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Wednesday, September 28, 2016

मानव रचना की टीम स्पाइरो स्टूडियोस को मिला पहला इन्फी मेकर अवॊर्ड इंडिया

मानव रचना की टीम स्पाइरो स्टूडियोस को मिला पहला इन्फी मेकर अवॊर्ड इंडिया




फरीदाबाद 28 सितंबर, 2016(abtaknews.com )मानव रचना (एमआर) हमेशा से अपने स्टूडेंट्स को अलग सोच के साथ नई-नई खोजे करने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है। इसी का नतीजा रहा है कि एमआर के स्टूडेंट्स नैशनल व इंटरनैशनल लेवल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते रहे हैं। एक बार फिर मानव रचना के स्टूडेंट्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। एमआर की टीम स्पाइरो स्टूडियोस ने इंफोसिस का पहला इन्फी मेकर अवार्ड हासिल किया है।
मानव रचना के स्टूडेंट्स ने हेल्थ कैटिगरी में पहला इन्फी मेकर अवॊर्ड हासिल कर पांच लाख का प्राइज प्राप्त किया है। टीम ने फिजियो प्रोजेक्ट के माध्यम से अपनी अलग सोच का परिचय देते हुए यह अवॊर्ड हासिल किया है। इस टीम में वीरपाल शर्मा (2016 में यूनिवर्सिटी के न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स विभाग से पासआउट) व एमआरयू बीकैट आईटी का स्टूडेंट्स देवयांशु वार्षेण शामिल रहा। टीम ने एमआईटी टेक रिव्यू इनोवेटर्स अंडर 35 विजेता एमआरयू के स्टूडेंट्स रूपम शर्मा के मार्गदर्शन में बनाया है। 2500 रजिस्ट्रेशन में से एमआर की टीम ने हेल्थ कैटिगरी में यह अवॊर्ड प्राप्त किया है।
इन्फी मेकर अवॊर्ड इंफोसिस कमिटी के द्वारा मेकिंग इन इंडिया के स्पोर्ट में शुरू किया गया था। यह अवॊर्ड साल 2015 में यूएसए में प्रेसिडेंट बेराक ओबामा की मेकर पहल का साथ देते हुए शुरू किया गया था। यह प्रतियोगिता हेल्थ, एनर्जी, एजुकेशन, साउंड एंड म्यूजिक, सोशल चेंज सोल्यूशन्स, रोबोटिक्स, आर्ट एंड डिजाइन, आर्टिफिशियल इंटैलिजेंस, इलैक्ट्रोनिक्स व अन्य श्रेणियों में आयोजित की गई थी। इसमें से टीम स्पोइरो ने हेल्थ कैटिगरी में अपने फिजियो प्रोजेक्ट की मदद से विजेता का पद हासिल किया है। इससे पहले टीम स्पाइरो आईआईटी गुवाहटी में आयोजित हुए टेकएक्सप्लोर 2016 में सेकंड प्राइज हासिल किया व माइक्रोसोफ्ट इमेजिन कप 2016 में यह टीम टॊप 8 इंडियन नैशनल फाइनलिस्ट में शामिल रही।
फिजियो एक वास्तविक  पूर्नवास का माध्यम है। इसकी मदद से मरीज अपनी फिजियोथैरपी का ट्रैक रख सकता है और फिजिकल थैरपी एक्सरसाइज की जगह विडियो गेम की मदद से एक्सरसाइज कर सकता है। केवल यही नहीं इसके तहत थ्री डी फुल बॊडी मोशन सैंसिंग गेम भी तैयार की गई है। इसके साथ साथ फिजियो की मदद से मरीज अपनी अनुभव भी शेयर कर सकते हैं और फिजिशियन व थैरपिस्ट अपने मरीज में सुधार के लिए फोलो अप कर सकते हैं।
प्रोजेक्ट बनाने की शुरुआत साल 2015 नवंबर में उस समय की गई जब टीम के को फाउंडर देवांशु ने एक्सीडेंट के बाद सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना किया। यह प्रोजेक्ट उसी अनुभव व परेशानियों को दूर करने के रूप में सामने आया है।
स्टूडेंट्स को बधाई देते हुए मानव रचना शैक्षणिक संस्थान (एमआरईआई) के वाइस प्रेसिडेंट डॊ. अमित भल्ला ने कहा कि फिजियोथैरपी के क्षेत्र में यह नई खोज है। जिस सोच व जज्बे के साथ स्टूडेंट्स ने यह प्रोजेक्ट तैयार किया है, उसकी मैं सराहना करना चाहूंगा व आने वाले समय में इस तरह की खोजों के साथ वह काम करते रहे इसके लिए शुभकामनाएं देना चाहुंगा।
सरकारी मदद न मिलने पर मुजेसर में लोगों ने स्वयं कराई फोगिंग

