Sunday, July 24, 2016

सात अन्तर-विभागीय कार्य समूहों का गठन करने का निर्णय





चण्डीगढ़, 24 जुलाई,2016(abtaknews.com) हरियाणा सरकार ने राज्य में सतत विकास लक्ष्यों को क्रियान्वित करने के लिए तथा विजन 2030 डाक्युमेंट तैयार करने के लिए सात अन्तर-विभागीय कार्य समूहों का गठन करने का निर्णय लिया है।    इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि गु्रप 1 में एसटीजी थमेटिक  कलस्टर होगा, जिसमें एसटीजी-1 के तहत गरीबी समाप्त, एसटीजी-2 के तहत जीरो हंगर, एसटीजी-12 के तहत सतत खपत और उत्पादन होगा, जबकि इसमें प्रशासनिक विभागों में विकास एवं पंचायत, कृषि, पशुपालन और डेयरी, बागवानी, स्वास्थ्य, खाद्य एवं औषध प्रशासन, खाद्य एवं आपूर्ति, राजस्व, उद्योग, शहरी स्थानीय निकाय, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता और चिकित्सा शिक्षा शामिल हैं। इस गु्रप के चेयरमैंन विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव होंग, जबकि विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव सदस्य सचिव होंगे।
 गु्रप 2 में एसटीजी-2 के तहत जीरो हंगर, एसटीजी 3 के तहत अच्छा स्वास्थ्य तथा एसटीजी 6 के तहत साफ पानी और स्वच्छता होगा। इस समूह में प्रशासनिक विभाग, स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, श्रम एवं रोजगार, महिला एवं बाल विकास, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, ग्राम एवं आयोजना विभाग, चिकित्सा शिक्षा, विकास एवं पंचायत, राजस्व, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता  और कृषि विभाग शामिल हैं। इस समूह के चेयरमैन स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव होंगे, जबकि सदस्य सचिव विभाग के महानिदेशक होंगे। ग्रुप 3 में एसटीजी 4 के तहत गुणात्मक शिक्षा होगी, जबकि प्रशासनिक विभागों में स्कूल शिक्षा, इलैक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, उच्चतर शिक्षा, औद्योगिक प्रशिक्षण, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, तकनीकी शिक्षा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा राजस्व विभाग शामिल हैं। इस ग्रुप के चेयरमैन स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव होंगे, जबकि सदस्य सचिव मौलिक शिक्षा विभाग के निदेशक होंगे।
ग्रुप 4 में एसटीजी थमेटिक  कलस्टर के तहत एसटीजी 7 के तहत किफायती और स्वच्छ ऊर्जा होगी और प्रशासनिक विभागों में बिजली, अक्ष्य उर्जा, शहरी विकास शामिल है। इस ग्रुप के चेयरमैन बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव होंगे, जबकि सदस्य सचिव बिजली विभाग के प्रधान सचिव व एचवीपीएनएल के प्रबन्ध निदेशक होंगे। ग्रुप 5 में एसटीजी 5 के तहत लिंगानुपात समानता, एसटीजी 10 के तहत असमानता को कम करना, एसटीजी 16 के तहत शांति, न्याय व एसटीजी 17 के तहत लक्ष्यों के लिए भागीदारिता होगी। इस समूह में प्रशासनिक विभाग, महिला एवं बाल विकास, विकास एवं पंचायत, राजस्व, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण, गृह तथा न्यायिक प्रशासन होंगे। इस समूह के चेयरमैन महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव होंगे, जबकि सदस्य सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक होंगे। ग्रुप 6 में एसटीजी 13 के तहत वातावरण, एसटीजी 14 के तहत पानी के बिना जीवन और एसटीजी 15 के तहत धरती पर जीवन होगा। इस समूह में प्रशासनिक विभाग, पर्यावरण, वन एवं वन्य जीव, खनन एवं भूविज्ञान, मत्स्यपालन, सिंचाई, राजस्व व आपदा प्रबन्धन, चक्कबंदी तथा पर्यटन शामिल हैं। इस समूह के चेयरमैन पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव होंगे, जबकि सदस्य सचिव विभाग के निदेशक होंगे।
 ग्रुप 7 में एसटीजी 8 के तहत कार्य और आर्थिक वृद्धि, एसटीजी 9 में उद्योग नवीनता और संरचना, एसटीजी 11 में सतत शहर और समुदाय होंगे, जबकि प्रशासनिक विभागों में उद्योग, विकास एवं पंचायत, शहरी स्थानीय निकाय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, इलैक्ट्रोनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, लोक निर्माण, परिवहन, नागरिक उड्डयन, कृषि, श्रम एवं रोजगार, ग्राम एवं आयोजना, औद्योगिक प्रशिक्षण, हरियाण शहरी विकास प्राधिकरण और पर्यटन शामिल हैं। इस समूह में उद्योग विभाग के प्रधान सचिव चेयरमैन होंग, जबकि विभाग के निदेशक व विशेष सचिव समूह में सदस्य सचिव होंगे। उन्होंने बताया कि इन समूहों के चेयरमैन अपने कार्य के अनुसार निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालय, शैक्षणिक संस्थान, पंचायत, समाज से किसी भी एक प्रतिनिधि को अपने वर्क गु्रप में सहायता के लिए ले सकता है। इन समूहों को सतत विकास लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आर्थिक एवं सांख्यिकीय मूल्याकन विभाग आधारभूत डाटा मुहैया करवाएगा, जब तक विजन डाक्युमेंट अंतिम रूप नहीं ले लेता तब तक इन समूहों की 15 दिन में एक बार बैठक होगी। इन कार्य समूहों को दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित सभी कार्य समूहों की बैठक में प्रत्येक कार्य समूह को अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र संघ इन सभी समूहों को अपनी सहायता मुहैया करवाएगा तथा इस उद्देश्य के लिए यूएन एजेंसी एक्सपर्ट भी नियुक्त किया गया है।

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