Sunday, July 17, 2016

नया एम्स झज्जर में 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से खुलेगा :- मुख्यमंत्री खट्टर




चण्डीगढ़, 17 जुलाई,2016(abtaknews.com) हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि केंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के प्रति लोगों को सचेत करने के लिए सरकारी प्रयासों के साथ साथ अपने स्तर पर भी स्वास्थ्य की जांच शिविर आयोजित करने की पहल करें ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही बीमारी का पता चल सके और उसका इलाज समय पर संभव हो सके। उन्होंने कहा कि झज्जर जिले के बाढ़सा में 3 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 32 एकड़ क्षेत्र में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एमस-2) को केंसर संस्थान खोला जा रहा है।
मुख्यमंत्री आज पंचकूला जिले के सुल्तानपुर स्थित बीआरएस डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल में अश्वनी गुप्ता ममोरिल ट्रस्ट पंचकूला के सौजन्य से केंसर एवं टीबी जांच कैंप का उद्घाटन करने उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंसर जैसी जानलेवा बीमारियां बढऩे का कारण हमारे पर्यावरण का असंतुलन होना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वच्छ भारत अभियान का नारा दिया है और हरियाणा सरकार ने इस अभियान को आगे बढ़ाते हुए स्वच्छ भारत स्वच्छ हरियाणा कि या है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने घर व आस-पास के इलाके के साथ साथ सार्वजनिक स्थलों जैसे बसस्टैड, रेलवे स्टेशन, पार्क, स्कूल इत्यादि में भी स्वच्छता को बनाए रखने को अपनी आदतों में शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरी हरित क्रांति के कारण कृषि उत्पादन में तो वृद्धि हुई है और देश खाद््यान भंडारण में तो आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा है परंतु कीटनाशक व अन्य रसायनों के प्रयोग के कारण खान पान प्रभावित हुआ है और यही कारण है कि आज जानलेवा बीमारियां पनप रही है। उन्होंने कहां कि केंसर जैसी बीमारियों से व्यक्ति का मानसिक संतुलन प्रभावित होता है और इसका इलाज भी काफी महंगा है। यदि समय रहते बीमारी का आरंभ हीं पता चल जाता है तो इसका इलाज जल्दी संभव है। इस प्रकार की बीमारी के रोगियों के साथ हमें नरम व्यवहार रखना चाहिए। केंसर कोई छूत की बीमारी नहीं परंतु रोगी के साथ स्नेह व प्यार से व्यवहार करने से उसको हौंसला मिलता है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार टीबी भी एक फेफड़ों का रोग है और वनों को बढ़ाकर हम खुली हवा का शुद्धवातावरण बना सकते है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों व खुली जगह पर मानसून मौसम के दौरान आवश्य कोई न कोई छायादार पौधा लगाएं। हरियाणा में शिवालिक व अरावली पर्वतीय क्षेत्र प्राकृतिक वनों का है। शेष क्षेत्र में हमें पेड़ लगाने की पहल करनी होगी। पिछलो वर्ष वन महोत्सव के दौरान सरकार ने हर घर हरियाली नाम से पौधारोपण की योजना चलाई थी और लोगों ने अपने घरों में पौधे भी लगाए। इस वर्ष के वन महोत्सव पर वन विभाग द्वारा गांव पेड़ों की छांव की ओर कार्यक्रम घोषित किया गया है और ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी प्राकृतिक जोहड़ो व बणीयों में पौधे लगाए जाएंगे ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को भी शुद्ध वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि युवाओं को भी पौधारोपण के लिए आगे आना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कॉलेज प्रांगण में पौधारोपण भी किया।
