Wednesday, July 13, 2016

फीस रसीद न देने पर अभिभावकों ने किया डीपीएस स्कूल पर हंगामा




ग्रेटर फरीदाबाद -13 जुलाई,2016-शिक्षा के व्यापारीकरण की व्यथा अब चर्म सीमा पर पहुंच चुकी है, निजी स्कूल बडी बडी इमारतें बनाकर शिक्षा के नाम पर मनमाने तरीके से फीस के रूप में लूट कसौट कर रहे हैं,, ऐसा ही मामला ग्रेटर फरीदाबाद के नामी गिरामी डीपीएस स्कूल में सामने आया है जहां आज सैंकडों अभिभावक स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी के नियमों के अनुसार ही फीस जमा करने गये हुए थे, जिनकी फीस तो जमा कर ली गई मगर रिसीप्ट देने से साफ साफ मना कर दिया है, रिसीप्ट न मिलने पर अभिभावकों ने स्कूल के सामने हंगामा कर दिया, जिसपर स्कूल प्रंबधन की ओर से बाउंसरों के साथ - साथ पुलिस को भी बुला लिया गया, मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने अभी तो स्कूल और अभिभावकों के बीच का विवाद सुलझा दिया है।  
सालों से चल रहे निजी स्कूलों की मनमानी और लूट कसौट में सुधार नहीं आ रहा है बल्कि प्रतिबर्ष स्कूलों की लूट कसौट में इजाफा होता हुआ नजर आ रहा है, जिससे अभिभावकों को भारी आर्थिक स्थिति से गुजरना पड रहा है। निजी स्कूल शिक्षा के नाम पर व्यापारीकरण की नीति आपनाये हुए हैं साल दर साल फीस में बढोत्तरी कर अपनी अपनी जेबे भरने में लगे हुए हैं, जिससे अभिभावकों को सडकों पर उतरना पड रहा है। 
ऐसा ही एक मामला ग्रेटर फरीदाबाद स्थित नामी गिरामी डीपीए स्कूल में सामने आया है,, लंबी उंची चौडी चमकदार दिखाई दे रही ये इमारत किसी पंच सितारा होटल या मॉल की नहीं है बल्कि एक 12वीं कक्षा तक पढने वाले बच्चों के स्कूल की है जिसका खर्च बच्चों से फीस के रूप में प्रतिबर्ष बसूला जा रहा है। आज एक बार फिर स्कूल में फीस भरने आये अभिभावकों को स्कूल द्वारा घंटों परेशानी किया गया। परिजनों जिला शिक्षा अधिकारी के नियमानुसार फीस जमा करवा दी मगर उसकी एवज मे स्कूल की ओर से काई भी रिसीप्ट नहीं दी गई, रिसीप्ट मागने पर स्कूल प्रबंधन ने बाउंसरों को आगे खडा कर दिया, जिसका विरोध करने पर पुलिस को भी स्कूल में बुलाया लिया गया, मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने स्कूल और अभिभावकों की बात सुनी और मामले का निपटारा कर दिया। 
खेडी पुलिस चौकी इंचार्ज ने बताया कि उन्हें स्कूल की ओर से फोन गया था कि उनके स्कूल पर कुछ परिजन हंगामा कर रहे हैं मौके पर आकर देखा तो फीस का मामला पाया गया है, जिसमें स्कूल प्रबंधन द्वारा फीस लेने की एवज में रिसीप्ट नही दी जा रही थी, उन्होंने स्कूल प्रबंधन को बोल दिया है कि अभिभावको को रिसीप्ट दी जाये।
योगेश रस्तौगी, भावना और  तजेन्द्र सिंह अभिभावकों ने बताया कि सुबह 7 बजे से स्कूल में फीस जमा करने के लिये आये हुए हैं, स्कूल द्वारा फीस तो जमा कर ली गई है मगर रिसीप्ट नहीं दी गई है, रिसीप्ट मांगने पर स्कूल प्रबंधन ने बाउंसरों को आगे खडा कर दिया,, अभिभावकों की माने तो स्कूल उनसे मनमाने तरीके से फीस बसूलना चाहता है और वो जिला शिक्षा अधिकारी के नियमानुसार फीस देना चाहते हैं इसी बात को लेकर स्कूल उनके द्वारा जमा करवाये गये पैसों की रिसीप्ट नही दे रहा है। 

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