Tuesday, July 26, 2016

हरियाणा बिल्डिंग कोड, 2016 अनुमोदित






चंडीगढ़, 26 जुलाई,2016(abtaknews ) हरियाणा सरकार  ने हरियाणा बिल्डिंग कोड, 2016 अनुमोदित किया है जिसके तहत सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत शुल्कों की अदायगी पर अतिरिक्त फ्लोर एरिया अनुपात (एफएआर) की अनुमति होगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि हुडा (भवन निर्माण) विनियमन, 1979 के भवन नियमों और इसमें किए गए अनुवर्ती संशोधनों तथा इसके तहत जारी दिशा-निर्देशों के स्थान पर अब हरियाणा बिल्डिंग कोड, 2016 लागू होगा। अब से भवन नक्शों की अनुमति एवं कब्जा प्रमाण पत्र प्राप्त करने से संबंधित सभी मामलों एवं आवेदनों का निपटान हरियाणा बिल्डिंग कोड, 2016 के अनुसार किया जाएगा। 
1 जुलाई, 2016 से पूर्व प्राप्त एवं प्रक्रियाधीन भवन नक्शों एवं कब्जा प्रमाण पत्र आवेदनों के मामले में आंबटी निरस्त हुडा (भवन निर्माण) विनियमन, 1979 के भवन नियमों या हरियाणा बिल्डिंग कोड, 2016 में से कोई भी विकल्प चुन सकता है।  उन्होंने बताया कि ‘हरियाणा बिल्डिंग कोड 2016’ सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत शुल्कों की अदायगी पर अतिरिक्त एफएआर की अनुमति देता है। तदनुसार, श्रेणीवार खरीदयोग्य अतिरिक्त एफएआर निम्र प्रकार से होगा :-
प्लाट का आकार     प्रत्येक फ्लोर पर अधिकतम अनुज्ञेेय  कवरेज     एफएआर

जोन क्षमता/खरीद योग्य एफएआर की दर (रुपये प्रति वर्ग मीटर)
वर्तमान    अतिरिक्त खरीदयोग्य    कुल    हाइपर    उच्च-।    उच्च-॥    मध्यम    निम्र-।    निम्र-॥
3 मरला तक    66    1.65    0.33    1.98    शून्य    शून्य    शून्य    शून्य    शून्य    शून्य
4 मरला    66    1.65    0.33    1.98    1615    1295    970    810    650    485
6 मरला    66    1.45    0.53    1.98    2155    1725    1295    1080    865    650
08 मरला    66    1.45    0.53    1.98    2425    1885    1455    1240    970    755
10 मरला     66    1.45    0.53    1.98    2690    2155    1615    1345    1080    810
14 मरला    60    1.30    0.50    1.80    3770    3015    2260    1885    1510    1130
एक कनाल    60    1.20    0.60    1.80    5380    4305    3230    2690    2155    1615
दो कनाल    60    1.00    0.80    1.80    8070    6460    4845    4035    3230    2425
 उन्होंने बताया कि हाइपर, उच्च-।, उच्च-॥, मध्यम, निम्र-। एवं निम्र-॥ जोन तथा इन जोन्स के तहत आने वाली शहरी संपदाएं नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग द्वारा पंजाब अधिसूचित सडक़ एवं नियंत्रित क्षेत्रों में अनियमित विकास प्रतिबंध नियम, 1965 के तहत अधिसूचित की जाएंगी। यदि प्लाट के आकार में मानक आकार से 20 प्रतिशत से कम या ज्यादा का अंतर है तो अपने वास्तविक आकार के अनुसार प्लाट जिस श्रेणी में आता है, वही शुल्क लागू होंगे।  
 प्रवक्ता ने बताया कि रिहायशी प्लाटों पर बनाए जाने वाले मकानों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा और एफएआर में वृद्धि के कारण इनकी संख्या बढ़ाई नहीं जाएगी। जहां प्लाट पर भवन का निर्माण हो चुका है या निर्माणाधीन है, ऐसे मामलों में मालिक को अपनी आवश्यकतानुसार अतिरिक्त एफएआर की खरीद का विकल्प होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में हुडा अधिकतम अनुज्ञेय खरीदयोग्य एफएआर की खरीद पर जोर नहीं देगा। बहरहाल, नई स्वीकृत योजानाओं और ऐसे मामलों, जहां विद्यमान ढांचे को गिरा कर निर्माण किया जा रहा है, में आंशिक खरीदयोग्य एफएआर का विकल्प उपलब्ध होगा। 
उन्होंने बताया, चूंकि अतिरिक्त एफएआर की अनुमति दी जा रही है, इसलिए जोनिंग प्लान या वास्तु नियंत्रणों में आवश्यकतानुसार उचित संशोधन किया जाएगा। विभिन्न शहरी सम्पदाओं में अनुज्ञेय रिहायशी प्लाटों के मानक आकार के आधार पर संबंधित जिला नगर आयोजक द्वारा प्रत्येक श्रेणी के प्लाट की मानक जोनिंग शीट्स तैयार की जाएंगी और उन्हें सक्षम अधिकारी से अनुमोदित करवाया जाएगा। जहां तक संभव होगा, रिहायशी प्लाटों के सैटबैक्स को मानक जोनिंग योजनाओं के अनुसार ही रखा जाएगा। 
प्रवक्ता ने बताया कि ऐसे मामलों, जिनमें अतिरिक्त एफएआर की खरीद नहीं की गई है, वर्तमान संरचना नीति ही लागू रहेगी। इसके अतिरिक्त, प्लाट पर विद्यमान भवन, जिसमें नीति के अनुसार अतिरिक्त क्षेत्र को पहले ही शामिल कर लिया गया है, के मामलों में उसकी गणना खरीदयोग्य एफएआर के रूप में अनुमत अधिकतम अनुज्ञेय ग्राउंड कवरेज और एफएआर के रूप में की जाएगी। उन्होंने कहा कि आबंटी द्वारा रिहायशी प्लाट स्टिल्ट फ्लोर का निर्माण किए जाने की स्थिति में सामने की चारदीवारी का निर्माण करना वैकल्पिक होगा। 

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