सरकारी मदद न मिलने पर मुजेसर में लोगों ने स्वयं कराई फोगिंग




फरीदाबाद(abtaknews.com) लगातार बढ रहे चिकनगुनिया और डेंगू के मरीजों को देखते हुए अब सरकारी मदद का सहारा छोडकर कालोनीवासी स्वयं अपने इलाके में मच्छरों के खात्में के लिए फोगिंग कराने लगे है। ऐसा ही एक नजारा फरीदाबाद के मुजेसर इलाके में उस समय देखने को मिला जब लोगों ने एनएसयूआई के प्रधान सन्नी बादल के सहयोग से अपनी कालोनी में मच्छरों के खात्मे के लिए फोगिंग कराई। 

लगातार बुखार व चिकनगुनिया और डेंगू की मार को झेल रहे इन कालोनी वासियों की जब सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने नहीं सुनी तो कई सामाजिक संस्थाएं और दूसरे लोग सामने आए। उन्होनें अपने खर्चे पर इन कालोनियों  में फोगिंग कराई जहां प्रशासन ने कभी सौचा तक भी नहीं था। फोगिंग कर रहे ये काई सरकारी व निगम के कर्मचारी नहीं है, बल्कि स्वंय कालोनी वासी है, जो अपने लिये सामाजिक व दूसरे लोगें की मदद से फोगिंग कर रहे है। ताकि काई भी मच्छर उन्हे व उनके परिवार को नुकसान न पंहुचा पांए। गांव मुजेसर एवम कोलानी निवासियो की माने तो उन्हे प्रशासन की ओर से अभी तक कोई मदद व सुविधा नहीं मिला है। वे अपने व दूसरे संगठनों की मदद से अपने इलाके में फोगिंग करा रहे है। ताकि मच्छरों के प्रकोप से बचा जा सकें।

आय घोषणा योजना 30 सितंबर, 2016 की मध्य रात्रि 12 बजे तक;-अरुण जेटली

आय घोषणा योजना 30 सितंबर, 2016 की मध्य रात्रि 12 बजे तक;-अरुण जेटली


आय घोषणा योजना, 2016 के तहत कागजी रूप से घोषणापत्र दाखिल करने वालों को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सभी आय घोषकों के लिए आयकर विभाग के सभी प्रधान मुख्य आयुक्तों को 30 सितंबर 2016 की मध्यरात्रि 12 बजे तक काम करने का निर्देश दिया है।घोषणा ऑनलाइन के साथ-साथ निर्धारित प्रपत्र की मुद्रित प्रतियों में भी 30 सितंबर, 2016 की मध्यरात्रि तक किया जा सकता है।

तदनुसार, आय घोषणा योजना-2016 के तहत घोषणाओं की प्राप्ति के लिए काउंटर 30 सितंबर 2016 की मध्य रात्रि तक काम करेंगे।आय घोषणा योजना-2016 1 जून 2016 से प्रभाव में आया। यह योजना वैसे लोगों को जिन्होंने पहले करों का पूरा भुगतान नहीं किया है को अपनी अघोषित आय और संपत्ति की घोषणा करने का एक अवसर प्रदान करता है।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सुरक्षा बल के कामकाज की समीक्षा की

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सीमा सुरक्षा बल के कामकाज की समीक्षा की



