Thursday, July 21, 2016

हरियाणा पुलिस गुडग़ांव में स्थापित करेगी साइबर फॉरेंसिक लेबोरेट्री





चंडीगढ़, 21 जुलाई,2016(abtaknews.com) हरियाणा सरकार ने हरियाणा पुलिस के गुडग़ांव परिसर में बेहतरीन उपकरणों से लैस एक अत्याधुनिक साइबर फॉरेंसिक लेबोरेट्री स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, न केवल हरियाणा पुलिस के बल्कि परस्पर परामर्श से अन्य राज्य पुलिस बलों के अधिकारियों के उन्नत स्तर के प्रशिक्षण तथा हरियाणा पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की प्रौद्योगिकीय क्षमताओं को बढ़ाने के लिए इसी परिसर में हाईटैक प्रशिक्षण सुविधा भी स्थापित करने का निर्णय लिया है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि इस आशय के एक प्रस्ताव को मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस सम्बन्ध में शीघ्र ही राष्टï्रीय प्रौद्योगिकीय अनुसंधान संगठन (एनटीआरओ), नई दिल्ली तथा हरियाणा पुलिस के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।  
प्रवक्ता ने बताया कि राष्टï्रीय प्रौद्योगिकीय अनुसंधान संगठन सोशल मीडिया मॉनिटरिंग की क्षमता समेत साइबर फॉरेंसिक लेबोरेट्री की स्थापना हेतु तकनीकी सहायता के विस्तार, कस्टमाइज्ड इक्यूपमेंट्स, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, सर्वर, वर्कस्टेशन्स, एप्लीकेशन तथा प्रशिक्षण के लिए उत्तरदायी होगा जबकि हरियाणा पुलिस लेबोरेट्री की स्थापना तथा प्रशिक्षण सुविधा हेतु  पर्याप्त फर्नीचर के साथ लगभग 3,000 वर्ग फुट जगह उपलब्ध करवाएगी। उन्होंने बताया कि एनटीआरओ प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने तथा लैब के सुचारू संचालन हेतु लेबोरेट्री मेें तकनीकी विशेषज्ञ नियुक्त करेगा जबकि हरियाणा पुलिस सुविधा तथा रख-रखाव के लिए चौबीसों घंटे आधार पर कार्मिक नियुक्त करेगी। सुविधाओं के सुचारू संचालन, लीज लाइन बिलों तथा उपभोक्ता वस्तुओं के सभी खर्च हरियाणा पुलिस द्वारा वहन किये जाएगें। उन्होंने बताया कि एनटीआरओ की एक टीम ने सीआईडी के तकनीकी विश्लेषण विंग का दौरा भी किया है और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग तथा सैटेलाइट फोन के अनधिकृत इस्तेमाल के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। 
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चंडीगढ़, 21 जुलाई-हरियाणा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘यूथ अगेंस्ट ड्रग’ अभियान के तहत हिसार पुलिस ने थैले में बन्द लिफाफा में एक किलोग्राम स्मैक  बरामद करने में सफलता हासिल की है। आरोपी की पहचान मोहित पुत्र मोहन लाल वासी मोहसन्ड थाना कुरसी तहसील फतेहपुर जिला बराबांकी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।पुलिस एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस महानिरीक्षक , हिसार रेंज के निर्देशन में नशे की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए गठित एसटीएफ  को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब एसटीएफ  की टीम बस स्टैण्ड, हिसार के मेन गेट पर चैकिंग कर रही थी। चैकिंग के दौरान जब एक  लडक़े को सन्देह होने पर रूकने को कहा गया तो पुलिस पार्टी को देखकर  वह  पीछे की तरफ तेज कदमों से चलने लगा। टीम ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से थेले में बन्द लिफाफा में एक किलोग्राम स्मैक बरामद हुई। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम पता मोहित पुत्र मोहन लाल वासी मोहसन्ड थाना कुरसी तहसील फतेहपुर जिला बराबांकी उत्तर प्रदेश बतलाया। 
प्रवक्ता ने बताया कि गहनता से पूछताछ करने पर उसने बतलाया कि वह सलमान वासी लखनऊ के साथ मिलकर स्मैक बेचने का काम करता है। सलमान ने उसे एक किलोग्राम स्मैक देकर हिसार भेजा था जिसेे किसी पार्टी को देना था। आरोपी के खिलाफ थाना शहर हिसार में मादक  पदार्थ निषेध अधिनियम की धारा 21 सी, 27 ए, 61/1985 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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चंडीगढ़, 21 जुलाई-हरियाणा सरकार ने वर्ष 2016-17 में स्टेट रेजिडेन्ट डाटाबेस (एसआरडीबी) में शत-प्रतिशत स्टेट रेजिडेन्ट डाटा अपलोड करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस डाटाबेस में राज्य के निवासियों का पूरा विवरण होगा। यह जानकारी आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने एसआरडीबी के संशोधित दृष्टिïकोण और रूपरेखा की समीक्षा के दौरान दी। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि सृजित किए जा रहे डाटाबेस को राज्य सरकार के विभिन्न समाज कल्याण कार्यक्रमों के तहत विभिन्न नागरिक-केन्द्रित सेवाओं की प्रदायगी के साथ जोड़ा जाएगा ताकि इनके लाभ लक्षित लाभाॢथयों तक पहुंचाये जा सकें। उन्होंने कहा कि जो अभी तक हाथ से हासिल नहीं किया जा सका है, उसे इस डाटाबेस से सम्भव बनाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को एसआरडीबी सृजित करते समय प्रत्येक भूमि और परिवार की एक यूनीक आईडी तैयार करने के लिए भी कहा। 
आधार सक्षम बायोमीट्रिक उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन ढांचे की समीक्षा करते हुए श्री मनोहर लाल ने एक ऐसी प्रणाली विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे फील्ड में कार्यरत कर्मचारी भी विनिर्दिष्टï नजदीकी स्थानों पर अपनी हाजिरी लगा सकें।मुख्यमंत्री ने स्टेट डाटा सेन्टर प्रोजेक्ट की प्रगति, आपदा बहाली स्थल की स्थिति, सरकारी कार्यालयों, जेलों, सांझा केन्द्र सेवाओं इत्यादि में स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क की कनैक्टिविटी,उद्यम संसाधन योजना और मानव संसाधन प्रबन्ध प्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने समेकित-ईपीएमएस, सेन्ट्रल फाइल मूवमेंट एण्ड ट्रेकिंग इन्फॉरमेशन सिस्टम की कार्य-प्रणाली तथा प्रदेश के गांवों में नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की प्रगति की भी समीक्षा की।
बैठक में बताया गया कि डाटा सम्बन्धित मुद्दों की नियमित निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पांच-सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के विशेष सचिव तथा मुख्यमंत्री के ओ.एस.डी इस कमेटी के सदस्य होंगे। इसी प्रकार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक और कमेटी गठित की जाएगी जोकि विभागों से जुड़े तकनीकी मुद्दों पर मार्गदर्शन करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव श्री देवेन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री के आई टी सलाहकार श्री धु्रव मजूमदार और राष्टï्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे। 

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