Monday, July 25, 2016

हरियाणा सडक़ रख-रखाव नीति; -मुख्यमंत्री खट्टर




चण्डीगढ़, 25 जुलाई,2016(abtaknews.com ) हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सडक़ प्रयोक्ताओं के लिए सडक़ का सुरक्षित, सुविधाजनक और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सडक़ों के समुचित, समय पर और बेहतर रख-रखाव के लिए सडक़ रख-रखाव नीति तैयार की है। लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि श्री मनोहर लाल ने इस आशय के एक प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। 
प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा सडक़ रख-रखाव नीति इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है कि सडक़ों के टूटने या उनमें दरार आ जाने के कारण सडक़ प्रयोक्ताओं के लिए खतरा होता है, वाहनों को क्षति पहुंचती है, पैट्रोलियम, तेल तथा लुब्रीकेंट की खपत बढ़ती है, यात्रा में विलम्ब होता है और अन्य विभिन्न प्रकार की आर्थिक लागत बढ़ती है। 
उन्होंने बताया कि इस नीति का उद्देश्य सडक़ों के रख-रखाव तथा मरम्मत के लिए उपलब्ध राशि तथा संसाधनों का न्यायोचित तथा अधिक सदुपयोग करना तथा उपयुक्त प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करके बेहतर रख-रखाव करना है। इनमें सडक़ की मरम्मत और रख-रखाव में नई प्रौद्योगिकी तथा उपकरणों को शामिल करना है। सडक़ विकास तथा रख-रखाव को प्रभावी ढ़ंग से करने के लिए सडक़ निर्माण रख-रखाव तथा मरम्मत के कार्य में लगे लोगों तथा एजेसिंयों का क्षमता निर्माण और संगठनात्मक विकास करना है। 
उन्होंने बताया कि यह नीति हरियाणा लोक निर्माण(भवन एवं सडक़ें) विभाग के माध्यम से सडक़ विंग द्वारा क्रियान्वित की जाएगी जोकि सडक़ स्थिति सर्वेक्षणों के माध्यम से उनकी भौतिक स्थिति, ढ़ांचागत क्षमता, खुरदरेपन के लिहाज से मौजूदा सडक़ पेवमेंट का मूल्याकंन करवाएगा। ऐसे सर्वेक्षणों में क्षतिग्रस्त सडक़ों के प्रकार, परिमाण, स्थिति तथा अन्य भौतिक मानदंडों जैसे कि खुरदरापन व फिसलन प्रतिरोधक क्षमता का आकलन किया जाएगा। इसके अंतर्गत, पेवमेंट कंडीशन इनडैक्स(पीसीआई) का मूल्याकंन किया जाएगा तथा पीसीआई के आधार पर सडक़ों की प्राथमिकता तय की जाएगी। प्रत्येक वर्ष जनवरी मास के दौरान सडक़ के प्रत्येक भाग का कम से कम एक स्थिति सर्वेक्षण करवाया जाएगा और संग्रहित आंकड़ों को किलोमीटरवार विधिपूर्वक दर्ज किया जाएगा। 
उन्होंने बताया कि इस नीति के तहत लोक निर्माण(भवन एवं सडक़ें) विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राज्य राजमार्गों, प्रमुख जिला सडक़ों तथा अन्य महत्वपूर्ण जिला सडक़ों पर यातायात के आंकड़े जुटाये जाएंगे। ये आंकड़े मोटराइज्ड, नॉन-मोटराइज्ड तथा वाणिज्यिक वाहनों का वर्गीकरण दर्शाएंगे। यातायात के आंकडों का रख-रखाव कार्यों के प्राथमिकता निर्धारण में इनपुट के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग विभिन्न प्रकार की सडक़ रख-रखाव गतिविधियों की पहचान करेगा और इन कार्यों के निष्पादन के लिए तकनीकी पद्घतियों की एक पुस्तिका तैयार करेगा। इसके अतिरिक्त, विभाग इस नीति के तहत किए जाने वाले मूल्याकंन को ध्यान में रखते हुए सडक़ रख-रखाव कार्यों के प्राथमिकता निर्धारण के लिए मार्गदर्शक नियम भी  बनाएगा। 
नीति के क्रियान्वयन के तौर-तरीकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सडक़ रख-रखाव कार्यों के निष्पादन में मौजूदा प्रक्रियाओं के अलावा, लोक निर्माण(भवन एवं सडक़ें) विभाग टोल्स तथा सडक़ प्रयोक्ताओं द्वारा अदा की जाने वाली दूरी आधारित दरों के समावेश समेत व्यवस्था के विभिन्न कार्यों के लिए प्रदर्शन आधारित रख-रखाव अनुबंधों, निजी-सार्वजनिक भागीदारी तथा छूट अनुबंधों समेत विभिन्न तौर-तरीके अपना सकता है।  