केंद्रीय गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज यहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कामकाज की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान संरचना विकास तथा बीएसएफ कर्मियों के कल्‍याण संबंधी लंबित विषयों को निपटाने और सीमा प्रबंधन से जुड़े अन्‍य विषयों पर चर्चा की।बीएसएफ के महानिदेशक ने बताया कि बीएसएफ कर्मियों को जोखिम तथा कठिनाई भत्‍ता दिए जाने के संबंध में केंद्रीय सशस्‍त्र पु‍लिस बलों (सीएपीएफ) के प्रमुखों की समिति द्वारा की जाने वाली सिफारिशों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन सिफारिशों को जल्‍द ही गृह मंत्रालय को सौंप दिया जाएगा।

सीएपीएफ कर्मियों के आवागमन में सुविधा के लिए गृह मंत्रालय ने चार प्रमुख रेल गाडि़यों में सीएपीएफ कर्मियों के वास्‍ते अतिरिक्‍त डिब्‍बे जोड़े जाने को क्‍लीयरेंस दे दिया है। ये गाडि़यां उत्‍तर/दक्षिण एवं पूर्व/पश्चिम भारत से जुड़ी हैं।समग्र बॉर्डर आउट पोस्‍ट के समकक्ष मौजूदा बॉर्डर आउट पोस्‍टों के उन्‍नयन, ऊंचाई पर रहने के लिए फाइबर री-इनफोर्स्‍ड पोलिमर शेल्‍टर, जम्‍मू-कश्‍मीर में नियंत्रण रेखा पर अग्रिम सुरक्षित रिहाइश तथा पुराने नियमों के आधार पर नई स्‍वीकृत बटालियनों के लिए भूमि अधिग्रहण पर भी बैठक में चर्चा हुई।

तट रक्षक के समानांतर एक स्‍व-नियामक प्रतिस्‍थापना के रूप में बीएसएफ एयर विंग की शरुआत करने के विषय को भी चर्चा के लिए स्‍वीकार किया गया। इस संबंध में नागरिक उड्डयन मंत्रालय और तट रक्षक से अलग-अलग टिप्‍पणियां आमंत्रित की गई हैं।आधुनिक और अद्यतन प्रौद्योगिकी के उपयोग वाले समग्र एकीकृत सीमा प्रबंधन उपायों (सीआईबीएमएस) जैसे महत्‍वपूर्ण मुद्दे पर भी चर्चा की गई। गृहमंत्री ने कहा कि बीएसएफ के बहादुर और सतर्क जवानों की सहायता के लिए बेहतर प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल की आवश्‍यकता है। बीएसएफ के महानिदेशक श्री ए.के.शर्मा ने गृह मंत्री और गृह मंत्रालय के अधिकारियों को आश्‍वस्‍त किया कि सीआईबीएमएस की पायलट परियोजना शीघ्र कार्यान्वित की जाएगी।श्री राजनाथ सिंह ने सभी लंबित मामलों की स्‍वीकृति के लिए तुरंत कार्रवाई करने के संबंध में संबंधित एजेंसियों और विभागों को निर्देश दिया।
भारत-अमेरिका का संयुक्त युद्ध अभ्‍यास 2016 का समापन

भारत-अमेरिका का संयुक्त युद्ध अभ्‍यास 2016 का समापन



उत्‍तराखंड के चौबत्तिया में आज युद्ध अभ्‍यास 2016 पूरा हो गया। यह अभ्‍यास दो सप्‍ताह तक चला जिसमें भारतीय सेना की एक इंफेंट्री बटालियन और अमेरिकी सेना की 20वीं इंफेंट्री रेजीमेंट की 5वीं बटालियन ने हिस्‍सा लिया।यह सैन्‍य अभ्‍यास युद्ध अभ्‍यास श्रृंखला का 12वां अभ्‍यास था। इसकी शुरुआत वर्ष 2004 में अमेरिकी सेना प्रशांतिक सहभागिता कार्यक्रम के तहत किया जाता है। इस अभ्‍यास के तहत भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूती मिलती है। उत्‍तराखंड के चौबत्तिया में यह तीसरा भारत-अमेरिकी सेना अभ्‍यास है।

