Monday, July 25, 2016

खट्टर सरकार की गलती व गुस्ताखी क़ानूनी लपेटे में आ सकते है नए 3 मंत्री?



चंडीगढ़ (abtaknews.com ) दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 21 सीपीएस की नियुक्ति पर कानून करवाई करता है तो ऐसी ही करवाई हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा 2 मंत्री हटाकर 3 नए मंत्री बनाने के मामले में संभव है। हरियाणा में CM समेत मंत्रिमंडल 14 सदस्यों का हो गया है और 4 मुख्य संसदीय सचिव मिलाकर तो कुल 18 मंत्री हो गए हैं । अब नए मंत्रियों के ऊपर कोर्ट की तलवार लटक रही है । Haryana Assembly Rules & Procedures के अनुसार Chief Parliamentary Secretaries भी स्पष्ट रूप से 'मंत्री' होते हैं । साथ ही संविधान के 91वें संशोधन से यह नियम बन चुका है कि 'मंत्रियों' की संख्या सदन सदस्यों के 15% से ज्यादा नहीं हो सकती है । ऐसे में, वैसे तो पहले से ही खट्टर  ने ज्यादा मंत्री बना रखे थे जिसपर हाईकोर्ट में केस भी चल रहा है लेकिन अब तो गलती व गुस्ताखी और ज्यादा बड़ी हो गई है । 
दरअसल, CPS को छोड़ भी दें तो भी CM समेत मंत्रिमंडल 14 का हो गया है जो 90 सदस्यों वाली विधानसभा का 15.55% बनता है । कानूनी और तकनीकी रूप से यह गलत माना जाएगा क्योंकि आप देख सकते हैं कि लिखा गया है 'shall not "exceed" fifteen percent'... कानूनी स्तर पर जहां नियमों का उनकी भाषा के अनुसार अक्षरश: पालन किया जाता है,वहां इसे सही (i.e, not exceeding 15%) ठहराना आसान नहीं होगा अगर चुनौती दी गई तो..और जिन मित्रों ने उच्च स्तर तक गणित पढ़ा है वे यह भी जानते हैं कि truncation के हिसाब से 15.55 को 16 माना जाएगा, 15 नहीं?
एक अन्य रोचक पहलू यह भी है कि अगर हाइकोर्ट ने CPS को मंत्री करार देकर मंत्री व CPS की कुल संख्या 15% से नीचे करने को कहा तो लपेटे में वे आएंगे जिन्होंने शपथ सबसे आखिर में ली है और उनमें ये 3 नए मंत्री तो हैं हीं? उपरोक्त मामले में दिल्ली के मुख़्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को भी इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी को मुँहतोड़ जवाब देने का रास्ता तैयार हो गया है। 

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