Thursday, July 28, 2016

झाड़ियों में नवजात मासूम की चीख से इलाके में सनसनी




फरीदाबाद-जुलाई 28,2016(अबतक न्यूज़ ) एक और बच्चे की जिंदगी में लग गया लावारिस का दाग, सडक़ किनारे बोरी में मिला नवजात बच्चा । फरीदाबाद के सराय थाना क्षेत्र की टीटू कालोंनी के एक खाली प्लॉट में प्लास्टिक की बोरी के अंदर नवजात बच्चे के मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई । आसपास के लोगो ने बच्चे के रोने की आवाज सुनकर बोरे को देखा और पुलिस को इसकी सुचना दी । सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बच्चे को फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। वहीं क्षेत्र के लोग इसे समाज में फैलने वाली बुराई बता रहे हैं और उस मां को भी धिक्कार रहे हैं जिसने अपनी ही कोख के बच्चे को बाहर फेंक दिया।
अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा ये मासूम नहीं जानता कि यह दुनिया में कब आया था ? आखिर वो कौन था जो इसको इस दुनिया में लाया ? आखिर क्यों इसकी मां ने इस को सडक़ किनारे मरने के लिए फेंक दिया ?  यह बेचारा अभी सही से रो भी नहीं पाता है लेकिन कुदरत ने उस पर जो सितम ढाया है उसे देखकर हर किसी की आँखे नम है और सभी एक ही सवाल पूछ रहे है की आखिर वह कौन है जिसने इस मासूम को मरने के लिए सडक़ किनारे फेंक दिया । दरअसल सराय थाना क्षेत्र की टीटू कालोंनी के एक खाली प्लॉट में प्लास्टिक की बोरी के अंदर नवजात बच्चा मिला है। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास से निकलते लोगों ने जब उसे ढूंढने की कोशिश की तो देखा बोरी के अंदर बच्चा था । बच्चे को देखकर लोगों के होश उड़ गए इसके बाद बच्चे के मां बाप की तलाश शुरू की गई । लेकिन कोई नहीं मिला इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई है जिसने  बच्चे को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है।
घटना स्थल के पास बने मकान में रहने वाले अशोक ने बताया कि वह सुबह अपने घर से ड्यूटी के लिये निकला था नीचे आते ही उसे किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी आसपास देखा तो कोई भी दिखाई नहीं दिया फिर वो आवाज सुनते सुनते खाली प्लॉट की तरफ गया जहां उसे आटे की 10 किलोग्राम की बोरी में एक बच्चा मिला,, अशोक ने देखते ही पडौसियों को बताया कि और बच्चे को अपने घर ले गया जहां उसका नाड कटवाया और डाक्टर को बुलाकर बच्चे का ईलाज भी करवाया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को लेकर सिविल अस्पताल में भर्ती करवा दिया।
डॉक्टर वीरेंद्र यादव (पीएमओ बीके अस्पताल) ने बताया कि अपनी मां की गोद में होने की बजाय अब यह बच्चा अस्पताल के बिस्तर में हैं जहां नर्स और डॉक्टर इसका इलाज कर रहे हैं । डॉक्टरों की माने तो पुलिस अभी उसके परिजनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।  बच्चे को देख कर लगता है कि 1 दिन पहले ही पैदा हुआ है  । डॉक्टरों के मुताबिक अगर बच्चे के परिजनों का पता नहीं चला तो इस बच्चे को  चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी को सुपुर्द कर दिया जाएगा जहां से उसके गोद देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी ।
समाजसेवी बाबा रामकेवल ने इस शर्मनाक करतूत पर कहा कि ये मां शब्द की बेज्जती है अगर किसी से अनजाने में गलती हो भी जाती है तो बच्चे को इस कदर मरने के लिये नहीं फेंकना चाहिये। इससे समाज को गलत संदेश जाता है, ऐसी घटनाओं की ओर महिलाओं को ध्यान देना चाहिये।वहीं पडौसी महिला की माने तो उन्होंने कहा कि वो  मां समाज  में मां के नाम पर धब्बा है जिसने ऐसी करतूत की है एक जीव को पैदा करके इस कदर फेंक दिया है। जिसके लिये अब जिंदगी में कठनियां ही कठनियां होंगी।  वहीं पूरे मामले की जांच कर रहे जाँच अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि उन्होंने बच्चे केा सिविल अस्पताला में भर्ती करवा दिया है जहां उसका ईलाज किया जा रहा है और अज्ञात मां के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।


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