गत वर्षों के दौरान दोनों देशों ने यह फैसला किया था कि संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यासों का दायरा बढ़ाया जाए। युद्ध अभ्‍यास 2016 के तहत कमांड पोस्‍ट एक्‍सरसाइज सहित इंफेंट्री सेना ने विभिन्‍न अभ्‍यास किए जिसमें दोनों देशों के विशेषज्ञों ने पारस्‍परिक हितों से संबंधित विषयों पर चर्चा भी की।मेजर जनरल आर.के. रैना ने अपने संबोधन में अभ्‍यास को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए दोनों देशों के सैन्‍य दलों को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध निरंतर प्रगाढ़ हो रहे हैं। दोनों देशों के दलों ने जिस लगन और भाईचारे के साथ अभ्‍यास किया, उसे आगे की रणनीति साझेदारी को मजबूती मिलेगी। उन्‍होंने कहा कि आज दोनों देश उग्रवाद और अंतरराष्‍ट्रीय आतंकवाद जैसी विघटनकारी शक्तियों से मुकाबला कर रहे हैं। अभ्‍यास के दौरान एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की जो क्षमता नजर आई है वह आवश्‍यकता पड़ने पर वास्‍तविकता में बदली जा सकती है।
अमेरिकी सेना के मेजर जनरल थॉमस जेम्‍स ने कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच सैन्‍य संबंध इतने प्रगाढ़ पहले कभी नहीं थे और इस अभ्‍यास से दोनों देशों की सेनाओं के बीच संबंध मजबूत होंगे। उन्‍होंने कहा कि क्षेत्रीय विकास और स्थिरता के लिए भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संबंधों का मजबूत होना बहुत आवश्‍यक है। एक दूसरे को जानने और एक दूसरे पर भरोसा करना संयुक्‍त ऑपरेशन के लिए जरूरी होता है।
संयुक्‍त अभ्‍यास ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्‍त की है। इस अभ्‍यास से दोनों सेनाओं की आपसी समझ बढ़ी है जिससे भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण योजनाओं पर स्‍टेट चैनलाइजिंग एजेंसियों का प्रभाव नजर आने लगा है: मुख्‍तार नकवी

अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण योजनाओं पर स्‍टेट चैनलाइजिंग एजेंसियों का प्रभाव नजर आने लगा है: मुख्‍तार नकवी


अल्‍पसंख्‍यक मामलों के राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्‍य मंत्री श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा है कि निर्धन, कमजोर वर्गों तथा अल्‍पसंख्‍यकों के संबंध में विकास एजेंडा को प्रथमिकता दिया जाना महत्‍वपूर्ण है ताकि हर प्रकार के नकारात्‍मक एजेंडे को परास्‍त किया जा सके। वे आज यहां राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक विकास एवं वित्‍त निगम (एनएनडीएफसी) के इंटरऐक्टिव वॉयस रिस्‍पॉन्‍स सिस्‍टम के शुभारंभ तथा निगम की स्‍टेट चैनलाइजिंग एजेंसियों के वार्षिक सम्‍मेलन के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। श्री नकवी ने कहा कि सरकार अल्‍पसंख्‍यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा विश्‍वास और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है। उन्‍होंने कहा कि इस दिशा में मंत्रालय सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। 

श्री नकवी ने कहा कि अल्‍पसंख्‍यकों के विकास के लिए नई योजनाओं की घोषणा से कहीं अधिक उनकी कल्‍याण योजनाओं का प्रभावशाली क्रियान्‍वयन जरूरी है। सरकार मैदानी स्‍तर पर योजनाओं के प्रभावशाली कार्यान्‍वयन के लिए हर प्रयास कर रही है। सीखो और कमाओ, नई मंजिल, नई रोशनी जैसी योजनाएं अल्‍पसंख्‍यकों के सशक्तिकरण की गारंटी प्रदान करती हैं। इसके अलावा अल्‍पसंख्‍यकों को केंद्रीय सरकार की अन्‍य योजनाओं से भी फायदा हो रहा है, जिनमें मेक इन इंडिया, स्‍किल इंडिया, प्रधानमंत्री जनधन योजना, मुद्रा योजना, उज्‍जवला योजना शामिल हैं। 