उन्होंने बताया कि विभिन्न श्रेणियों या सडक़ों के लिए विभिन्न रख-रखाव गतिविधियों हेतु हस्तक्षेप तथा सुधार मानकों को अंतिम रूप दिया जाएगा। रख-रखाव कार्यों को चार समूहों में बांटा जा सकता है जिनमें सामान्य मरम्मत या रख-रखाव, सावधिक मरम्मत या रख-रखाव, विशेष मरम्मत या रख-रखाव तथा आपातकालीन मरम्मत या रख-रखाव शामिल हैं। 
उन्होंने बताया कि  सामान्य मरम्मत या रख-रखाव में गड्ढïों की मरम्मत, दरारों को भरना, किनारों की मरम्मत, नालियों की निकासी, तटबंधों का रख-रखाव, क्रास ड्रेनेज मरम्मत कार्य, सडक़ किनारे फर्नीचर तथा सडक़ संकेतकों की मरम्मत या बदलना, पुल तथा पुलियों की मरम्मत, वनस्पति नियंत्रण, कूड़े और मलबे की सफाई इत्यादि शामिल हैं। सावधिक मरम्मत या रख-रखाव में आवश्यकतानुसार सरफेस ड्रेसिंग के माध्यम से ब्लैक-टॉपिंग या पथ की मरम्मत तथा सरफेस ड्रेसिंग या प्रीमिक्स कारपेट या मिक्सड सील सरफेसिंग या बिटुमिनस कंक्रीट या माइक्रो-सरफेसिंग या व्हाइट टॉपिंग उपलब्ध करवाना शामिल है। इसी प्रकार, विशेष मरम्मत तथा बाढ़ क्षति मरम्मत में बाढ़, चक्रवात तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण क्षतिग्रस्त सडक़ों, पुलों इत्यादि के सुधार समेत फुटपाथ की गुणवत्ता सुधार जैसी विशेष मरम्मत तथा पुलों की विशेष मरम्मत शामिल है। उन्होंने बताया कि आपातकालीन मरम्मत या रख-रखाव में प्राकृतिक या किसी अन्य कारण से सडक़ों को हुई गंभीर क्षति के कारण होने वाली मरम्मत शामिल है। इसमें राज्य प्राकृतिक आपदा राहत कोष के तहत किए जाने वाले आपातकाली प्रकृति के कार्य शामिल नहीं हैं। 
उन्होंने बताया कि विभाग अपने अधिकार क्षेत्र के तहत सडक़ों का राज्य राजमार्गों, प्रमुख जिला सडक़ों, अन्य जिला सडक़ों तथा ग्रामीण सडक़ों के रूप में वर्गीकरण करेगा। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग राज्य राजमार्गों, प्रमुख जिला सडक़ों व ग्रामीण सडक़ों के लिए वार्षिक सडक़ रख-रखाव कार्य योजना तैयार करेगा। इसके अतिरिक्त, विभाग सडक़ों, पुलों, पुलियों, सडक़ संकेतकों इत्यादि की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने अधिकार क्षेत्र के अंदर शहरी क्षेत्रों में सडक़ों समेत विभिन्न श्रेणी की सडक़ों के लिए राज्य सडक़ नेटवर्क पर रख-रखाव कार्य चिह्निïत करेगा। 
उन्होंने बताया कि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में सडक़ विकास, निर्माण तथा रख-रखाव योजनाओं में विभाग अपने सहायक ढांचे, साजो-सामान, सुरक्षा उपायों इत्यादि के माध्यम से ऐसी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल का प्रयास करेगा जोकि पर्यावरण हितैषी हों, कार्बन उत्सर्जन कम हो तथा दिव्यांगों समेत समाज के सभी वर्गों को सुरक्षित ढंग से सुचारू पहुंच उपलब्ध करवाए। विभाग पर्यावरण तथा दिव्याग हितैषी ढ़ंग से सडक़ों के निर्माण तथा रख-रखाव के लिए संहिताओं तथा नियमावलियों में आवश्यक संशोधन या विकास करेगा तथा विभिन्न प्रकार तथा वर्गों की सडक़ों की पर्यावरणीय तथा दिव्यांग अनुकूलता तथा सुरक्षा के आकलन की पद्घतियों को भी ध्यान में रखेगा। 
उन्होंने कहा कि लोक निर्माण (भवन एवं सडक़ें) विभाग सडक़ों की स्थिति तथा रख-रखाव संबंधी आवश्यकताओं की  नियमित निगरानी, सडक़ रख-रखाव कार्यों तथा अन्य संबंधित गतिविधियों के क्रियान्वयन के लिए कम्प्यूटरीकृत सडक़ रख-रखाव प्रबंधन तथा निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल करेगा। विभाग सडक़ रख-रखाव, निर्माणाधीन तथा सम्पन्न हो चुके कार्य की गुणवत्ता जांच में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न प्रकार की सामग्री तथा प्रौद्योगिकियों की जांच और मूल्याकंन के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर सकता है और इसके लिए जरूरत पडऩे पर जांच सुविधाएं भी स्थापित कर सकता है। इसके अलावा, विभाग अपने इंजीनियरों, स्टाफ तथा अन्य मानव संसाधनों को आधुनिक प्रौद्योगिकियों, परियोजना क्रियान्वयन, निगरानी, पर्यवेक्षण तथा गुणवत्ता जांच तथा कार्य पद्घतियों के संबंध में भी सक्षम बनाएगा। 
