Monday, July 25, 2016

राज्‍यों को अनिवार्य वस्‍तुओ की कीमतों पर नियंत्रण करने के आदेश


नई दिल्ली(abtaknews.com)दालों, खाद्य तेलों एवं अन्‍य अनिवार्य खाद्य वस्‍तुओं की उचित कीमतों पर पर्याप्‍त उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र ने राज्‍यों से अनिवार्य खाद्य वस्‍तुओं पर सभी स्‍थानीय करों को हटाने का आग्रह किया है। राज्‍यों के मुख्‍य सचिवों को लिखे एक पत्र में केंद्रीय उपभोक्‍ता मामले विभाग के सचिव श्री हेम पांडे ने राज्‍यों को वास्‍तविक समय आधार पर बाजार संबंधित आवश्‍यक कदम उठाने तथा दालों एवं अन्‍य अनिवार्य खाद्य वस्‍तुओं को प्राथमिकता के आधार पर सूची से बाहर करने के लिए एपीएमसी अधिनियमों की समीक्षा करने को कहा है जिससे कि किसान खेतों से लेकर अंतिम उपभोक्‍ता तक पहुंचने में आपूर्ति श्रृंखला के चरणों को न्‍यूनतम करते हुए अपनी उपज को अपनी पसंद के किसी भी स्‍थान पर बेच सकें। यह उपभोक्‍ताओं के लिए उचित मूल्‍य सुनिश्चित करेगा तथा इसके साथ ही किसानों को बेहतर मूल्‍य भी दिलवाएगा। उपभोक्‍ता मामले मंत्रालय के सचिव ने इस वर्ष मई में आयोजित राज्‍य खाद्य मंत्रियों की बैठक में इस उद्देश्‍य के लिए अंगीकृत कार्य योजना की दिशा में राज्‍यों का ध्‍यान आमंत्रित किया है।
राज्‍यों से इसी अधिनियम के खंड-5 (2) (सी) के तहत दालों एवं ऐसी अन्‍य अनिवार्य खाद्य वस्‍तुओं के लिए एक मूल्‍य निर्धारण नीति पर विचार करने का आग्रह किया गया है। सचिव ने राज्‍यों से उपलब्‍धता बढ़ाने एवं अनिवार्य खाद्य वस्‍तुओं की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए बाजार युक्ति हेतु मूल्‍य स्थिरीकरण निधि योजना को क्रियान्वित करने का भी आग्रह किया है। उन्‍होंने कहा कि योजना के सफलतापूर्वक कार्य करने के लिए बफर स्‍टॉक से दालों को पर्याप्‍त एवं सही समय पर उठाना एक पूर्व शर्त है। इसके अतिरिक्‍त दालों, शाक खाद्य तेल बीजों, प्‍याजों के लिए भंडारण सुविधाओं को भी मजबूत करने की आवश्‍यकता है।
आगामी त्‍यौहारी मौसम को देखते हुए राज्‍यों से अनिवार्य वस्‍तुओं की तहबाजारी एवं कालाबाजारी पर भी करीबी नजर रखने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्‍त, नियमित छापे एवं ईसी अधिनियम पीबीएमएमएसईसी अधिनियम के तहत, जिसमें छह महीने तक के लिए निवारक नजरबंदी का प्रावधान है, नियमित रूप से इसका उल्‍लंघन करने वालों एवं सट्टेबाजों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई भी की जानी चाहिए। राज्‍य तमिलनाडु नागरिक आपूर्ति अपराध जांच विभाग की तर्ज पर अनिवार्य वस्‍तुओं के तहबाजारियों, कालाबाजारियों, मुनाफाखोरों एवं अवैध व्‍यापारियों/ सट्टेबाजों के खिलाफ कारगर कार्रवाई के लिए र्इसी अधिनियम के तहत एक समर्पित बल के सृजन पर भी विचार कर सकते हैं।
राज्‍यों से मूल्‍यों, उत्‍पादन, उपलब्‍धता, अवैध व्‍यापार, तहबाजारी, कालाबाजारी पर एक मजबूत सूचना प्रबंधन प्रणाली का सृजन करने तथा रोजाना के आधार पर उपलब्‍ध स्‍थानीय स्‍तर की सूचना रखने तथा केंद्र एवं राज्‍य सरकारों की सभी प्रवर्तन एजेंसियों के साथ इसे साझा करने के लिए मूल्‍य निगरानी प्रकोष्‍ठों को मजबूत करने को भी कहा गया है। ईसी अधिनियम एवं कालाबाजारी निवारक तथा अनिवार्य वस्‍तु आपूर्ति रख-रखाव अधिनियम के तहत प्रवर्तन कार्रवाइयों पर एक मासिक रिपोर्ट अनिवार्य है जिससे कि सर्वोच्‍च स्‍तर पर इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जा सके तथा उपभोक्‍ता मामले विभाग की वेबसाइट पर नियमित रूप से राज्‍यों द्वारा उठाए गए कदमों की रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जा सके। 

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