मंत्री महोदय ने कहा कि अल्‍पसंख्‍यकों के लिए कल्‍याण योजनाओं के कार्यान्‍वयन में लापरवाही को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही न हों, बल्कि मैदानी स्‍तर पर भी नजर आनी चाहिए। इस संबंध में सरकारी अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्‍हें मैदानी स्‍तर तक लोगों के पास जाना होगा और प्रत्‍येक कल्‍याण योजनाओं की उचित निगरानी करनी होगी ताकि उनके लाभ समाज के अंतिम व्‍यक्ति तक पहुंच सकें।

श्री नकवी ने कहा कि एनएमडीएफसी के कार्यक्रमों और योजनाओं के प्रति लक्षित समूहों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए अधिक समेकित प्रयासों की आवश्‍यकता है। इस उद्देश्‍य के लिए जागरूकता कैम्‍पों का आयोजन किया जा सकता है। 

प्रक्रियाओं को सरल बनाने और ऋण की मंजूरी में होने वाले विलंब को कम करने की आवश्‍यकता है। हितधारकों के चयन के लिए आधार एवं केवाईसी का उपयोग, आवेदकों द्वारा प्रमाण पत्रों का स्‍वप्रमाणीकरण तथा हितधारकों के बैंक खाते में ऋण का सीधा हस्‍तांतरण एनएमडीएफसी द्वारा उठाए गए कुछ कदम हैं। इसके जरिये योजनाओं का कार्यान्‍वयन अधिक पारदर्शी होता है और हितधारकों को सुविधा प्राप्‍त करने में कोई अड़चन नहीं आती। 

इस अवसर पर श्री नकवी ने एनएमडीएफसी के कार्यक्रमों और योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए एक टोल-फ्री नम्‍बर की भी शुरुआत की। उन्‍होंने एनएफडीएफसी की पत्रिका का पहला उर्दू संस्‍करण ‘परवाज’ का विमोचन भी किया।

2016-17 के लिए अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय और एनएमडीएफसी के बीच एक सहमति-पत्र पर हस्‍ताक्षर भी किए गए। एनएमडीएफसी को 2016-17 के दौरान अपनी स्‍टेट चैनेलाइजिंग एजेंसियों को 467 करोड़ रुपये वितरित करने का लक्ष्‍य भी दिया गया ताकि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के योग्‍य निर्धन सदस्‍यों को कम दरों पर ऋण दिया जा सके। 
दिल्‍ली के स्‍मारकों और पर्यटन स्‍थलों को देखने के लिए दिव्‍यांग बच्‍चों के लिए विशेष;-डॉ. महेश शर्मा

दिल्‍ली के स्‍मारकों और पर्यटन स्‍थलों को देखने के लिए दिव्‍यांग बच्‍चों के लिए विशेष;-डॉ. महेश शर्मा



विश्‍व पर्यटन दिवस 2016 के अवसर पर आज यहां पर्यटन एवं संस्‍कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा ने दिल्‍ली के स्‍मारकों, ऐतिहासिक स्‍थानों और धरोहर स्‍थलों का दौरा करने के लिए विकलांग बच्‍चों के वास्‍ते दर्शनीय स्‍थल पर्यटन संबंधी एक बस को झंडी दिखाकर रवाना किया। इसका आयोजन पर्यटन मंत्रालय ने किया है। नई दिल्‍ली के मिंटो रोड स्थित दीनदयाल उपाध्‍याय दिव्‍यांग बाल विद्यालय के दूसरी और छठवीं कक्षा के 35 दिव्‍यांग छात्रों ने इस दर्शनीय स्‍थल पर्यटन में हिस्‍सा लिया तथा दिल्‍ली के कई स्‍मारकों, ऐतिहासिक स्‍थानों और धरोहर स्‍थलों को देखा।