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चण्डीगढ, 25 जुलाई- हरियाणा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा वर्ष 2016-17 में  प्री -मैट्रिक छात्रवृति के लिए आनलाइन आवेदन आमंत्रित किये हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2016 है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री श्री कृष्ण कुमार ने कहा कि आवेदन केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों जिनमें मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, पारसी तथा जैन शामिल हैं द्वारा निर्धारित प्रारूप में करना होगा। उन्होंने कहा कि  सरकारी, निजी  स्कूलों एवं मान्यता प्राप्त संस्थानों में पडऩे वाले विद्यार्थी इस छात्रवृति के लिए  पात्रता मापदंड और शर्तों के अनुसार पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रवृति का लाभ प्राप्त करने के लिए छात्रों को हरियाणा करा निवासी होना चाहिए, छात्रवृति ऐसे छात्रों को प्रदान की जायेगी जिन्होने अपनी पिछली कक्षा के दौरान कम से कम 50 प्रतिशत अथवा समकक्ष ग्रेड हासिल किये हों तथा जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय एक लाख रूपये से कम हो। जिसके लिए नियोक्ता के आय प्रमाण की आवश्यकता होगी। इसके अलावा अन्यों के लिए रसरकार द्वारा निर्धारितस क्षम प्राधिकारी का प्रमाण पत्र आवश्यकता होगा, जिनमें उप-डिविजनल मजिस्ट्रेट या तहसीलदार और छात्र के माता पिता द्वारा स्वयं घोषणा शमिल हैं।
उन्होने कहा कि अल्पसंख्यक प्रमाण-पत्र प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट जिनमें उप-डिविजनल मजिस्ट्रेट या तहसीलदार और छात्र के माता पिता द्वारा स्वयं घोषणा शामिल ह,ै से जारी करवाया गया होना अनिवार्य है, अन्यथा आवेदन कैंसिल कर दिया जायेगा। आधार कार्ड नंबर आनलाइन आवेदन के लिए अनिवार्य है। छात्र की छात्रवृति राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण मोड के माध्यम से सीधे बैंक खाते में वितरित किया जायेगा। स्कालरशिप की निरंतरता 50 फीसदी अंकों के साथ पाठ्यक्रम के सफल समापन पर निर्भर करेगी। उन्होने कहा कि इस योजना के तहत छात्रवृति धारक किसी अन्य प्रकार के वजीफा लाभ उठाने के लिए सक्षम नहीं होगा। 
श्री कृष्ण कुमार ने कहा कि छात्र के नाम बैंक में खाता ख्ुाला हुआ होना चाहिए  जो कि आधार से जुडा होना चाहि। छात्र द्वारा ऑनलाइन आवेदन में अपने बैंक खाता संख्या, पैन कार्ड संख्या भरने चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति का 30 प्रतिशत प्रत्येक समुदाय की छात्राओं के लिए आरक्षित होगा। छात्रवृत्ति एक परिवार में दो से अधिक छात्रों को दी नहीं किया जाएगी।
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा सरकार ने हाल ही में मंत्रिमण्डल में शामिल तीन नए मंत्रियों को चण्डीगढ़ सैक्टर-1 स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय की मुख्य बिल्डिंग में कार्यालय कक्ष आवंटित किए है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री विपुल गोयल को छठी मंजिल स्थित कमरा नम्बर 42, सहकारिता राज्य मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर को आठवीं मंजिल पर कमरा नम्बर 43-सी तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ0 बनवारी लाल को सातवीं मंजिल पर कमरा नम्बर 36 आवंटित किया गया है। 
