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Friday, February 24, 2017

संपत्ति कर व ब्याज माफी की योजना के तहत निगम को प्राप्त हुए 7 करोड़ का राजस्व

संपत्ति कर व ब्याज माफी की योजना के तहत निगम को प्राप्त हुए 7 करोड़ का राजस्व


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फरीदाबाद, 24 फरवरी,2017(abtaknews.com) नगर निगम की निगमायुक्त  सोनल गोयल ने निगम मुख्यालय पर संपत्ति कर, पानी व सीवरेज को लेकर क्षेत्रीय एवं कराधान अधिकारियों की बैठक ली तथा बैठक में हरियाणा सरकार द्वारा वर्तमान में जारी संपत्ति कर व ब्याज माफी योजना की प्रगति की समीक्षा की। इस बैठक में नगर निगम के संयुक्त आयुक्त मुकेश सोलंकी, प्रशासनिक अधिकारी  के0के0 गोयल, आई0टी0 सैल के कार्यकारी अभियन्ता  विजय ढाका, एनआईटी जोन-1 के क्षेत्रीय एवं कराधान अधिकारी विजय सिंह, जोन-2 के  महेन्द्र सिंह,बल्लबगढ़ जोन के क्षेत्रीय एवं कराधान अधिकारी अनिल रखेजा और ओल्ड जोन से विशाल कौशिक और प्रेम प्रकाश भी उपस्थित थे।

निगमायुक्त सोनल गोयल ने बताया कि 23 फरवरी 2017 को नगर निगम को इस योजना से एक करोड़ 40 लाख रूपये की रिकवरी मिली है। इस प्रकार फरवरी महीने में निगम को कुल 6 करोड़ 84 लाख रूपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने  सभी क्षेत्रीय एवं कराधान अधिकारियों को  संपत्ति कर के डाटा को शीघ्र से शीघ्र कंप्यूटराईज्ड कराने के लिए आई टी सैल के साथ समन्वय बनाये रखने के भी आदेश दिए।

निगमायुक्त  ने बैठक में तीनों जोन एनआईटी, बल्लबगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद के क्षेत्रीय एवं कराधान अधिकारियों को निर्देश दिए  कि आगामी छुटटी के दिनों में भी वह तीनों जोनों के कार्यालय खुले रखेंगे ताकि अधिक से अधिक बकायादार इस छूट योजना का लाभ उठा सकें।  उन्होंने सभी कराधान अधिकारियों को यह भी कहा कि वह अपने-अपने क्षेत्रों में सभी संपत्ति करदाताओं को कैशलैश ट्रांसजेक्शन के माध्यम से कर भुगतान करने के लिए प्रेरित करें क्योंकि कैशलैस ट्रंासजेक्शन पर सरकार द्वारा 1 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट दी जा रही है। निगमायुक्त द्वारा बताया गया कि सेक्टर-12 स्थित हुडा कान्वेंशन हॉल में  28 फरवरी को आयोजित होने वाले डिजी धन मेला में नगर निगम फरीदाबाद की ओर से संपत्ति, पानी व सीवरेज कर के भुगतान व जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए वसूली जाने वाली फीस को कैशलैस रूप में प्राप्त करने के लिए स्टॉल लगाई जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस डीजी मेला व तीनों जोनों के क्षेत्रीय कार्यालयों में अपने करों का भुगतान कैशलैस माध्यम से करें।

बिजली विभाग की लापरवाही फिर आई सामने, उपभोक्ताओं के घर भेजे लाखों के बिल

बिजली विभाग की लापरवाही फिर आई सामने, उपभोक्ताओं के घर भेजे लाखों के बिल


फरीदाबाद 24 फरवरी,2017(abtaknews.com)बिजली निगम ने दिया उपभोक्ताओं को जोर का झटका धीरे से। मामला बल्लभगढ़ के सेक्टर 3 का है, जहां आम महीनों में हजारों रुपए का बिल भरने वाले उपभोक्ताओं को बिजली निगम ने 80 लाख, 82 लाख और 84 लाख तक के बिल 2 महीने के भेज दिए हैं। ऐसा केवल एक उपभोक्ता के साथ नहीं बल्कि यहां रहने वाले कई उपभोक्ताओं के साथ हुआ है। मात्र 2 महीने का इतना बड़ा बिल देखकर उपभोक्ता सदमे में है। यहां यह भी बता दे कि इस तरह का मामला फरीदाबाद में पहली बार देखने को नहीं मिला है, इससे पहले भी करोड़ों रुपए के बिल उपभोक्ताओं के आते रहे हैं।

दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम फरीदाबाद के हेड क्वार्टर के अंतर्गत पडऩे वाले सब डिवीजन-2 के इस बार के बिल अनाप-शनाप भेजे गए है। इतने बड़े अमाउंट का बिल देखकर उपभोक्ता चक्र गए हैं। 80 लाख के आसपास भेजे गए कई घरों के ये बिल किसी कोठी के नहीं, ब्लकि मात्र 36-36 के मकानों के दो महीनों के हैं। बिजली निगम की लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी 2 जुलाई को फरीदाबाद में 50 गज के एक मकान का 75 करोड़ का बिल आया था, जिसमें किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आज तक बिजली निगम की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अलावा नवम्बर में भी 50 गज के मकान का 77 करोड़ का बिल आया था। उपभोक्ता शिव सिंह की मानें तो वे हर महीने 1000-1500 का बिल भरते हैं, लेकिन 82 लाख का बिल देखकर वे चकरा गए। इसकी शिकायत लेकर वे बिजली दफ्तर में भी गए थे , लेकिन वहां उन्हें कोई सन्तोष जनक जवाब नहीं मिला। मकान नम्बर 2916 में रहने वाली बबिता का कहना है कि उनका 81 लाख का बिजली बिल आया है, उनके पति बीमार रहते हैं, इसलिए उन्हें नहीं बताया। इससे पहले उनके बिल कम आते थे। वहीँ मकान नम्बर 2918 में रहने वाली नेहा की मानें तो उनका बिजली बिल 82 लाख के करीब आया है। वे इससे हैरान इसलिए नहीं हैं, क्योंकि बिजली विभाग इस तरह की गलती करता ही है। इतनी बड़ी लापरवाही में अधिकारी सरकारी छुट्टी का बहाना बनाकर इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर रहे हैं। बार-बार इस तरह की लापरवाही कहीं ना कहीं बिजली निगम की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।