Wednesday, July 13, 2016

मूलभूत सुविधाओं को तरसता विधायक ललित नागर का पैतृक गांव भुआपुर



फरीदाबाद(abtaknews.com) दूसरों की हकों की लड़ाई लडऩे का दावा करके विधानसभा में आए विधायक ललित नागर के अपने पैतृक गांव भुआपुर के लोग ही मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे है। सडक़े टूटी पड़ी है और पूरी तरह जलमग्र है। पशुओं का अस्पताल काफी अरसे से बंद पड़ा है। जोहडों पर कब्जे हो रहे है और पीने के पानी से लेकर बिजली आपूर्ति तक गांव के लोगों को सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं है। दो साल विधायक बनने के बाद भी ललित नागर ने अपने पेतृक गांव भुआपु रकी सुध नहीं ली है। शेष विधानसभा का आलम क्या होगा, इसका अंदाजा उनके गांव की र्दुदशा को देखकर लगाया जा सकता है। 
कांग्रेसी विधायक ललित नागर के  पैतृक गांव भुआपुर जहां का पशु चिकित्सालय जर्जर होने के कारण काफी सालों से बंद पड़ा है। खुले में पशु बंद हुए है और सरकारी स्कूल की हालत तो ऐसी है कि बच्चो को बरसात के मौसम में भी खुले में ही पढ़ाया जा रहा है। पीने के लिए तो पानी नहीं है, लेकिन गांव के चारो ओर सडक़ों पर इतना पानी भरा हुआ है कि वाहन तो क्या पैदल सवार भी जोखिम लेकर इन पर चल पाता है। बिजली आपूर्ति का हाल यह है कि कभी दो घंटे के लिए आ गई तो ठीक है, वरना आती ही नहीं है। जिससे नलकूप भी नहीं चल पाते है। गांव में पीने के लिए पानी के लिए लोग केवल हैंड पम्पों पर निर्भर है। 
सुमेर सिंह, सरपंच भुआपुर ने अबतक पोर्टल को बताया कि मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे विधायक ललित नागर के पैतृक गांव के लोगों ने हुक्का की गुडगुडाहट में बताया कि अभी तक ललित नागर ने विधायक बनने के लिए अपने गांव के लिए कुछ नहीं किया है। उनकी हालत दूसरे गांवों के मुकाबले सबसे अधिक खराब है। विपक्षी पार्टी का विधायक होने के कारण ललित नागर यह कहकर अपना पल्लू छुडा लेते है कि सरकार उनकी नहीं सुन रही है। विधायक ललित नागर स्वयं फरीदाबाद के पॉश इलाके सैक्टर-17 में रहते है, ऐसे में उनके पैतृक गांव के लोग किस हाल में जी रहेे है, शायद वे वहां रहकर बेहतर जान पाते। किसी ने किसी मुद्दे पर सरकार को कोसने में कोई कसर नहीं छोडने वाले विधायक ललित नागर अपने गांव और क्षेत्र की दशा कब सुधारेगें, यह देखने वाली बात होगी।

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