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा सरकार ने प्रदेशभर के निर्यात करने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए ‘फ्रेट एसिस्टेंस स्कीम’ अधिसूचित की है और वित्त वर्ष 2015-16 के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वेबपोर्टल पर दावा-आवेदन प्रेषित करने के लिए 9 सितम्बर, 2016 तक का समय दिया है। प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की निर्यातक इकाइयों को बंदरगाह से दूर होने के कारण अतिरिक्त परिवहन लागत खर्च करनी पड़ती है, जिसके कारण उनके उत्पाद तटीय क्षेत्रों पर स्थित निर्यातक इकाइयों की तुलना में अप्रतिस्पर्धी हो जाते हैं। निर्यातक इकाइयों की प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए इस योजना के तहत परिवहन लागत अदा की जाएगी। 
उन्होंने बताया कि प्रदेश के निर्यात करने वाले सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों द्वारा निर्मित माल के निर्यात के लिए निर्माण स्थल से बंदरगाह तक माल के ढुलाई पर सरकारी फीस एवं कर को छोडक़र, फ्री ऑन बोर्ड (एफओबी) मूल्य के एक प्रतिशत के बराबर या वास्तविक भाड़ा, जोकि कम होगा, के बराबर फ्रेटस सहायता दी जाएगी और इसकी अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये वार्षिक होगी। उन्होंने बताया कि यह सहायता निर्यातक इकाई द्वारा निर्मित माल के सीधे निर्यात करने के मामले में ही दी जाएगी और हवाई निर्यात के लिए कोई सहायता नहीं दी जाएगी। 
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा के नागरिक उड्डïयन मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि प्रदेश की बाछौद ,भिवानी, हिसार, करनाल तथा बसौला (पंचकूला) की हवाई पट्टिïयों को सक्रिय  किया जाएगा तथा इनमें सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। हिसार में अन्तर्राष्टï्रीय हवाई अड्डïे की निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए शीघ्र ही वे केन्द्रीय नागरिक उड्डïयन मंत्री श्री पशुपति अशोक गजपति राजू से मुलाकात करेंगे। 
आज यहां जारी एक व्यक्तव्य में राव नरबीर सिंह ने कहा कि बाछौद में पैरासैलिंग, ग्लाइडिंग व अन्य साहसिक खेल गतिविधियों विस्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हवाई यात्रा की सुविधाओं को विस्तार के लिए सरकार  प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि  गत दिनों गुडग़ांव में हुए हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इंवेस्टर समिट के दौरान हुए  समझौतों में भी निवेशकों ने उड्डïयन, रक्षा उत्पादन तथा एरो स्पेस के क्षेत्र में निवेश की उत्सुकता दिखाई थी। 
उन्होंने कहा कि  हरियाणा इस वर्ष अपना स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है तथा उनका प्रयास रहेगा कि लोगों को एक बेहतरीन सडक़तंत्र मिले तथा हवाई यात्राएं की सुविधाएं भी बढ़े।  सभी राष्टï्रीय राजमार्गों के कार्य सरकार के साढे तीन वर्षों के शेष कार्यकाल के दौरान पूरे कर लिए जाएंगे।  
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने सत्ता सम्भालते ही सर्वप्रथम जीटी रोड के अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करवाया और उसके बाद कुण्डली-मानेसर-पलवल-एक्सपे्रस-वे का कार्य आरम्भ करवाया। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में 12 नये राष्टï्रीय राजमार्ग घोषित करवाये, जिनमें से कई मार्गों को केन्द्रीय सडक़ परिवहन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित भी किया जा चुका है। राष्टï्रीय राजधानी क्षेत्र में बढ़ते यातायात को देखते हुए इस्टर्न पेरीफेरी कुण्डली-गाजियाबाद -पलवल एक्सपे्रस-वे तथा जीटी रोड के मुकरबा चौक से पानीपत तक के हिस्से को 12 मार्गीय बनाने के कार्य की आधारशिला प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गत दिनों सोनीपत रखी थी, जिन पर कार्य आरम्भ हो चुका है। उन्होंने कहा कि आगामी तीन चार वर्षों में हरियाणा में सडक़ तंत्र का एक नया नेटवर्क होगा।  इस वर्ष सडक़ों पर केटआई, रिफ्लेक्टरस, खतरनाक मोड़ों पर आयरन-वार लगाने पर विशेष रूप से ध्यान केन्द्रित किया जाएगा ताकि सडक़ दुर्घटनाएं कम हो और लोग सुरक्षित यात्रा कर सकें।  