विश्‍व पर्यटन दिवस 2016 की विषयवस्‍तु: सबके लिए पर्यटन !! - “सार्वभौम सुगमता संवर्द्धन है
इस अवसर पर डॉ. महेश शर्मा ने कहा पर्यटन तक सबकी पहुंच वास्‍तव में ऐसे वातावरण का सृजन है जिसके तहत हम सबकी आवश्‍यकताएं पूरी की जा सकती हैं चाहे हम यात्रा में हों या अपने घर में मौजूद हों। अक्षमता दिव्‍यांगता के कारण, छोटे बच्‍चों के परिवार या बुजुर्ग आबादी के लिए यानी हमारे जीवन में कभी न कभी ये स्थिति आती है और पर्यटन तक सबकी पहुंच से हम सबको फायदा होता है।
पर्यटन सचिव श्री विनोद जुत्‍शी ने कहा विश्‍व पर्यटन दिवस के अवसर पर इस साल हमें ये मौका मिला है कि हम सार्वभौम सुगमता के वृहद लाभों के महत्‍व को हर तरफ पहुंचा सकें और पूरे समाज को इस तरफ आकर्षित कर सकें।
पर्यटन मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक (उत्‍तर भारत) श्री अरुण श्रीवास्‍तव ने सबको विश्‍व पर्यटन दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्‍होंने कहा कि इस अनोखी पहल से दिव्‍यांग छात्रों को यह अवसर  मिलेगा कि वे दिल्‍ली के महत्‍वपूर्ण स्‍मारकों, ऐतिहासिक स्‍थानों और धरोहर स्‍थलों की झलक प्राप्‍त कर सकें। इस प्रयास से पर्यटन उद्योग से संलग्‍न सभी लोगों में जागरुकता पैदा होगी और वे बाधाओं को हटा कर पर्यटन तक सबकी पहुंच बनाने में सफल होंगे।
अपनी स्‍थापना के समय से ही विश्‍व पर्यटन दिवस हर साल 27 सितंबर को मनाया जाता है। इसके द्वारा राष्‍ट्रीय और अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय को पर्यटन के महत्‍व और उसके सामाजिक, सांस्‍कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक पक्षों की जानकारी प्राप्‍त होती है। संयुक्‍त राष्‍ट संघ के कलेंडर में भी आधिकारिक रूप से इसे शामिल किया गया है। इस आयोजन से पर्यटन की क्षमताओं को रेखांकित करने का अवसर मिलता है और सतत विकास बच्‍चों को प्राप्‍त करने में इसकी योजना के बारे में पता चलता है। इसकी सहायता से आज की गहरी सामाजिक चुनौतियों को हल करने में भी मदद मिलती है।
'स्क्रब टाइफस' बीमारी से निपटने में हिमाचल प्रदेश को हर संभव मदद करेंगे;- जेपी नड्डा

'स्क्रब टाइफस' बीमारी से निपटने में हिमाचल प्रदेश को हर संभव मदद करेंगे;- जेपी नड्डा


हिमाचल प्रदेश में स्क्रब टाइफस बीमारी के रोगियों की बढ़ती संख्या और मौतों को देखते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जे पी नड्डा ने राज्य सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हिमाचल सरकार को इस स्थानिक रोग से निपटने में हर संभव मदद देने का भरोसा दिया है।
श्री नड्डा ने कहा कि केन्द्रीय मंत्रालय राज्य सरकार के अनुरोध पर एक विशेषज्ञ समिति भेजने के लिए तैयार है।
श्री नड्डा ने जोर देकर कहा कि मंत्रालय बहुत ही बारीकि से इस पर नजर बनाए हुए है और यदि जरूरत हुई तो इस स्थिति से निपटने के लिए मंत्रालय हिमाचल सरकार को हर तरह की मदद देगा। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल सरकार को भी अवगत करा दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने समुदाय स्तर पर लोगों द्वारा किए जाने वाले निवारक कदम के बारे में कठोर जागरूकता अभियान शुरू करने की जरूरत पर बल दिया साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों को सजग और किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने का भी निर्देश दिया एवं स्क्रब टाइफस के बारे में जागरूकता फैलाने, रोकथाम और नियंत्रण के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में भी जानकारी रखने को कहा है।
स्क्रब टाइफस ओरियेंटिया सुतसुगामुसी जीवाणु के कारण होने वाली एक गंभीर बीमारी है जो मिट्टी में मौजूद संक्रमित लार्वा घुन के काटने से फैलता है। हिमाचल एक ऐसा स्थानिक क्षेत्र है जहां स्क्रब वनस्पति प्रचुर मात्रा में पाई जाती है।
प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना से बढ़ेगा देश में अनुसंधान और नवीन खोजः- प्रकाश जावड़ेकर

