कोंग्रेसियों को मिली थी, क्योंकि मोदी वह सब काम कर रहे हैं जिनका सत्ता पाने के लिए वह विरोध करते थे।

    यदि नहीं तो समान नागरिक आचार संहिता के आपके वादे का क्या हुआ ?
    एक देश एक संविधान समान अधिकार के स्वप्न का क्या हुआ ?
    ३७१ के समापन का क्या हुआ ?

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