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- ग्लोबल वार्मिंग व जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए प्रत्येक नागरिक को कम से कम दो पौधे लगाने चाहिए तथा इसी कड़ी में हरियाणा वन विभाग ने इस वर्ष के वन महोत्सव का स्लोगन ‘गांव वनों की ओर’ दिया है, जबकि गत वर्ष हर घर हरियाली का नारा दिया था। इसके लिए पूरे वर्ष के दौरान लगभग दो करोड़ पौधे नि:शुल्क वितरीत करवाकर इन्हें रोपित किया जाएगा।यह जानकारी हरियाणा के वन मंत्री राव नरबीर सिंह ने देते हुए बताया कि विभाग के इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष का राज्य स्तरीय वन महोत्सव समारोह रेवाड़ी जिले के बूढ़पुर गांव में मनाया गया तथा इस दिन पूरे प्रदेश में लगभग पांच लाख पौधे वितरित किए गए। हमारी वन सम्पदा के संरक्षण के लिए ऐसे समारोह का आयोजन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में प्राकृतिक वन सम्पदा अरावली व शिवालिक पर्वतीय क्षेत्रों में है। पहले लोग गांव के प्राकृतिक जोहड़ों, बैणियों तथा गौचरण भूमि में सामुहिक रूप से पौधा रोपण करने की पहल करते थे। आज बदलते परिवेश में ऐसे प्राकृतिक वन सम्पदा संसाधनों का अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और इसी को देखते हुए इस वर्ष विभाग ने पंचायती या अन्य खाली पड़ी भूमि के साथ-साथ पुराने जोहड़ों और बैणियों में पौधारोपण करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष रेलवे की खाली पड़ी भूमि तथा राष्टï्रीय राजमार्गों के दोनों किनारे पौधे लगाने का निर्णय लिया गया है।
राव नरबीर ने पंचायती संस्थानों के जनप्रतिनिधियों, गैर-सरकारी संगठनों, सामाजिक संस्थानों तथा गांव के अन्य मौजिज व्यक्तियों से आग्रह किया कि वे सरकार की इस मुहिम में आगे आए और वन महोत्सव के उद्देश्य को सफल बनाया जा सके और वनों के अस्तिव को बनाए रखा जा सके। वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कई जगहों की पहचान की गई है जहां पौधे लगाकर वन क्षेत्र व वृक्षों की संख्या बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि त्वरित गति से शहरीकरण होने व सडक़ों को चौड़ा करने व रेलमार्ग को दोहरा करने के कारण भी वन क्षेत्र में कमी आई है। 
वन मंत्री ने लोगों को कहा कि कि वे जन्मदिन, शादी, सालगिरह, किसी विशेष उपलब्धि, त्योहार या अन्य अवसरों पर पेड़ लगाकर ऐसे अवसरों को यादगार बनाएं। आम आदमी इसके महत्व को समझे और इस कार्य को एक मिशन के रूप में ले। पेड़-पौधों की संख्या कम होने से तरह-तरह की बीमारियां तो बढ़ती ही हैं, साथ ही भू-जल स्तर भी गिरता है, जिसे बचाना भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा के स्वास्थ्य, खेल व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि अम्बाला छावनी की सडक़ों को पोल रहित करने के लिए टेलीफोन एवं बिजली की तारों को भूमिगत किया जाएगा। इस कार्य को फरवरी 2017 तक पूरा कर लिया जाएगा। श्री विज ने बताया कि अम्बाला छावनी के सौंदर्यकरण का कार्य शुरू किया जा चुका है। इसके तहत न केवल साफ-सफाई की व्यवस्था की जा रही है बल्कि सकड़ों को चौड़ा करने का कार्य भी चल रहा है ताकि बाजारों को खुला किया जा सके। उन्होंने बताया कि अम्बाला छावनी की सडक़ों को बिजली के खम्बों से रहित करने के लिए भूमिगत विद्युतीकरण किया जाएगा। इसके तहत सडक़ों पर खड़े सभी बिजली व टेलीफोन के खंबों की तारों को भूमिगत किया जाएगा। इससे जहां सडक़ों का सौंदर्यकरण किया जाएगा, वही लोगों को बार-बार बिजली व टेलिफोन की तारे टुटने के निजात मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सबसे पहले अम्बाला छावनी के विजय चौंक से थाना सदर तक की सडक़ को खम्बा रहित बनाया जाएगा। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट 31 जुलाई तक तैयार कर निविदाएं आमंत्रित की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे चाहते है कि अम्बाला छावनी की सभी सडक़ों एवं बाजारों को इस सुविधा से लैस किया जाए, परन्तु सराफा बाजार, हलवाई बाजार तथा मेन बाजार को पहले पोल रहित करने का विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, छावनी में लगे पुराने व टूटे-फूटे खंबों को शीघ्र बदलने के निर्देश अधिकारियों को दे दिये गये हैं। सडक़ों पर लगे ट्रांस्फार्मर को भी रास्तों से हटाकर सही स्थानों पर लगाया जाएगा ताकि लोगों को आवागमन मे दिक्कत न आये।
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने वायु सेना के एएन-32 विमान के तीन दिनों से लापता होने पर चिंता व्यक्त की है, जिसमें 29 लोग सवार थे।मुख्यमंत्री ने इस परिवहन विमान पर सवार फ्लाइट लेफ्टिनेंट दीपिका श्योराण तथा फ्लांइग ऑफिसर को-पायलट पंकज नांदल, जो हरियाणा से हैं, के माता-पिता से बातचीत की।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खोज एवं बचाव अभियान में जुटे प्राधिकारियों के निरंतर सम्पर्क में है। उन्होंने विमान में सवार सभी लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रार्थना की। 
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चण्डीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा सरकार ने निविदा प्रक्रिया के तहत प्रतिभागी बोलीदाताओं या फर्मों से प्राप्त प्रतिवेदनों या शिकायतों या पत्रों के निपटान हेतु एक समयबद्घ शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने का निर्णय लिया है ताकि सार्वजनिक खरीद में और अधिक पारदर्शिता लाई जा सके।उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि इस तंत्र के तहत खरीद पोर्टल के सॉफ्टवेयर में एक प्रावधान किया जाएगा जिसमें सभी बोलीदाताओं या फर्मों को यह स्वीकार करने के लिए कहा जाएगा कि वे विस्तृत निविदा आमंत्रण सूचना की सभी अर्हता आवश्यकताओं अर्थात विशिष्टिïयों, पात्रता मानदंडों और नियमों एवं शर्तों से सहमत हैं। उन्होंने कहा कि बोलीदाता या फर्म द्वारा इसे स्वीकार न किए जाने पर साफ्टवेयर उन्हें खरीद प्रक्रिया में आगे बढऩे की अनुमति नहीं देगा।  
उन्होंने बताया कि प्रतिभागी बोलीदाताओं या फर्मोंे के इस शिकायत निवारण तंत्र को सभी प्रकार की सार्वजनिक खरीदों के लिए विस्तृत निविदा आमंत्रण सूचना का अभिन्न अंग बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकारी विभाग या संगठन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा तकनीकी बोलियों की अंतिम जांच की जाएगी।  इसके पश्चात निविदा के लिए गठित तकनीकी कमेटी की अंतिम बैठक की कार्यवाही की स्वीकृति के दो दिनों के भीतर सभी प्रतिभागी बोलीदाताओं या फर्मों को सूचित किया जाएगा कि उनकी बोली निविदा आमंत्रण सूचना के अनुरूप है या नहीं। उन्होंने बताया कि बोलीदाताओं या फर्मों को उनकी पंजीकृत ई-मेल आईडी या हार्ड कॉपी के माध्यम से निर्णय बारे जानकारी दी जाएगी। 
उन्होंने बताया कि सभी बोलीदाता या फर्में अपनी बोलियां निविदा आमंत्रण सूचना के अनुरूप होने या नहीं होने के बारे में पत्र या सूचना प्राप्त होने की तिथि से पांच कार्य दिवसों के भीतर, पांचवें कार्य दिवस को सांय पांच बजे तक, बोलियों की तकनीकी जांच के संबंध में अपना प्रतिवेदन एवं शिकायत  दे सकेंगे। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पत्र पांच कार्य दिवसों के भीतर प्राप्त हो जाएं और डाक में हुई देरी को वैध कारण नहीं माना जाएगा। 