प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना से बढ़ेगा देश में अनुसंधान और नवीन खोजः- प्रकाश जावड़ेकर



केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर ने आज कहा कि शीघ्र ही लोगों को घरों में अच्छे शिक्षकों से पढ़ने का अवसर मिलेगा। ऐसा संभव होगा डीटीएच और केबल टीवी के माध्यम से। इसमें कोई भी शिक्षक यदि किसी एक विषय में अच्छा है तो उसे भी पढ़ाने का अवसर मिलेगा। साथ ही छात्रों को भी अच्छे शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सकेगा। इसके लिए डीटीएच और केबल टीवी आपरेटर्स ने भी रुचि दिखाई है।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी चाहते हैं कि देश में अच्छा अनुसंधान हो। इसके लिए हम प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना को प्रभावी बनाएँगे जिससे देश के प्रतिभावान अनुसंधानकर्ता विदेश न जाकर यहीं पर नवीन खोजों को अंजाम दे सकें। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम ‘जागरण कुलपति फोरम-उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षाः वर्तमान और भविष्य’ में शिरकत करते हुए विश्वविद्यालयों के उपस्थित कुलपतियों से अपील भी की कि देश की संपन्नता अच्छे रिसर्च और नवीन खोजों से ही संभव है।

उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे जवान देश है और यहां के लोगों में दक्षता बहुत है। लेकिन हम देश में मेधा को इसलिए नहीं रोक पाते कि उन्हें देश में चुनौती नहीं मिल पाती जो विदेशों में मिल जाती है। लपतियों के फोरम में मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए हम उच्चतर अनुष्ठान और औद्योगिक इकाइयों को जोड़ेंगे। आने वाले 3 सालों में 20 हजार करोड़ रुपयों की सहायता से हाई क्लास रिसर्च इनफ्रास्ट्रक्चर देश में तैयार किए जाने की योजना है। साथ ही प्रयास है कि विदेशों में बसी भारतीय मेधा न सिर्फ भारत वापस आए बल्कि यहां निवेश भी करे जिससे मेक इन इंडिया के माध्यम से रिसर्च के लिए मजबूत इनफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सके।

अपने उद्बोधन में श्री जावड़ेकर ने कहा कि आज विश्व के सारे बड़े शोधों में शामिल टीमों में भारतीय हैं लेकिन भारत के नाम पेटेंट्स नहीं हो रहे। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से कहा कि अच्छे विश्वविद्यालयों को अपने आसपास के गांवों के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों को अपने संस्थान में हफ्ते दो हफ्ते के लिए बुलाना चाहिए और उन्हें सही से विकसित करने में मदद भी करनी चाहिए।

श्री जावड़ेकर ने कहा कि देश में शिक्षा की भलाई के लिए शिक्षकों और छात्रों में अच्छा संवाद हो। केंद्र सरकार प्रतिबद्ध है कि देश में नवीन खोजों के लिए एक बेहतर वातावरण बने व यहां पर आधुनिक लैब हों। और अगर हम सिलेबस को आधुनिक नहीं करेंगे तो अच्छी शिक्षा कैसे दे पाएंगे।

हाल ही में उड़ी में हुई 18 सैनिकों की शहादत को याद करके केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि एक सैनिक की शहादत के बाद मैंने उसकी मां को बोलते सुना कि ये तो बेटे के सेना में जाने के बाद से ही एहसास था कि कभी भी शहादत हो सकती लेकिन ये दुख हुआ कि वो सोते हुए मर गया अगर बंदूक हाथ में लेकर मरता तो अच्छा होता। ये एक मां का कथन था। इसी भांति अगर हम सब मिलकर शिक्षा के विकास की ठानें तो बहुत जल्द हम भी देश में रिसर्च के क्षेत्र में अच्छे परिणाम दे सकते हैं।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री श्री महेंद्र नाथ पांडे भी उपस्थित थे। उन्होने अपने सम्बोधन में कहा कि प्राइवेट शिक्षा के स्तर के लिए मानक तय हों ऐसा प्रयास किया जाएगा, हम इसको नई शिक्षा नीति में लाने का प्रयास करेंगे।