उन्होंने कहा कि शुद्ध वातावरण लोगों को मिले इस कड़ी में हरियाणा सरकार ने वर्ष 2017 तक प्रदेश को खुले में शौचमुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और 8 जिलों को एक नंबर 2016 का टारगेट दिया है। उन्होंने पंचकूला जिला प्रशासन विशेषकर उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल व अतिरिक्त उपायुक्त हेमा शर्मा के प्रयासों की सहराना की, जिनके चलते पंचकूला जिला आज प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जिसका ग्रामीण क्षेत्र खुले में शौचमुक्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में हरियाणा में एक लाख से अधिक गैर सरकारी संगठन, ट्रस्ट व संस्थान पंजीकृत है। ऐसे संस्थानों को समष्टिहित की भावना व सोच से कार्य करना चाहिए ताकि समाज के गरीब से गरीब तबके को स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिल सके।
इस अवसर पर विधायक व अश्वनी गुप्ता ममोरियल ट्रस्ट के चेयरमैन ज्ञानचंद गुप्ता ने ट्रस्ट द्वारा चलाई जा रही विभिन्न सामाजिक गतिविधियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट की स्थापना 2006 में की गई थी। इसका मुख्य कारण अश्वनी गुप्ता जो बैडमिंटन के अंडर-14 में पंजाब का राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व कर चुके थे, की यादों को ताजा रखने के लिए परिवार ने इस ट्रस्ट की स्थापना करने का निर्णय लिया और हर वर्ष जिला स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता तथा मैडिकल जांच कैंपों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट द्वारा इससे पूर्व आंखों का कैंप का आयोजन करवाया जाता था तथा नौ कैंप लगाकर 3 हजार लोगों की आंखों की जांच की गई और 350 से अधिक सफल ऑपरेशन करवाएं। परंतु गत वर्ष पानीपत में आए कैंप के दौरान लोगों की आंखों की रोशनी खत्म होने के कारणों को देखते हुए इस वर्ष केंसर व टीबी जैसी बीमारी की जांच करवाने के लिए कैंप आयोजित करवाने का निर्णय लिया गया और इसी कड़ी में आज हम यहां पर है। उन्होंने बीआरएस डेंटल कॉलेज प्रशासन तथा कैंप में निशुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए हरीश साहनी व विजय बत्रा के सहयोग की भी सहराना की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 26 से 28 जुलाई को ट्रस्ट द्वारा पंचकूला जिला स्तरीय  बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जाएगा।
डेंटल कॉलेज की मुख केंसर विशेषज्ञ व संकाय सदस्य डा. परमप्रीत कौर ने मुख केंसर होने के मुख्य कारणों व लक्ष्णों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विश्व में 30 प्रतिशत मृत्यु मुंह के केंसर के कारण होती है, जिसमें तंबाकु सेवन एक बड़ा कारण है। भारत में हर वर्ष 23 प्रतिशत मृत्यु तंबाकु के कारण हो रही है। उन्होंने लोगों से तंबाकु सेवन से बचने की अपील की। आज के शिविर में 62 व्यक्तियों ने केंसर व टीबी जांच के लिए तथा 26 व्यक्तियों ने डेंटल जांच के लिए रजिस्टे्रशन करवाया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ताइक्वाडो की राष्ट्रीय खिलाड़ी तारुषी गौड को विशेष रूप से सम्मानित किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने डा. बीके बंसल, संदीप छाबड़ा, राजेश राजू, डा. देवेंद्र कौर, हरीश साहनी, विजय बत्रा व अलकैमिस्ट अस्पताल के सीओ डा. विजय वर्मा को भी स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर जिला परिषद के अध्यक्ष रितु सिंगला, शिवालिक बोर्ड के सदस्य श्यामलाल बंसल व बीबी सिंगल, अंबाला पंचकूला के आयुक्त डा. आरसी मिश्रा, उपायुक्त डा. गरिमा मित्तल, एडीसी हेमा शर्मा, बीआरएस डेंटल कॉलेज के चेयरमैंन अनुप गर्ग, प्रिंसीपल डा. राजीव बाली, प्रशासक वीरेंद्र राणा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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