Monday, July 18, 2016

सीएम विंडो पर प्रतिदिन 800 शिकायतें, ये है खट्टर सरकार का 2 साल का सुशासन




चण्डीगढ़, 18 जुलाई,2016(अबतक न्यूज़ ) हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने दो अधिकारियों और दो कर्मचारियों की डयूटी के प्रति कोताही को गम्भीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों के विरूद्घ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने और दोनों कर्मचारियों को निलम्बित करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री आज यहां एक बैठक में सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने सीएम विंडो पर उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त, रोहतक और जिला समाज कल्याण अधिकारी, पलवल के विरूद्घ  प्राप्त शिकायतों के लिए उनके विरूद्घ अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कर चोरी को रोकने की अपनी डयूटी से कोताही बरतने के लिए आबकारी निरीक्षक, गुडग़ांव को निलम्बित करने के भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने डयूटी से कोताही बरतने के लिए करनाल के  तहसीलदार के रीडर को भी निलम्बित करने के आदेश दिए हैं।  
 बैठक में बताया गया कि दिसम्बर, 2014 में सीएम विंडो शुरू होने से लेकर 11 जुलाई, 2016 तक इस विंडो पर प्राप्त कुल 1.74 लाख से अधिक शिकायतों में से 1.38 लाख से अधिक शिकायतों का निपटान किया जा चुका है। सीएम विंडो पर एक दिन में औसतन लगभग 800 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं जो सरकार की इस पहल के प्रति शिकायतकर्ताओं के विश्वास एवं संतुष्टिï स्तर को प्रतिबिम्बित करती हैं। मुख्यमंत्री, जो आज यहां सीएम विंडो की कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे, ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई ग्राम पंचायत यह चाहती है कि उनके अधिकार क्षेत्र में शराब के ठेके न खोले जाएं तो इस संबंध में उन द्वारा अपने प्रस्ताव प्रेषित करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि ‘हम लोगों की इच्छा के विरूद्घ आबकारी राजस्व प्राप्त करने के इच्छुक नहीं हैं।’
मुख्यमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में हरियाणा पुलिस का एक प्रवर्तन विंग स्थापित किया जाना चाहिए ताकि राज्य में नियमित तौर से कड़ाई से कानून को लागू किया जा सके। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि हरियाणा पुलिस के हरसमय पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर कड़ी नजर रखी जाए तथा अगली समीक्षा बैठक में उनके आंकड़े प्रस्तुत किए जाएं।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विश्वविद्यालयों द्वारा डुप्लीकेट अंक तालिका जारी किए जाने को सेवा का अधिकार अधिनियम की परिधि के तहत लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से आवेदकों को डुप्लीकेट अंक तालिकाएं जारी करने में होने वाले अनावश्यक विलम्ब के लिए जुर्माने का प्रावधान करने को भी कहा। उन्होंने उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को कहा कि इसके लिए तत्काल मुख्य सचिव कार्यालय को एक प्रस्ताव भेजा जाए। 
विकास एवं पंचायत विभाग से सम्बंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों की प्रकृति की जांच और विश्लेषण करने के लिए कहा ताकि एक नीति बनाकर विलम्बता, यदि कोई है, को एक बार में ही निपटाया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि गबन साबित हो जाता है तो दोषी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में लागू की जा रही सामाजिक लेखा परीक्षण प्रणाली को मजबूत बनाने के भी निर्देश दिए ताकि प्रदेश के विकास में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। इस प्रकार, अनुमान तैयार करने से लेकर भुगतान जारी करने तक विकास की विभिन्न परियोजनाओं में सामाजिक लेखा परीक्षण टीमों की सक्रिय भागीदारी से पंचायतों के विकास अनुदानों में गबन से सम्बंधित बहुत सी शिकायतें अपने आप ही कम हो जाएंगी। उन्होंने राजस्व विभाग की तर्ज पर विकास एवं पंचायत विभाग में भी एक संकलन एवं निगरानी प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए। 
बैठक में अपना मोबाइल नम्बर 9416004464 सांझा करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री के.पी.सिंह ने कहा कि कोई भी विभाग इस मोबाइल नम्बर पर उनसे बात करके या एसएमएस भेजकर पुलिस बल मांग सकता है। मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भूपेश्वर दयाल ने इस प्रणाली पर एक प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव श्री डी.एस.ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा व अन्य वरिष्ठï अधिकारी भी उपस्थित थे।  

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