Sunday, July 17, 2016

यमुना में छोड़ा गया पानी, दिल्ली, हरियाणा में बाढ़ का ख़तरा, सावधान रहे?





चंडीगढ़ 17 जुलाई, 2016: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश से यमुना नदी अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच गयी है। शनिवार शाम जल स्तर बढ़ने पर हथनीकुंंड बैराज से एक लाख 6 हजार 970 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। इससे दिल्ली और यमुना के आसपास बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन ने साथ लगते गांवो को अलर्ट कर दिया है। बताया गया कि दिल्ली तक यह पानी 72 घंटे, जबकि यमुना के साथ लगते हरियाणा के विभिन्न जिलों में रविवार दोपहर बाद तक पहुंच जाएगा।
वहीं दिल्ली कल की बारिश से बेहाल है साथ में दिल्ली से सटा फरीदाबाद भी बारिश झेल नहीं पा रहा है कल शहर की सड़कों पर कई कई फुट पानी भर गया । आज भी मौसम कुछ ऐसा ही है अगर तेज बारिश हुई तो फरीदाबाद शहर का और बुरा हाल हो सकता है । यमुनानगर के उपायुक्त डा. एस.एस.फुलिया ने हाई अल्र्ट जारी करते हुए कहा कि सभी अभिभावक अपने-अपने बच्चों का ध्यान रखें और बरसात के दिनों में नहर, नदी व नालों के पास न जाने दें ताकि अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सख्त आदेश दिए कि कोई भी अधिकारी व कर्मचारी बिना उपायुक्त की स्वीकृति के अवकाश व स्टेशन लीव नहीं लेगा और अपना मोबाईल फोन 24 घंटे चालू रखेगा ताकि जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी अन्य अधिकारियों से तालमेल बना सके।  
उन्होंने आगे बताया कि उपायुक्त कैंप कार्यालय में 24 घंटे बाढ़ बचाओ कार्य के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जिसका टेलीफोन नम्बर 01732-237850 हैं। इसके अलावा बाढ़ राहत कार्यों के लिए एक टीम 24 घंटे कैंप कार्यालय में तैनात रहेगी और फोन मिलते ही तुंरत मौके पर टीम पहुंच जाएगी। उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में बरसात के समय अभिभावक को बुलाकर ही बच्चों को छुट्टी दें और जर्जर हालत में बने कमरों में बच्चों को न बिठाएं। सभी स्कूलों की पानी टैंकियों में क्लोरिनेशन दवा अवश्य डलवाएं। उपायुक्त ने लोगों से कहा है कि मेन होल ढ़क्कन यदि कहीं खुला हुआ मिलता है तो उसको ढक़ने के लिए पब्लिक हैल्थ के कार्यकारी अभियंता को जगाधरी के लिए मोबाईल न0-94676-00600 तथा यमुनानगर के लिए मोबाईल न0-94163-04824 पर सम्पर्क करें।     
उपायुक्त डा. एस.एस.फुलिया ने बाढ़ बचाओ कार्यों को लेकर जिला के सभी अधिकारियों एवं स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की जिला सचिवालय के सभागार में आज एक विशेष बैठक ली। उन्होंने बताया कि गत दिनों अचानक हुई 383 मिलीमीटर भारी बरसात के कारण नगर निगम जगाधरी-यमुनानगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जिससे सडक़ों पर 3 से 4 फीट पानी चल रहा था और लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। जिसमें नगर-निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत कर बरसात के पानी की निकासी करवाई गई। इसके अलावा जिन कालोनियों में अभी भी पानी खड़ा हुआ है, उस बरसाती पानी को पम्प के माध्यम से नालों में डाला जा रहा है। 
हरियाणा के जिला यमुनानगर में चल रहे बाढ़ राहत कार्यों में और अधिक तेजी लाने के उद्देश्य से खण्ड स्तर पर अधिकारियों की टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें बाढ़ बचाओ कार्यों के लिए 24 घंटे तैनात रहेगी।  श्री फुलिया ने यह भी निर्देश दिए कि बरसात के पानी की निकासी के लिए लोगों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करवाई जाए और लोगों के स्वास्थ्य रक्षा के लिए डाक्टर की टीम मौके पर भेजी जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व जल आपूॢत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को समय पर स्वच्छ पेयजल व दवाईयां उपलब्ध करवाएं तथा पानी की कलोरिनेशन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर व गांव एवं खेतों से पानी की निकासी के उचित प्रबन्ध करें ताकि बरसात के मौसम में पानी निकासी की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। 
 उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व रैडक्रास को निर्देश दिए कि बाढ़ राहत शिविर लगाकर लोगों को दवा, खाना व तिरपाल आदि वितरित करें। उपायुक्त ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता हरदेव काम्बोज के कार्यों की सराहना की।   डॉ. एस.एस. फूलिया ने बताया कि खरीदे गए जल निकासी पम्प सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों के मार्गदर्शन में पानी निकासी का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पम्प पहिया गाडियों पर रखे हुए है और इन्हें किसी भी वाहन की सहायता से एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से ले जाया जा सकता है। 

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