उन्होंने बताया कि निविदा आमंत्रित करने वाले विभाग एवं संगठन द्वारा बोलीदाताओं या फर्मों से प्राप्त प्रतिवेदनों या शिकायतों की जांच की जाएगी तथा उन पर पांच कार्य दिवसों के भीतर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।  पांच कार्य दिवसों की गणना शिकायत निवारण के लिए आबंटित किए गए दस कार्य दिवसों के छठे दिन से दसवें कार्य दिवस तक की जाएगी। उन्होंने बताया कि वित्तीय बोलियां शिकायत निवारण के लिए आबंटित दस कार्य दिवसों की अवधि समाप्त होने के उपरांत खोली जाएंगी। वित्तीय बोलियां खोले जाने के उपरांत बोलीदाताओं या फर्मों के किसी भी प्रतिवेदन या शिकायत पर विचार नहीं किया जाएगा।  उन्होंने बताया कि यदि बोलीदाता या फर्म के प्रतिवेदन या शिकायत की जांच के दौरान कोई गंभीर मामला सामने आता है तो खरीद को अंतिम रूप देते समय उसका निपटान किया जाएगा या उसे फाइल किया जाएगा या आवश्यकता हुई तो उच्चाधिकार प्राप्त खरीद कमेटी या सक्षम प्राधिकारी के नोटिस में लाया जाएगा।
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चंडीगढ़, 25 जुलाई— हरियाणा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राम निवास के पिता स्वर्गीय श्री चन्द्रभान की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना सभा और रस्म पगड़ी का आयोजन 27 जुलाई, 2016 को दोपहर दो बजे से तीन बजे तक जैन स्कूल(पार्क नं.2), थाना रोड़ नजफगढ़, नई दिल्ली-43 में किया जाएगा। उनका 24 जुलाई, 2016 को निधन हो गया था। वे 88 वर्ष के थे। 
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चंडीगढ़, 25 जुलाई— हरियाणा बिजली निगमों की कार्यप्रणाली में और अधिक पारदर्शिता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली निगमों द्वारा वितरण प्रणाली के संबंध में की जाने वाली खरीद के लिए मानक बोली दस्तावेज तैयार किया है। निगम के प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि  निगम की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं दक्षता लाने के लिए मानक बोली दस्तावेज, जिसमें निविदा शर्तें, तकनीकी विशिष्टïताएं और सभी निर्धारित फॉरमेट शामिल हैं, को निगम की वेबसाईट www.uhbvn.com पर उपलब्ध करवाया गया है।  सभी पणधारी तथा बोलीदाता इस वैबसाइट के माध्यम से निगम की निविदाओं बारे आसानी से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैंँ।उन्होंने बताया कि इससे प्रतिस्पर्धा के माध्यम से दरों को कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, इससे जहां सुविधा में बढ़ोतरी हुई है, वहीं सामग्री की खरीद में पारदर्शिता आने से भ्रष्टाचार को रोकने में मदद भी मिली है। 
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- कल्पना चावला राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, करनाल द्वारा सरकारी विभागों व प्रदेश के विश्वविद्यालयों से तबादला आधार पर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के लिए 61 वर्गों के 189 पदों हेतु कर्मचारियों के आवेदन आमंत्रित किये हैं। इस संबंध में कर्मचारी अपने आवेदन 4 अगस्त तक भेज सकते हैं। महाविद्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा करनाल में स्थापित किये जा रहे इस नये मेडिकल कॉलेज के स्टॉफ की भर्ती की जाएगी। इसके अन्तर्गत विभिन्न विभागों के आने वाले मेडिकल कॉलेज द्वारा चयनित कर्मचारियों को नियत अवधि के पश्चात समायोजित किया जा सकेगा। इस बारे में मेडिकल कॉलेज द्वारा मांगे गये आवदेनों एवं अन्य विस्तृत जानकारी www.kcgmckarnal.org  पर प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए कर्मचारी को अपना संक्षिप्त बायोडाटा, वर्तमान विभाग में नियुक्ति की तिथि, वेतनमान, शैक्षणिक योग्यता, कुल अनुभव, स्थाई पता  सहित अन्य जानकारियां भेजनी होगी। मेडिकल कॉलेज में सेवानिवृति आयु 62 वर्ष होगी तथा कर्मचारियों का वेतनमान हरियाणा सरकार ने दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा।