Tuesday, September 27, 2016

विश्व पयर्टन दिवस पर उड़ाया गया हरियाणा संस्कृति का उपहास, डिस्कों पर थिरके छात्र व अध्यापक

विश्व पयर्टन दिवस पर उड़ाया गया हरियाणा संस्कृति का उपहास, डिस्कों पर थिरके छात्र व अध्यापक


फरीदाबाद 27 सितंबर (abtaknews.com ) विश्व पयर्टन दिवस पर हरियाणा में पयर्टन का बढ़ावा देने के लिए पयर्टक स्थलों को न केवल सजाया गया, बल्कि विभिन्न प्रदेश के लजिज व्यंजनों को भी ग्राहकों को परोसा गया। बच्चों के लिए खेल, मनोरंजन व दूसरे प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। ग्राहकों के मनोरंजन के लिए एक तरफ डिजे बज रहा था तो दूसरी तरफ हरियाणवीं संस्कृति के प्रतिक बनचारी की नंगाडा पार्टी अपनी बारी  आने की बाट ही जोहती रही। प्रबंधकों ने इस संस्कृति को बढ़ावा देने की बजाय आधुनिक तरीकों डिजे को ही महत्व दिया। आज से शुरू हुए तीन दिवसीय फूड फैस्टीवल का उद्धघाटन मेगपाई में आने वाली पहली महिला ग्राहक से रिबन काटकर कराया गया। तीनों दिन ग्राहकों को खाने पर पयर्टन विभाग दस प्रतिशत की छूट देगा। 


लगातार घाटे से जूझ रहे हरियाणा के पयर्टक स्थलों की ओर लोगों को आकर्षित करने के लिए पयर्टन विभाग ने विश्व पयर्टन दिवस पर अनोखी पहल की है। एक तरफ जहां पयर्टक स्थलों को सजाया-सवारा गया है, वहीं बच्चों से लेकर बड़ों तक के मनोंरंजन का भी पूरा ख्याल रखा गया है। खाने के लिए विभिन्न प्रदेशों के लजिज व्यजंनों को परोसा गया। लेकिन इस मौके पर ग्राहक कम स्कूली बच्चे ही अधिक नजर आएं और डीजे पर झूमते रहे। जबकि बंचारी से बुलाई गई नंगाडा पार्टी अपनी बारी आने की बाट ही जोहती रही। 
 पयर्टन स्थल मेगपाइ के प्रबंधक की माने तो उन्होने दूसरे स्थानों पर इस तरह के सफल आयोजन को देखकर मेगपाई में भी इसकी शुरूआत की है। तीन दिन तक चलने वाले इस विशेष फेस्टीवल में ग्राहकों को खाने पर दस प्रतिशत छूट दी जायेगी। उनके मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखा गया है। स्कूली बच्चों की पेंटिग प्रतियोगिता कराई गई है। इसके अलावा ग्राहकों को लुभाने के लिए कई प्रकार मनोंरजन के दूसरे कार्यक्रम भी रखे गए है। अलग-अलग प्रदेशों के प्रसिद्ध व्यंजनों को यहां परोसा गया है। हरियाणवी संस्कृति की उपेक्षा पर उन्होने कहा कि आज पहला दिन है, आगे बंचारी की नंगाडा पार्टी भी अपना कमाल दिखायेगी। 
बंचारी की यह वहीं नंगाडा पार्टी है, जिसकी ताल पर सूरजकुण्ड मेले में न केवल आम लोग बल्कि युवक-युवतियां भी अपने आपकों को झूूमने से नहीं रोक पाती है। लेकिन यहा उसी की उपेक्षा समझ से परे है।