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो ने जिला रेवाड़ी में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कोसली स्थित कार्यालय के कार्यकारी अभियंता जितेन्द्र हुड्डïा, एसडीओ राजकुमार, जेई दलबीर सिंह बूरा, लेखा अधिकारी अनिल और एसडीसी गुलशल कुमार को ईएपीबीएक्स बॉक्स, सीसीटीवी कैमरों तथा नेटवर्किंग सिस्टम के बिल निकालने की एवज में भिवानी की किरोड़ीमल कालोनी निवासी श्री आनन्द प्रकाश गुप्ता से 35500 रुपये की रिश्वत लेते रंगे-हाथों गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों के खिलाफ भ्रष्टïाचार निवारण अधिनियम की धारा-7/13 (1) घ के तहत ब्यूरो के गुडग़ांव पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। 
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चंडीगढ़, 25 जुलाई- हरियाणा सरकार ने मत्स्य पालन के व्यवसाय में लगे या इसके इच्छुक अनुसूचित जाति के परिवारों की भलाई के लिए विभिन्न अनुदान योजनाएं  शुरू की हैं ताकि  आजीविका बढ़ाकर उनका सामाजिक उत्थान सुनिश्चित किया जा सके। मत्स्य पालन  विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि मछली पालन हेतु ग्रामीण तालाबों को पट्टïे पर लेने के लिए प्रथम वर्ष के दौरान पट्टïा राशि पर  50 हजार रुपये प्रति हैक्टेयर अथवा वास्तविक पट्टïा राशि का 50 प्रतिशत, जो भी कम हो, अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा दो लाख रुपये होगी। 
 उन्होंने बताया कि अधिसूचित पानियों में मछली पकडऩे के ठेके पर स्वीकृत कुल बोली का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम दो लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार, विभाग द्वारा स्थापित मछली मण्डियों में मछली की थोक बिक्री के लिए दुकान किराये पर लेने हेतु किराये का 50 प्रतिशत या पांच हजार रुपये प्रतिमाह, जो भी कम हो तथा मछली की परचून बिक्री के लिए दुकान के किराये का 50 प्रतिशत या तीन हजार रुपये प्रतिमाह, जो भी कम हो, अनुदान दिया जाएगा।
प्रवक्ता ने बताया कि मछली पालकों को 15 हजार रुपये के जाल की खरीद पर  50  प्रतिशत की दर से अनुदान दिया जाएगा।  इसी प्रकार, खाद-खुराक पर 50 प्रतिशत की दर से प्रति हैक्टेयर 12500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये है। उन्होंने बताया कि मछली पालकों को छोटे आकार की रंगीन मछलियों की बेकयार्ड हैचरी स्थापित करने पर  50 प्रतिशत की दर से 12500 रुपये तथा मध्यम आकार की रंगीन मछलियों की बैकयार्ड हैचरी की स्थापना पर 50 प्रतिशत की दर से एक लाख  रुपये प्रति व्यक्ति अनुदान दिया जाएगा। 
 उन्होंने बताया कि दस दिन के प्रशिक्षण हेतु मत्स्य पालकों को 100 रुपये प्रतिदिन की दर से प्रशिक्षण भत्ता तथा अधिकतम 100 रुपये आने-जाने का किराया दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 30 प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति की आबादी वाली ग्राम पंचायतों द्वारा  पंचायती तालाब का सुधार कार्य करवाने पर शत्-प्रतिशत खर्च विभाग द्वारा वहन किया जाएगा जोकि अधिकतम दो लाख रुपये प्रति हैक्टेयर  होगा।
 प्रवक्ता ने बताया कि यह वित्तीय सहायता अनुसूचित जाति के लिए लाभार्थियों के लिए हैं और इसके लिए आवेदन-पत्र के साथ अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र संलग्न होना चाहिए। इस योजना के तहत लाभार्थियों का चयन कमेटी द्वारा किया जाएगा तथा वित्तीय सहायता ‘पहले आओ-पहले पाओ’ आधार पर तिमाही बजट की उपलब्धता के अनुसार प्रदान की जाएगी।  उन्होंने बताया कि आवेदक अपना आवेदन-पत्र जिला मत्स्य अधिकारी एवं मुख्यकारी कार्यकारी अधिकारी, करनाल के कार्यालय में जमा करवा सकते हैं तथा अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस पर कार्यालय के दूरभाष नम्बर 0184-2266922 पर सम्पर्क किया जा सकता है। 

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